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एसबीआई की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि आरसीईपी घरेलू उत्पादकों को मार सकता है यदि भारत क्षमताओं का निर्माण करने में विफल रहता है

 क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) (ब्रुनेई, कंबोडिया, ब्रुनेई, कंबोडिया, , के दस सदस्य देशो के बीच एक प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है) थाईलैंड, वियतनाम) और इसके छह एफटीए साझेदार (चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड)

भारत प्रस्तावित मेगा व्यापार सौदे, क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) के लाभों को फिर से प्राप्त करेगा, यदि यह क्षमताओं का निर्माण करता है। अन्यथा यह घरेलू उत्पादकों पर प्रतिकूल प्रभाव देखने का खतरा पैदा करता है, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शोध रिपोर्ट से सावधान करता है।

SBI Ecowrap की रिपोर्ट बैंकाक, थाईलैंड में RCEP के वार्ता भागीदारों की महत्वपूर्ण बैठक से एक दिन पहले आई है। 16 आरसीईपी वार्ता करने वाले देशों के नेताओं को उनकी सात साल की लंबी वार्ता के परिणाम की घोषणा करने के लिए 4 नवंबर को मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने 2018-19 में 15 अन्य आरसीईपी सदस्यों में से 11 के साथ $ 107.28 बिलियन के साथ एक व्यापारिक व्यापार घाटा चलाया। भारत का समग्र व्यापार घाटा 2018-19 में $ 184 बिलियन था। इसमें कहा गया है कि 2018-19 में भारत का 34 प्रतिशत आयात इस क्षेत्र से हुआ, जबकि निर्यात का केवल 21 प्रतिशत इस क्षेत्र में गया। “खंड-वार आयात और निर्यात को ध्यान में रखते हुए, भारत कृषि और संबद्ध उत्पादों, कपड़ा, जवाहरात और आभूषणों में व्यापार अधिशेष चलाता है। हालांकि, यह अन्य वस्तुओं में हमारे घाटे की तुलना में ऋणात्मक है। एक चिंताजनक बात यह भी है कि छोटे अधिशेष भी। एसबीआई के समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने कहा कि भारत आरसीईपी का हिस्सा बनने के बाद इन क्षेत्रों को घाटे में बदल सकता है।

रिपोर्ट बताती है कि अगर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया डेयरी उत्पादों पर ड्यूटी कम करने में सफल होते हैं तो भारत का दूध और डेयरी उत्पाद आयात बढ़ सकता है। इसके अलावा, आशंका है कि चीन से सस्ते इलेक्ट्रॉनिक और इंजीनियरिंग सामानों के आयात से विनिर्माण क्षेत्र पर असर पड़ने वाले आरसीईपी में और बढ़ोतरी हो सकती है।

पार समझौतों की बहुलता व्यापार ढांचे में जटिलता की ओर अग्रसर है। साथ ही, एक अध्ययन के अनुसार, भारत की एफटीए की उपयोग दर बहुत कम है। अधिकांश अनुमानों ने इसे 25 फीसदी से कम रखा है। एफटीए के बारे में जानकारी का अभाव, वरीयता के कम मार्जिन, देरी और मूल, गैर-टैरिफ उपायों के नियमों से जुड़ी प्रशासनिक लागत, कम करने के प्रमुख कारण हैं ”, यह कहता है।

केवल समझौतों में प्रवेश करने और टैरिफ में कमी पर ध्यान केंद्रित करने से तब तक मदद नहीं मिलेगी जब तक कि भारत प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उच्च मूल्य वाले सामान बनाने का काम नहीं करता है। रिपोर्ट के अनुसार आरसीईपी में प्रवेश करने से पहले इन सभी कारकों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाओं के लिए हानिकारक हो सकता है क्योंकि यह इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग जैसे उच्च अंत सामानों के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने से चूक सकता है।

आरसीईपी की वार्ता 20 आसियान सदस्यों और 6 आसियान एफटीए भागीदारों (ऑस्ट्रेलिया, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना, भारत, जापान, कोरिया और न्यूजीलैंड के गणराज्य) के नेताओं द्वारा 20 दिसंबर को कम्बोडिया में नोम पेन्ह में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के अवसर पर शुरू की गई थी। नवंबर 2012. वार्ता कई दौर से गुजरी और उम्मीद है कि इस वर्ष इस सौदे पर सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। सभी में, बातचीत के लिए 25 अध्याय हैं, जिनमें से अधिकांश पर सहमति हुई है।

178 साल पुरानी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक हुई दिवालिया, खतरे में 22 हजार नौकरियां।

178 साल पुरानी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक हुई दिवालिया, खतरे में 22 हजार नौकरियां।

कंपनी के अचानक बंद होने से छुट्टियां मनाने घर से निकले करीब 1.50 लाख लोग जहां-तहां फंस गए हैं। दुनियाभर में इसके 22 हजार कर्मचारियों की नौकरी भी संकट में आ गई है। इनमें से 9000 कर्मचारी ब्रिटेन में हैं।

ब्रिटेन की 178 साल पुरानी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ने कारोबार बंद करने की घोषणा कर दी है। आर्थिक संकट से जूझ रही कंपनी ने निजी निवेश और सरकार से बेलआउट पैकेज प्राप्त करने में असफलता के बाद कहा है कि तत्काल प्रभाव से कंपनी ने अपने कारोबार को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने सभी हॉलिडेज, फ्लाइट बुकिंग को रद्द किए जाने की घोषणा की है। कंपनी ने दुनियाभर के ग्राहकों के लिए सहायता नंबर +44 1753 330 330 जारी किया है।

दुनियाभर में इसके 22 हजार कर्मचारियों की नौकरी भी संकट में आ गई है। इनमें से 9000 कर्मचारी ब्रिटेन में हैं।

कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि कारोबार जारी रखने के लिए उसे 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर की जरूरत है, जबकि पिछले महीने कंपनी 90 करोड़ पाउंड हासिल करने में कामयाब रही थी। निजी निवेश जुटाने में असफल रही कंपनी को सरकार के हस्तक्षेप से ही बचाया जा सकता था।

थॉमस कुक ने 1841 के ट्रैवल इंडसट्री में कदम रखते हुए कंपनी की स्थापना की थी। वह ब्रिटेन के शहरों के बीच टेंपरेंस सपॉर्टर्स को ट्रेन के जरिए पहुंचाता था। जल्द कंपनी विदेशी ट्रिप्स कराने लगी। 1855 में कंपनी पहली ऐसी ऑपरेटर बनी जो ब्रिटिश यात्रियों को एस्कॉर्ट ट्रिप पर यूरोपीय देशों में ले जाती थी। इसके बाद 1866 में कंपनी अमेरिका ट्रिप सर्विस देने लगी और 1872 में पूरी दुनिया के टूर सर्विस देने लगी।

यूके की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) ने कहा है कि थॉमस कूक ने अब कारोबार बंद कर दिया है और रेगुलेटर व सरकार अगले दो सप्ताह में 150,000 से अधिक ब्रिटिश ग्राहकों को घर वापस लाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

कंपनी के चीफ एग्जिक्युटिव ने सोमवार सुबह एक बयान जारी करते हुए कहा, “मैं अपने लाखों ग्राहकों, हजारों कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और साझेदारों से माफी मांगना चाहूंगा, जिन्होंने कई वर्षों तक हमारा साथ दिया है।” उन्होंने कहा कि यह मेरे और बाकी बोर्ड के लिए गहरे अफसोस की बात है कि हम सफल नहीं हुए।

गौरतलब है कि थॉमस कुक ने पिछले महीने रिकैपिटलाइजेशन से जुड़ी योजना को लेकर चीन की शेयरहोल्डर फोसुन के साथ एक सौदे की प्रमुख शर्तों को पर सहमति जताई थी। इस सौदे का आकार 1.1 अरब डॉलर था।

भारत दुनिया में सबसे ऊंचे “टैक्सिंग नेशंस” में से एक, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा।

भारत दुनिया में सबसे ऊंचे “टैक्सिंग नेशंस” में से एक, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा।

वॉशिंगटन: भारत दुनिया में सबसे ज्यादा “कर लगाने वाले देशों” में से एक है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल सहित अमेरिकी उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के लिए देश को फिर से पटक दिया। इस तरह का उच्च शुल्क उचित नहीं है, डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को वाशिंगटन में राष्ट्रीय रिपब्लिकन कांग्रेस कमेटी के वार्षिक स्प्रिंग डिनर के दौरान कहा।

इस साल की शुरुआत में, व्हाइट हाउस में पारस्परिक कर के लिए अपने समर्थन की घोषणा करने के लिए, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वह हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल पर आयात शुल्क को 100 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत करने के भारत के फैसले से संतुष्ट हैं। “यहां तक ​​कि यह पर्याप्त नहीं है, यह ठीक है,” उन्होंने उस समय कहा। डोनाल्ड ट्रम्प ने बार-बार दावा किया है कि भारत एक “टैरिफ किंग” है और अमेरिकी उत्पादों पर “बहुत अधिक” टैरिफ लगाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे भारत के प्रधान मंत्री (नरेंद्र) मोदी का फोन आया। वे दुनिया के सबसे ज्यादा कर लगाने वाले देशों में से एक हैं। उन्होंने हमसे 100 फीसदी टैक्स लिया।”

भारत दुनिया में सबसे ऊंचे “टैक्सिंग नेशंस” में से एक, डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा।”

“वे माल पर 100 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। इसलिए वे एक मोटरसाइकिल भेजते हैं, और वे उनमें से बहुत कुछ बनाते हैं। वे उन्हें हमारे देश में भेजते हैं, हम उनसे कुछ भी नहीं लेते हैं। हम हार्ले डेविडसन भारत भेजते हैं और वे हमसे प्रति 100 शुल्क लेते हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, “उचित नहीं। ठीक है। पारस्परिक नहीं। यह उचित नहीं है।”

नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी के वार्षिक स्प्रिंग डिनर में अपने संबोधन के दौरान, डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि कैसे उनकी व्यापार नीतियां सफलतापूर्वक अन्य देशों के साथ व्यापार के मुद्दे के संतुलन को संबोधित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार वार्ता बहुत अच्छी चल रही है। अमेरिका और चीन के शीर्ष व्यापार अधिकारी एक व्यापक व्यापार सौदे पर बातचीत करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। “मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छा कर रहे हैं। उन्हें सौदे की ज़रूरत है जितना हम करते हैं। उन्हें सौदे की ज़रूरत है।

 वे $ 50 बिलियन डॉलर के प्रौद्योगिकी सामान पर 25 प्रतिशत का भुगतान करने के साथ बुरी तरह से आहत हो रहे हैं और वे भुगतान करने जा रहे थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि $ 200 बिलियन पर 25 प्रतिशत। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उनका प्रशासन अमेरिकी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए टूटे हुए व्यापारिक सौदों को ठीक कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम चीन की पुरानी व्यापारिक दुर्व्यवहार और बौद्धिक संपत्तियों की चोरी और अन्य कई चीजों के लिए खड़े हैं जो उन्होंने हमारे साथ की हैं।”

2022 तक दुनिया के टॉप-10 मीडिया मार्केट में शामिल होगा भारत।

2022 तक दुनिया के टॉप-10 मीडिया मार्केट में शामिल होगा भारत।

दुनियाभर में 2022 तक देश के शीर्ष-10 मनोरंजन और मीडिया बाजारों में से एक बनने की उम्मीद है। एसोचैम और पीडब्ल्यूसी के एक संयुक्त अध्ययन में यह बात सामने आयी है। अध्ययन में कहा गया है कि 2022 तक देश में मीडिया और मनोरंजन पर प्रति व्यक्ति व्यय 32 डॉलर यानी 2,080 रुपये होने की उम्मीद है। कुछ अनुमानों के आधार पर भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता ओटीटी बाजार है। 2022 तक ओटीटी बाजार में भारत शीर्ष 10 में शामिल होगा। ओटीटी से आशय ‘ओवर द टॉप’ से है। आमतौर पर इसे ऑनलाइन मनोरंजन के रूप में समझा जाता है। इसमें मांग करने पर मनोरंजन सामग्री की आपूर्ति के रूप में भी देखा जाता है। देश में मीडिया बाजार 2017 में 30.36 अरब डॉलर का रहा जो 2022 में 52.68 अरब डॉलर होने की उम्मीद है।

भारत में वीडियो ऑन डिमांड सर्विस के कई ऑप्शन उपलब्ध होने के कारण उपभोक्ताओं की आदतें बिगड़ी हैं। देश में बढ़ते स्मार्टफोन यूजर्स और डाटा की खपत के चलते वीडियो ऑन डिमांड सर्विस का विकास होगा।भारत के मेट्रो शहरों में ट्रैफिक की समस्या का फायदा भी इस इंडस्ट्री को मिला है। यूजर्स ट्रैफिक के दौरान वीडियो देखने में ज्यादा समय बिताते हैं।

ओला और ऊबर जैसी कैब सर्विस ने भी व्हीकल में टैबलेट इंस्टॉल किए हैं, जिसे यूजर बिना कोई एक्सट्रा चार्ज दिए इस्तेमाल कर सकता है।

भारत में ओटीटी मार्केट में सबसे बड़ा नाम हॉटस्टार का है। इसके अलावा अन्य कंपनियों में वूट, सोनी लिव, नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और आल्ट बालाजी शामिल हैं। अरे और यपटीवी जैसे स्टार्टअप भी ओटीटी मार्केट का हिस्सा हैं।

दिल्ली: पांच जनवरी से शुरू होगा अंतरराष्ट्रीय विश्व पुस्तक मेला

नई दिल्लीः नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले (एनडीडब्ल्यूबीएफ) का 27वां संस्करण पांच से 13 जनवरी तक प्रगति मैदान में किताब प्रेमियों को रोमांचित करने के लिए तैयार है. संयुक्त अरब अमीरात का शारजाह, 2019 पुस्तक मेले का विशिष्ट अतिथि है. आयोजकों ने गुरुवार को कहा कि भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) व नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) पुस्तक मेले के सह आयोजक हैं. पुस्तक मेले की थीम ‘रीडर्स विद स्पेशल नीड्स’ रखी गई है, जो खासतौर पर बच्चों के लिए है.

मेले का उद्घाटन मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर करेंगे. एनबीटी के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, “इस थीम के पीछे विचार यह है कि सम्मान व समानता की भावनाएं पैदा हों, सहानुभूति नहीं.” उन्होंने कहा कि इसका मकसद दिव्यांग लोगों के योगदान को कला, संस्कृति व साहित्य में योगदान के लिए प्रेरित करना है. उन्होंने कहा कि मेले के थीम पवेलियन में विशेष तौर पर ब्रेल किताबें, ऑडियो किताबें, प्रिंट-ब्रेल किताबें, लोगों व बच्चों व दिव्यांग लोगों के लिए प्रदर्शित की जाएंगी.

एक अंतर्राष्ट्रीय विकलांगत फिल्म महोत्सव ‘वी केयर’ में 27 देशों द्वारा 47 फिल्म स्क्रीनों पर प्रदर्शन होगा. इन देशों में भारत, कनाडा, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, घाना, हांगकांग व कई यूरोपीय देश शामिल हैं. इस मेले का आयोजन 7 से 12 हॉल में होगा. एनडीडब्ल्यूबीएफ 1972 से इस साहित्यिक व सांस्कृतिक समारोह को आयोजित कर रहा है. प्रगति मैदान में निर्माण व नवीनीकरण के कारण जगह की कमी व कुल जगह का सिर्फ 22 फीसदी होने के बावजूद आईटीपीओ के कार्यकारी निदेशक दीपक कुमार ने कहा कि इस संस्करण में कई वैश्विक स्टालों के बीच दो दर्जन से ज्यादा भारतीय भाषाओं के स्टाल दिखेंगे.
पुस्तक मेले में शारजाह अतिथि प्रतिभागी है. शारजाह अपने पवेलियन में किताबों, साहित्यिक आयोजन, प्रकाशकों के संवाद, किताबों का विमोचन, कविता पाठ व बच्चों की गतिविधियां आयोजित करेगा. मेले में आने वाले लोग पवेलियन के बाहर अमीराती लोक बैंड का भी आनंद ले सकेंगे. पुस्तक मेले के लिए टिकट ऑनलाइन बुकमाईशो की वेबसाइट से लिए जा सकते हैं. इन्हें प्रगति मैदान से भी प्राप्त किया जा सकता है. टिकट का मूल्य बच्चों के लिए दस रुपये व वयस्कों के लिए बीस रुपये है.

सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाने वाली कंपनी का दाम 50 करोड़ रुपये लगाया

भारत सरकार की पब्लिक सेक्टर की कंपनी सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक उपकरण बनाती है, सरकार ने उसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है। सरकार ने इतनी अहम कंपनी का दाम भी महज 50 करोड़ रुपये रखा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी को कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है। अब देखिये शर्त भी क्या रखी है। कम से कम तीन साल पुरानी कोई भी कंपनी हो, इससे ज्यादा पुरानी कंपनी है तो वह पिछले तीन साल से लाभ में चल रही हो और यदि कोई एक कंपनी इसे नहीं खरीदना चाहे तो छोटे-मोटे उद्योग चलाने वाले 4-5 लोग मिलकर भी एसईएल को खरीद सकते हैं।

तकनीकी दक्षता नहीं है तो भी चलेगा। कर्मचारी और अधिकारी डेढ़ माह से आंदोलन कर रहे हैं कि इसे निजी हाथों में न सौंपा जाए, मगर सरकार अपने फैसले से पीछे हटती नहीं दिख रही है। सीईएल ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव नेपाल सिंह सैनी, वीरेंद्र कुमार और किरण पाल भारती ने यह बात कही है।

इनके मुताबिक, 44 साल से यह कंपनी डिफेंस के लिए अनेक सीक्रेट उपकरण बना रही है। इसके अलावा कंपनी द्वारा रेलवे सिग्नल प्रणाली, बॉर्डर एरिया और नक्सल क्षेत्र में काम आने वाले सर्विलांस उपकरण आदि बनाए जाते हैं।कंपनी ने सैन्य सुरक्षा से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन उत्पाद, जिनका अभी तक आयात किया जाता रहा है, को विकसित करना शुरू किया है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े संस्थान बीईएल व डीआरडीओ द्वारा भी इस कंपनी से कई उपकरण तैयार कराए जाते हैं।नेपाल सैनी के मुताबिक, साल 2017-18 में कंपनी का शुद लाभ 22 करोड़ रुपया था।इसके बावजूद केंद्र सरकार इस कंपनी को निजी हाथों में और वह भी गैर-तकनीकी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।

गाजियाबाद के औधोगिक क्षेत्र साहिबाबाद स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के बाहर धरने पर बैठी इंजीनियर एसोसिएशन का कहना है कि अब हमारे सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।वीरवार को एसोसिएशन ने रफ़ी मार्ग पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिक मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को लेकर ज़ोरदार
प्रदर्शन किया था।

MSME सेक्टर को रफ्तार देंगी ये नई योजनाएं, जानिये उद्यमियों को मिलेगा क्या लाभ

लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लांच की गई योजनाएं एमएसएमई सेक्टर को पूरी तरह बदल देंगी। जीएसटी और नोटबंदी की मार से बेहाल उद्यमियों को इन झटकों से बाहर निकलने के लिए सरकार ने बड़ी संजीवनी दी है।

केन्द्र सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के लिए एक दर्जन से अधिक बड़ी योजनाओं की शुक्रवार को घोषणा की। इनसे लघु और मध्यम उद्योगों को बुनियादी स्तर पर लाभ होगा। इन योजनाओं से न सिर्फ वह अपनी मशीनरी को अपग्र्रेड कर सकेंगे बल्कि पूंजी की समस्या का भी हल निकल सकेगा। सबसे बड़ा लाभ उन्हें माल की बिक्री में मिलेगा। सरकारी विभागों के टेंडर के लिए एमएसएमई से खरीद की सीमा बढ़ा दी गई है। जैम योजना से लघु और मध्मय उद्यमी सीधे सरकार को माल बेच सकेंगे। उपायुक्त उद्योग योगेश कुमार ने बताया कि गवर्नमेंट ई मार्केट (जैम) योजना से जुडऩे के लिए विभाग द्वारा टे्रनिंग दी जा रही है। बुधवार को इसकी जानकारी दी जाती है। उद्यमी डीआइसी कार्यालय आकर अपने उत्पादों को पोर्टल पर अपलोड कर सकता है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई लोन के लिए मिलने वाली दो फीसद छूट और उद्यमियों की छूट सीमा का लाभ ऑनलाइन दिया जाएगा।

केन्द्र सरकार द्वारा लांच की गई गवर्नमेंट ई-मार्केट (जैम) पोर्टल का सबसे अधिक फायदा लघु और मध्यम उद्योगों को हो रहा है। इसके तहत उद्यमी अपने उत्पाद की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करते हैं। केन्द्र सरकार सहित 27 राज्यों ने अपने सभी टेंडर में जैम पोर्टल से खरीदारी को अनिवार्य कर दिया है। इससे सभी सरकारी टेंडरों का लाभ छोटे उद्यमी उठा रहे हैं। अब उन्हें अपने उत्पाद को बेचने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ रहा केन्द्र सरकार इस पोर्टल से सभी बड़ी ई कॉमर्स कंपनियों को भी जोड़ रही है।

वित्तीय नतीजे / विप्रो को जुलाई-सितंबर में 1889 करोड़ रु का मुनाफा, पिछले साल से 14% कम

बेंगलुरु. देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी विप्रो को जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,889 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। यह जुलाई-सितंबर 2017 के 2,191.80 करोड़ रुपए के मुकाबले 13.8% कम है। हालांकि, रेवेन्यू 8.32% बढ़कर 14,541 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल यह 13,423.40 करोड़ रुपए था। कंपनी ने बुधवार को बोर्ड मीटिंग के बाद नतीजे घोषित किया।

आईटी सर्विस रेवेन्यू 4.9% बढ़ा

आईटी सर्विस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 4.9% बढ़कर 14,377 करोड़ रुपए रहा। अप्रैल-जून तिमाही में यह 13,700 करोड़ रुपए था। कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा आईटी सर्विस से ही आता है। हालांकि, आईटी सेगमेंट के एबिट में कमी आई है। यह 2,100 करोड़ रुपए रहा। अप्रैल-जून में यह 2,397 करोड़ रुपए था।

चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक से दिया इस्तीफा

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई के प्रबंध संचालक पद से चंदा कोचर ने इस्तीफा दे दिया है। कोचर के खिलाफ वीडियोकॉन समूह को गलत तरीके से कर्ज देने का आरोप लगा था। इस मामले में चंदा और उनके पति के शामिल होने की आशंका की लंबे समय से जांच हो रही है। अब बैंक ने संदीप बख्शी को बैंक का नया प्रबंध निदेशक और सीईओ बना दिया है।

बैंक के शेयरों में उछाल 
शेयर बाजार में इस खबर के आने के बाद आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। बैंक का शेयर 316.95 रुपये पर कारोबार करते हुए देखा गया। इससे पहले यह 300 रुपये प्रति शेयर पर खुला था।

सरकार का बड़ा ऐलान : देना, विजया और बैंक ऑफ बड़ौदा का होगा विलय, बनेगा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक

नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों-बैंक आफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का आपस में विलय किया जाएगा. इसके साथ देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा. यह निर्णय बैंकों की कर्ज देने की ताकत उबारने और आर्थिक वृद्धियों को गति देने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. उल्लेखनीय है कि पिछले साल भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी पांच अनुषंगी इकाइयों का स्वयं में विलय किया था. साथ ही महिलाओं के लिये गठित भारतीय महिला बैंक को भी मिलाया था. योजना की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि इससे बैंक मजबूत और मजबूत होंगे तथा उनकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी. विलय के कारणों को बताते हुए उन्होंने कहा बैंकों की कर्ज देने की स्थिति कमजोर होने से कंपनियों का निवेश प्रभावित हो रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि कई बैंक नाजुक स्थिति में है और इसका कारण अत्यधिक कर्ज तथा फंसे कर्ज (एनपीए) में वृद्धि है. उन्होंने कहा, ‘‘विलय के बाद अस्तित्व में आनी वाली इकाई बैंक गतिविधियां बढ़ाएंगी.’’ एसबीआई की तरह विलय से तीनों बैंकों के कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.

सरकार की 21 बैंकों में बहुलांश हिस्सेदारी है. इन बैंकों की एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की बैंक परिसपंत्ति में दो तिहाई से अधिक हिस्सेदारी है. हालांकि इसके साथ इन सार्वजनिक बैंकों का फंसे कर्ज में भी बड़ी हिस्सेदारी है. इस डूबे कर्ज के कारण क्षेत्र प्रभावित है और वैश्विक बासेल-तीन पूंजी नियमों के अनुपालन के लिये अगले दो साल में करोड़ों रुपये चाहिए. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे. ‘इस विलय से परिचालन दक्षता और ग्राहकों की मिलने वाली सेवा बेहतर होगी.

उन्होंने कहा कि विलय के बाद अस्तितव में आने वाला बैंक तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा पैमाने की मितव्ययिता के साथ मजबूत प्रतिस्पर्धी होगा. कुमार ने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियो के हितों तथा ब्रांड इक्विटी का संरक्षण किया जाएगा. कुमार ने कहा कि देना बैंक, विजया बैंक और बैंक आफ बड़ौदा के पूंजी समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा.

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