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बीजेपी का असंवैधानिक कदम पासपोर्ट में अशोक का राष्ट्रीय प्रतीक को हटा कर कमल का निशान लाने की बात की

बीजेपी का असंवैधानिक कदम पासपोर्ट में अशोक का राष्ट्रीय प्रतीक को हटाने को कहा पूरे देश में इसका पुरज़ोर विरोध विपक्षी पार्टियों के भी किया इसका विरोध ।

भारत सरकार के इस कदम से व्यक्तियों और संगठनों को कठोर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, जो इसे अनावश्यक बताते हैं।

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर एक स्पष्टीकरण जारी किया है। हाल ही में मीडिया ब्रीफिंग में, भारत के आधिकारिक प्रवक्ता, रवीश कुमार ने कहा कि कमल के प्रतीक की छपाई नकली पासपोर्ट की पहचान करने के लिए सरकार की बढ़ी हुई सुरक्षा सुविधा का एक हिस्सा है।

उन्होंने आगे कहा कि यह कदम अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के दिशानिर्देशों के अनुसार है।

ICAO संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी है जो अपने 193 सदस्य राज्यों और उद्योग समूहों के साथ अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन मानकों और अनुशंसित प्रथाओं, और नीतियों को सुरक्षित, आर्थिक रूप से टिकाऊ और पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए काम करती है।

कमल का प्रतीक इसलिए चुना गया क्योंकि यह भारत का राष्ट्रीय फूल है। हालांकि, अन्य राष्ट्रीय प्रतीक जो भारत के अतीत और वर्तमान में एक प्राथमिक महत्व रखते हैं, उनका उपयोग पासपोर्ट के आधार पर घूर्णी आधार पर किया जाएगा।

केवल समय ही बताएगा कि यह नया कदम कितना प्रभावी है।

भारतीय पासपोर्ट में कमल का प्रतीक, अधिक सुरक्षा सुविधाएँ मिलती हैं! विदेश पासपोर्ट मंत्रालय ने कहा है कि नकली पासपोर्ट के खतरे की जांच करने के लिए भारतीय पासपोर्ट पर राष्ट्रीय फूल ‘लोटस’ अंकित किया गया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि वह अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों का उपयोग एक घूर्णी तरीके से भी करेगी। जिन लोगों को हाल ही में भारतीय पासपोर्ट प्राप्त हुआ है, साथ ही जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा लाए गए परिवर्तनों पर ध्यान देना चाहिए।

जीडीपी 5 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंची , रुपया भी 6 महीनें में सबसे कमजोर हुआ ।

जीडीपी 5 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंची ,  रुपया भी 6 महीनें में सबसे कमजोर हुआ ।

वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि पांच प्रतिशत तक लुढ़क गई। प्रमुख भारतीय क्षेत्रों में मंदी के प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे नौकरियों को ट्रिम करना जारी रखते हैं। हालाँकि, सरकार को स्वीकार करना बाकी है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है।

पिछले कुछ हफ्तों में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक मंदी से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की। वित्त वर्ष 2015 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 5 प्रतिशत तक धीमी होने के बाद ये कदम आए हैं – 25 तिमाहियों में या छह वर्षों में सबसे कम।

हालांकि, प्रमुख भारतीय क्षेत्रों में मंदी का सामना करना पड़ रहा है, जो चक्रीय घटना से कहीं अधिक है, पूर्व भारतीय प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह सहित कई अर्थशास्त्रियों ने कहा, जो भारत के सबसे प्रमुख अर्थशास्त्रियों में से एक है।

मनमोहन सिंह ने रविवार को एक वीडियो संबोधन में कहा कि इस संकट से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने के लिए सरकार को सभी “समझदार आवाजों” तक पहुंचना आवश्यक है। सिंह के बयान पर टिप्पणी करते हुए, निर्मला सीतारमण ने कहा, “उन्होंने जो कहा, उस पर मेरा कोई विचार नहीं है। उन्होंने यह कहा और मैंने इसे सुना।”

सरकार और वित्त मंत्री सीतारमण – भले ही विकास की मंदी के बारे में पर्याप्त चिंताजनक संकेत हैं – अभी तक यह स्वीकार नहीं किया गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक परेशान अवधि से गुजर रही है।

30 अगस्त को एक संवाददाता सम्मेलन में, एक रिपोर्टर ने सीतारमण को यह बताने के लिए कहा कि वित्त मंत्रालय ने बहु-क्षेत्र के संकट, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल क्षेत्र से निपटने की योजना कैसे बनाई है। कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं थी।

1 सितंबर को, चेन्नई में एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में, वित्त मंत्री का जवाब अलग नहीं था।

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या आर्थिक मंदी है, तो वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बीमार क्षेत्रों के साथ परामर्श कर रही है और स्वीकार करने से इनकार कर दिया है कि देश आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछले स्तर से कमजोर होकर 6 महीने के निचले स्तर पर आ गया है। 70.79 के पिछले क्लोजर की तुलना में, अब तक दिन के दौरान, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71.02 से 71.40 के बीच कारोबार करता था, जो 71.39 पर बंद हुआ था। वैश्विक जोखिम-रहित भावना को दर्शाते हुए, दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज चीन-अमेरिका व्यापार युद्ध के बारे में आशंका के रूप में मंदी आई, हांगकांग में विरोध प्रदर्शन और अर्जेंटीना की पेसो मुद्रा में एक दुर्घटना ने निवेशकों को बांड, सोना, और येन जैसे सुरक्षित बंदरगाह पर पहुंचा दिया।

वीडियोकॉन लोन मामला: ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर से लगातार दूसरे दिन ईडी की पूछताछ जारी

वीडियोकॉन लोन मामला: ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर से लगातार दूसरे दिन ईडी की पूछताछ जारी

आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन लोन मामले में बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर लगातार दूसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय (ई़डी) के समक्ष पेश हुई हैं। मुंबई स्थित ईडी के दफ्तर में अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे।

इससे पहले ईडी ने रविवार को भी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के प्रोमोटर वेणुगोपाल धूत को मुंबई ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया था। अधिकारियों ने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत सभी के बयानों को दर्ज किया गया। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत चंदा कोचर और वेणुगोपाल धूत के घर और दफ्तर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर तलाशी ली थी।

एजेंसी ने इस महीने की शुरुआत में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर, और धूत समेत अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। इनके खिलाफ यह मामला वीडियोकॉन समूह को दिए गए 1,875 करोड़ रुपये के लोन के दौरान बरती गई कथित अनियमितता से जुड़ा हुआ है।

ईडी के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर शुक्रवार की सुबह छापा मारा। अधिकारियों ने बताया कि वह इस मामले में और सबूतों की तलाश कर रहे हैं।

ईडी की तरफ से मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज किए जाने के पहले सीबीआई ने इस मामले में शिकायत दर्ज की थी। सीबीआई ने अपनी शिकायत में चंदा कोचर, दीपक कोचर और धूत के साथ उनकी कंपनियों, वीडियोकॉन इंटरनैशनल इलेक्ट्रॉनिक्स और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को भी शामिल किया था।

डायबिटीज के मरीजों लिए खुशखबरी, अब लार से ब्लड शुगर का पता लगाएगा खास सेंसर

डायबिटीज के मरीजों लिए खुशखबरी, अब लार से ब्लड शुगर का पता लगाएगा खास सेंसर

नई दिल्ली । वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पेपर सेंसर बनाने में सफलता हासिल की है जो लार की मदद से ब्लड शुगर का स्तर पता लगाने में सक्षम है। अभी शुगर की जांच के लिए खून की बूंद का इस्तेमाल किया जाता है। किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इंकजेट टेक्नोलॉजी की मदद से इस सेंसर को तैयार किया है। इसके लिए कागज पर सूक्ष्म इलेक्ट्रॉड बनाए गए और उसके ऊपर विशेष एंजाइम ‘ग्लूकोज ऑक्सीडेज’ की परत लगाई गई।

डायबिटीज के मरीजों लिए खुशखबरी, अब लार से ब्लड शुगर का पता लगाएगा खास सेंसर
                           डायबिटीज के मरीजों लिए खुशखबरी, अब लार से ब्लड शुगर का पता लगाएगा खास सेंसर

वैज्ञानिकों ने बताया कि लार में उपस्थित ग्लूकोज और इस एंजाइम के बीच होने वाले बायोकेमिकल रिएक्शन से इलेक्टिक सिग्नल पैदा होता है। इसकी मदद से ब्लड शुगर के स्तर का आकलन किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने कहा कि एंजाइम को कागज पर प्रिंट करने में कई चुनौतियां हैं। इन्हें दूर करते हुए बेहतर सेंसर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयोग के शुरुआती नतीजे उत्साहजनक रहे हैं। वैज्ञानिक अलग-अलग एंजाइम के प्रयोग की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।

डायबिटीज एक ऐसा रोग है, जिस पर अगर नियंत्रण न किया गया, तो यह कई रोगों और स्वास्थ्य समस्याओं को बुलावा देता है। अनियंत्रित डायबिटीज के कारण कालांतर में हाई ब्लड प्रेशर, हृदय और किडनी आदि से संबंधित रोग होने का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन कुछ सजगताएं बरतकर इस मर्ज को नियंत्रित किया जा सकता है…

जरूरी है जागरूकता 
डायबिटीज वाले व्यक्ति के रक्त में ग्लूकोज की मात्रा आवश्यकता से अधिक हो जाती है। हम जो खाना खाते हैं, वह पेट में जाकर ऊर्जा में बदलता है। उस ऊर्जा को हम ग्लूकोज कहते हैं। खून इस ग्लूकोज को हमारे शरीर के सारे सेल्स (कोशिकाओं) तक पहुंचाता है, परंतु ग्लूकोज को हमारे शरीर में मौजूद लाखों सेल्स के अंदर पहुंचाना होता है। यह काम इंसुलिन का है। इंसुलिन हमारे शरीर में अग्नाशय (पैन्क्रियाज) में बनता है। इंसुलिन के बगैर ग्लूकोज सेल्स में प्रवेश नहीं कर सकता।

शुगर का स्तर
सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में खाली पेट रहने पर रक्त में शुगर का स्तर 70 से 99 एम.जी. / डी.एल. रहता है। खाने के बाद यह स्तर 139 एम.जी. / डी.एल. से कम होता जाता है, पर डायबिटीज हो जाने पर यह स्तर सामान्य नहीं हो पाता। डायबिटीज के मुख्य रूप से दो प्रकार हैं- टाइप 1 और टाइप 2 ।

Ind vs Aus: वनडे सीरीज़ के लिए हुआ भारतीय टीम का एलान, धौनी की वापसी

Ind vs Aus: वनडे सीरीज़ के लिए हुआ भारतीय टीम का एलान, धौनी की वापसी

मेलबर्न। मौजूदा टेस्ट सीरीज़ के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जानी वाली वनडे सीरीज़ के टीम इंडिया का एलान हो गया है। तीन मैचों की इस वनडे सीरीज़ का 12 जनवरी से होगा। एकदिवसीय सीरीज़ का पहला मैच सिडनी में खेला जाएगा। इसी के साथ-साथ न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेली जानी वाली टी-20 सीरीज़ के लिए भी भारतीय खिलाड़ियों के नाम का एलान हो गया है।

बीसीसीआइ ने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर चुने गए खिलाड़ियों के नाम की जानकारी दी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए महेंद्र सिंह धौनी की वापसी हुई है वहीं रिषभ पंत को वनडे टीम से बाहर कर दिया गया है। धौनी को वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 सीरीज के दौरान आराम दिया गया था। चयन समिति प्रमुख एमएसके प्रसाद पहले ही साफ कर चुके है कि धौनी विश्व कप 2019 के लिए विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद हैं।

वनडे सीरीज़ में इन खिलाड़ियों को मिली जगह

रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, एम एस धौनी, हार्दिक पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, खलील अहमद और मोहम्मद शमी।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज़ के लिए टीम

रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, शिखर धवन, अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक, केदार जाधव, एम एस धौनी, हार्दिक पांड्या, रिषभ पंत, क्रुणाल पांड्या, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद।

IRCTC से टिकट बुक करने के बाद, इस तरह बदलें अपना बोर्डिंग स्टेशन

भारतीय रेलवे के आधिकारिक ई-टिकट सेवा प्रदान करने वाली IRCTC से अगर आपने टिकट बुक किया है और अपना बोर्डिंग प्वाइंट बदलना चाहते हैं तो आपको कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करना होगा। कभी-कभी ऐसा होता है कि हमने बोर्डिंग प्वाइंट कहीं का दिया होता है और हमें कहीं और से ट्रेन बोर्ड करना होता है तो ऐसे में यात्री IRCTC के ऐप या वेबसाइट से अपने बोर्डिंग प्वाइंट को बदल सकते हैं

बोर्डिंग प्वाइंट बदलने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स

सबसे पहले अपने IRCTC के वेबसाइट या मोबाइल ऐप में लॉग-इन करें।

इसके बाद बुकिंग टिकट हिस्ट्री को नेविगेट करें।

ऐसा करते ही आपको IRCTC अकाउंट से बुक किए गए सभी टिकट दिखाई देंगे। इसमें अपकमिंग जर्नी सेक्शन भी दिखाई देगा।

अब आप जिस टिकट का बोर्डिंग प्वाइंट बदलना चाहते हैं उसे सेलेक्ट करें।

इसके बाद रेडियो बटन पर टैप या क्लिक करते ही आपके बुक किए हुए टिकट के बोर्डिंग प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन तक के सभी स्टेशन दिखाई देंगे। आप इनमें से जिस स्टेशन से ट्रेन बोर्ड करना चाहते हैं वो सेलेक्ट कर लें।

इसके बाद चेंज बोर्डिंग प्वाइंट बटन पर टैप या क्लिक करें और सबमिट कर दें।

ऐसा करते ही आपके टिकट पर बोर्डिंग प्वाइंट बदल जाएगा। आप टिकट को प्रिंट या एसएमएस कर सकते हैं और नए बोर्डिंग प्वाइंट से ट्रेन को बोर्ड कर सकते हैं।

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