all

अब इस पूर्व ओपनर ने की रवि शास्त्री को हटाने की मांग

नई दिल्ली:|इंग्लैंड दौरे में हाल ही में टेस्ट सीरीज में 4-1 से मिली करारी शिकस्त के बाद कोच रवि शास्त्री प्रशंसकों से  लेकर पूर्व क्रिकेटरों की आंखों में कांटे की तरह चुभने लगे हैं. और अगर इस पर भी कुछ कसर बाकी बची थी, तो वह बाद में रवि शास्त्री के बयानों ने पूरी कर दी. शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने हार के बाद ऐसे बयान दिए, जो अभी भी चर्चा का विषय बने हुए हैं. और आम से लेकर खास तक हर कोई इन बयानों की जमकर खिल्ली उड़ा रहा है.

सीरीज में हार के बाद रवि शास्त्री ने कहा था कि टीम विराट पिछले 15 सालों में इंग्लिश जमीं पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम है. जैसे ही बयान आया, तो पहले सुनील गावस्कर ने शास्त्री को नसीहतें दीं. और इसके बाद तो सिलसिला शुरू हो गया. रवि शास्त्री को कोच पद से हटाने की आवाज भी सुनाई देने लगी. और अब इन लोगों में पूर्व ओपनर चेतन चौहान का नाम भी शामिल हो गया है.

चेतन चौहान ने साफ कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवि शास्त्री को मुख्य कोच पद से हटा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि शास्त्री बहुत अच्छे कमेंटेटर हैं और उन्हें उनका यही काम करना चाहिए. चौहान किसी कार्यक्रम में थे और उन्होंने पूर्व क्रिकेटरों की तरफ से शास्त्री को हटाने की मांग पर यह जवाब दिया.

चौहान ने कहा कि निश्चित ही टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे में बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था. दोनों ही टीमें करीब-करीब बराबरी की थीं, लेकिन भारतीय टीम इंग्लैंड के पुछल्लों की काट नहीं निकाल सकी.  इसके अलावा चौहान ने चौहान ने शास्त्री को उस बयान के लिए भी आड़े हाथ लिया, जिसके तहत भारतीय कोच ने कहा था कि भारत विश्व में दौरा करने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम है. इस पर चौहान ने कहा कि मैं शास्त्री से सहमत नहीं हूं. साल 1980 में विदेशी दौरा करने वाली भारतीय टीम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थी.

एशिया कप में भारत के आसारों पर चौहान ने कहा कि यहां टीम से बेहतर परिणाम की उम्मीद है. अनुभव और युवा खिलाड़ियों से सुसज्जित यह भारतीय टीम एक संतुलित टीम है. बता दें कि चौहान से पहले सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने भी शास्त्री को कोच पद से हटाने की मांग की थी.

SL vs BAN: पहले मैच में बांग्लादेश ने दिल के साथ मैच भी जीता

नई दिल्ली, जेएनएन। एशिया कप 2018 के पहले ग्रुप मुकाबले में बांग्लादेश ने श्रीलंका को 137 रन से हराकर टूर्नामेंट में अपना आगाज जीत के साथ किया। बांग्लादेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज करते हुए मुश्फिकुर रहीम के शतक की बदौलत 261 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम केवल 124 रन ही बना सकी। बांग्लादेश की तरफ से मुर्तजा, रहमान और मेहदी हसन ने 2-2 विकेट लिए।

पहले खेलते हुए बांग्लादेश की तरफ से सबसे ज्यादा रन रहीम ने बनाए उन्होंने 144 रन की पारी खेली, वहीं श्रीलंका की तरफ से मलिंगा सबसे सफल गेंदबाज रहे। लगभग एक साल बाद टीम में वापसी कर रहे मलिंगा ने 4 विकेट लिए।

ऐसे धराशायी हुई श्रीलंका की पारी

मुस्ताफिजुर रहमान ने पारी के दूसरे और अपने पहले ही ओवर में श्रीलंका को पहला झटका दिया, रहमान ने कुशल मेंडिस को एलबीडबल्यू आउट किया।। इसके बाद मुर्तजा ने उपुल थरंगा को क्लीन बोल्ड कर अपनी टीम को दूसरी सफलता दिलाई। मुर्तजा ने ही श्रीलंका टीम को तीसरा झटका दिया, उन्होंने धनंजय डिसिल्वा को एलबीडबल्यू आउट किया। ऑफ स्पिनर मेहदी हसन ने श्रीलंका को चौथा झटका दिया, इस गेंदबाज ने खतरनाक बल्लेबाज कुसल परेरा को LBW कर पवेलियन भेजा। इसके बाद शनाका रन आउट होकर अपने टीम के लिए और मुसीबत बढ़ा कर चले गए।

इसके बाद श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज रूबेल हुसैन का शिकार बनें। रूबेल ने मैथ्यूज को एलबीडबल्यू आउट कर श्रीलंका को छठा झटका दिया। कप्तान के जाने के बाद तिसारा परेरा भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं रूके और मेहदी हसन का शिकार बन गए। श्रीलंका को 8वां झटका मुस्ताफिजुर रहमान ने दिया, उन्होंने लकमल को बोल्ड कर पवेलियन भेजा।

श्रीलंका ने गंवाए 10 विकेट

मैच की पहली पारी में बांग्लादेश को पहला झटका जल्दी ही लग गया। पारी की पहले ओवर की पांचवीं गेंद पर ही लसिथ मलिंगा ने बांग्लादेश के ओपनर बल्लेबाज लिटन दास को कुशल मेंडिस के हाथों कैच आउट करवा दिया। लिटन दास अपना खाता भी नहीं खोल पाए। मलिंगा ने अपने पहले ओवर की आखिरी गेंद पर दूसरा विकेट ले लिया। उन्होंने ओपनिंग बल्लेबाजी करने आए शाकिब अल हसन को भी शून्य पर आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद मलिंगा ने बांग्लादेश को तीसरा झटका देते हुए मिथुन का कुसल परेरा के हाथों कैच आउट करवाया।

स्पिनर अपेंसो ने  महमुदुल्लाह को आउट कर बांग्लादेश का चौथा विकेट लिया। मलिंगा ने मोसादेक हुसैन को आउट कर अपना चौथा और बांग्लादेश का 5वां विकेट लिया। सुरंगा लकमल ने बांग्लादेश को छठा झटका दिया उन्होंने अपनी ही गेंद पर मेहदी हसन को आउट किया। इसके बाद डिसिल्वा ने मशरफे मोर्तजा को पवेलियन भेज अपनी टीम को 7वां झटका दिया। डिसिल्वा ने इसके बाद रूबेल हुसैन को एलबीडबल्यू आउट कर अपनी टीम को 8वीं सफलता दिलाई। मुस्ताफिजुर रहमान रन आउट हुए तो अंत में रहीम परेरा की गेंद पर कुसल मेंडिस को कैच हुए। मोसादेक हुसैन ने श्रीलंका को 9वां झटका दिया, उन्होंने दिलरूवान परेरा को स्टंप आउट करवा 9वां विकेट लिया।

मुस्ताफिजुर रहीम का शतक

बांग्लादेश की हालात और खराब हो सकती थी अगर रहीम शतक नहीं लगाते। रहीम ने अपनी करियर का छठा शतक लगाते हुए अपनी टीम का स्कोर 250 के पार पहुंचाया। रहीम ने अपनी 144 रन की पारी में 11 चौके और 4 छक्के लगाए।

एक साल बाद मलिंगा की वापसी

श्रीलंका ने इस मैच के लिए वनडे टीम में एक वर्ष के बाद वापसी करने वाले सीनियर तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा को शामिल किया गया था। बांग्लादेश की कमान मशरफे मुर्तजा के हाथों में है वहीं श्रीलंका टीम की कप्तानी ऑलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज कर रहे हैं। चोटिल शाकिब अल हसन को बांग्लादेश के अंतिम ग्यारह में जगह दी गई है।

एशिया कप में श्रीलंका का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है। इस टीम ने अब तक पांच बार ये खिताब अपने नाम किया है जबकि बांग्लादेश एक बार भी ऐसा करने में अब तक कामयाब नहीं हो पाया है। इस बार श्रीलंका व बांग्लादेश को अफगानिस्तान के साथ ग्रुप बी में रखा गया है।

इस बार एशिया कप में सुपर ओवर का विकल्प रखा गया है। यानी अगर मैच टाई हो जाता है तो फैसला सुपर ओवर के जरिए होगा। यानी अब टूर्नामेंट में संयुक्त विजेता कोई नहीं बनेगा। इस सुपर ओवर के दौरान खिलाड़ियों की तरफ से बनाए जाने वाले रन या विकेट उनके रिकॉर्ड में शामिल नहीं होंगे। पहले सुपर ओवर को टी 20 क्रिकेट में लाया गया था बाद में आइसीसी टूर्नामेंट्स में भी इसका प्रयोग किया जाने लगा।

बांग्लादेश की टीम- 

तमीम इकबाल, लिटोन दास, शाकिब अल हसन, मुस्ताफिजुर रहीम, महमुदुल्लाह, मो. मिथुन, मोसादेक हुसैन, मेंहदी हसन, मशरफे मोर्तजा, रूबेल हुसैन, मुस्ताफिजुर रहमान।

श्रीलंका का टीम-

उपुल थरंगा, धनंजय डीसिल्वा, कुशल परेरा, कुशल मेंडिस, एंजेलो मैथ्यूज, थिसारा परेरा, दनुष शनाका, लासिथ मलिंगा, सुरंगा लकमल, अमिला अपेंसो, दिलरूवान परेरा।

कोलकाता की बागरी मार्केट में लगी भीषण आग, दमकल की 30 गाड़ियां मौजूद

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कैनिंग स्ट्रीट स्थित बागरी मार्केट में भीषण आग लग गई, जिससे करोड़ों की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि रविवार तड़के करीब 2.45 बजे बागरी मार्केट की पांच मंजिला इमारत में आग लग गई। इस इमारत में चार सौ के करीब दुकानें, जिसमें 170 दुकानें दवा की है। फिलहाल आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 30 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। अभी तक किसी भी तरह के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

जानकारी के मुताबिक बागरी बाजार में जहां आग लगी है, वह काफी सघन बिल्डिंग वाला इलाका है। जिस इमारत में आग लगी है उसके आसपास कई और इमारतें हैं। बताया जा रहा है कि इस कारण से दमकल की गाड़ियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस बाजार में मुख्य रूप से दवा, प्लास्टिक के सामान, कास्टमेटिक आइटम, परफ्यूम समेत कई अन्य सामानों का थोक कारोबार होता है।

मौके पर पहुंच अग्निशमन मंत्री व मेयर शोभन चटर्जी ने कहा कि आसपास कई इमारतें होने के कारण ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास जल्द से जल्द आग पर काबू पाना है और हम इसके लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। मेयर ने कहा कि इस हादसे में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, आग बुझाने के दौरान एक दमकल कर्मी के जख्मी होने की खबर है। मौके पर कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग की वजह से बिल्डिंग में दरार आ गई है, जिससे दीवारें ढहने की आशंका बन गई है।

समय से अग्निशमन इंजन के मौके पर नहीं पहुंचने का आरोप

स्थानीय व्यवसायी व लोगों का कहना है कि आग रात 2:45 बजे पहली मंजिल स्थित एक दुकान से धुआं निकलते हुए देखकर इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई। लेकिन सूचना देने के काफी देर बात अग्निशमन इंजन मौके पर पहुंचा, जिससे पहली मंजिल से तीसरी मंजिल तक फैल गई। कहा जा रहा है कि बिल्डिंग में गैस सिलेंडर भी था, जिससे धमाके भी हुए। दवा की दुकानों में आग लगने की वजह से पूरे इलाके में कैमिकल का गंध फैल रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

आग पर जल्द काबू पा लिया जाएगाः सीएम

अग्निकांड को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अग्निशमन के ३० इंजन मौके पर है आग को काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द आग को बुझा लिया जाएगा। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

शनिवार की रात व छुट्टी के दिनों में ही अधिक होते हैं अग्निकांड

कहा जा रहा है कि कोलकाता में अब तक जितने भी बड़े मार्केट में अग्निकांड हुए हैं उनमें से अधिकांश में आग शनिवार की रात या फिर अन्य छुट्टी के दिनों में ही लगती है। यह वर्षों से रहस्य बना हुआ है।

नंदराम मार्केट अग्निकांड की याद हुई ताजी

इससे पहल बागरी माक्रेट से महज कुछ सौ मीटर दूर पर स्थित नंदराम मार्केट में इसी तरह भीषण अग्निकांड हुआ था जिसकी आग पर काबू पाने में सौ घंटे से अधिक समय लग गए थे।

आर्थिक बदहाली के बाद अब बंद होगा बीटल कार का प्रोडक्शन, कभी हिटलर की थी पसंद

नई दिल्‍ली । जर्मनी की कार निर्माता कंपनी वोक्सवैगन अब अपनी बीटल कार का उत्‍पादन बंद करने वाली है। 2019 में इस कार का अंतिम उत्‍पादन किया जाएगा। आपको बता दें कि बीटल कार कभी जर्मनी के तानाशाह हिटलर की सबसे पसंदीदा कार हुआ करती थी, लेकिन अब यह आर्थिक बदहाली का शिकार हो गई है। यही वजह है कि कंपनी ने इसका उत्‍पादन बंद करने का फैसला किया है। जर्मनी में इसने कभी आम लोगों की कार के रूप में पहचान बनाई थी। बीते सात दशकों में भी इसको लेकर लोगों का क्रेज काफी था।

हिटलर के आदेश पर तैयार हुई थी कार
दरअसल, 1933 में एडोल्फ हिटलर ने फर्डिनांड पोर्श को एक ऐसी कार विकसित करने का आदेश दिया था जो आम लोगों की पसंद बने और उनकी जेब के हिसाब से सही हो। इसके लिए उन्‍होंने वोक्सवैगन जिसका जर्मनी में अर्थ “पीपुल्स कार” का नाम दिया था। हिटलर को एक ऐसी कार की जरूरत थी जिसको 100 किमी की रफ्तार से दौड़ाया जा सके और जिसमें चार लोगों के बैठने की सुविधा उपलब्‍ध हो। पॉर्श ने हिटलर के संरक्षण में 1937 में सार्वजनिक वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगनवर्क यानी आम लोगों की कार बनाने वाली फैक्ट्री (कंपनी) गठित की थी।

इरविन पर थी डिजाइन की जिम्‍मेदारी
इस कार के डिजाइन और स्टाइल की जिम्मेदारी पोर्श के मुख्य डिजाइनर इरविन कोमेंडा पर थी। लेकिन यह उत्पादन केवल तभी सार्थक साबित हुआ जब इसे थर्ड रीच का वित्त समर्थन प्राप्त हुआ। लेकिन इसका उत्‍पादन बड़े पैमाने पर हो इससे पहले ही युद्ध शुरू हो गया और इसके निर्माण कार्य रोककर कंपनी ने सैन्य वाहनों का निर्माण शुरू कर दिया था।

वर्ल्‍डवार के बाद दी प्राथमिकता
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी के वाहन उद्योग को बदहाली से बाहर निकालने के लिए फॉक्सवैगन को प्राथमिकता दी। सेडान बीटल को अमेरिका में पहली बार 1950 के दशक में उतारा गया था। नाजी जर्मनी से जुड़ाव के कारण तब इसकी बिक्री काफी कम रही थी। 1959 में विज्ञापन एजेंसी डॉयले डेन बर्नबैक ने कार को नये सिरे से पेश किया और इसके छोटे आकार को उपभोक्ताओं के लिए फायदा बताकर प्रचारित किया। हिटलर की पसंदीदा इस कार को डिजनी की 1968 की फिल्म ‘दी लव बग’ से खासी लोकप्रियता मिली। इस फिल्म में एक ऐसी फॉक्सवैगन कार की कहानी थी जो खुद सोच सकती थी।

बीटल एलबम ‘एब्बी रोड’
अंतिम बीटल एलबम ‘एब्बी रोड’ की पृष्ठभूमि में भी यह सबसे मुख्य कार रही थी। हालांकि अमेरिका में 1979 में बीटल की बिक्री बंद कर दी गयी लेकिन मैक्सिको और ब्राजील में इसका उत्पादन जारी रहा। 1997 में अमेरिकी बाजार में ‘न्यू बीटल’ को पेश किया। लोगों के ऊपर इस कार के क्रेज का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 1999 में बीसवीं सदी में दुनिया की सबसे प्रभावशाली कार के लिए जो सर्वे किया गया उसमें बीटल को चौथा स्‍थान मिला था।

 

लगातार बढ़ती गई प्रतिष्‍ठा
विश्वसनीयता और मजबूती के क्षेत्र में बीटल की प्रतिष्ठा लगातार पूरी दुनिया में बढ़ती गई। 1960 के दशक में बीटल की बिक्री में काफी तेजी आई। 1972 को बीटल का रिकॉर्ड उत्‍पादन हुआ। 1973 में इसकी 16 मिलियन कार बनाई गईं। वहीं 1992 तक 21 मिलियन से अधिक का उत्पादन हुआ था। 2009 तक बीटल दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बन चुकी थी। 1951 में वोक्सवैगन के प्रोटोटाइप में 1.3 एल डीजल इंजन का इस्तेमाल किया गया। इस कार ने महज एक मिनट के अंदर 100 किमी प्रतिघंटा की स्‍पीड़ कायम कर एक नई पहचान बनाई।

क्‍यों हो रही बंद
लेकिन इतने गौरवशाली इतिहास को संजोने वाली यह कार अब बंद क्‍यों हो रही है इसका सवाल लगभग हर किसी के मन में उठ रहा है। हम आपको बता दें कि कंपनी ने इसका जवाब अब दे दिया है। कंपनी ने इसका उत्‍पादन बंद करने के पीछे जो तर्क दिया है उसमें कहा गया है कि कंपनी अब इलेक्ट्रिक वाहनों तथा बड़े परिवारों को ध्यान में रखकर अपनी कार तैयार करेगी। कंपनी ने कहा कि उसकी योजना बीटल के दो अंतिम संस्करण पेश करने की है। इसकी कीमत 23,045 डॉलर या इससे अधिक हो सकती है। अब जबकि कंपनी ने इसका उत्‍पादन बंद करने का फैसला कर लिया है तो कुछ लोगों के लिए यह फैसला पसंद न आने वाला जरूर होगा। इसकी वजह ये भी है कि आम लोगों की पहुंच वाली इस कार से जर्मनी के लाखों लोगों की कई पुरानी यादें जुड़ी हैं।

क्या एशिया कप में विराट की जगह नंबर तीन पर इस बल्लेबाज को मौका देंगे रोहित शर्मा ?

नई दिल्ली। एशिया कप का खिताब अपने पास इस बार बरकरार रखना भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती है। विराट की कप्तानी में पिछली बार एशिया कप का खिताब जीतने वाली टीम इंडिया की कमान इस बार रोहित के हाथों में है और इस टीम को जीत के दावेदार के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि विराट के नहीं खेलने से टीम की बल्लेबाजी पर उसका असर तो जरूर पड़ेगा लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिकार किस बल्लेबाज को उनकी जगह यानी नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है।

इस वक्त टीम में मौजूद खिलाड़ियों में से इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिए सबसे उपयुक्त बल्लेबाज मनीष पांडे ही नजर आते हैं। मनीष पांडे इस वक्त अच्छी फॉर्म में भी हैं साथ ही उन्होंने इंडिया बी के लिए लिस्ट ए के मैचों की आखिरी पांच पारियों में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 300 से भी ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने ये रन ऑस्ट्रेलिया ए, दक्षिण अफ्रीका ए और इंडिया ए के खिलाफ बनाया था। इस दौरान उन्होंने एक बार भी अपना विकेट नहीं गंवाया।

इस बार एशिया कप में फैंस की निगाहें धौनी पर भी टिकी होंगी। धौनी ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान काफी धीमी बल्लेबाजी की थी और इसके लिए उनकी जमकर आलोचना हुई थी। धौनी को अब फीनिशर की भूमिका से आजाद करना ही अच्छा होगा और इसके लिए उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी करानी चाहिए। इस नंबर पर धौनी पर ज्यादा दबाव भी नहीं होगा और वो खुलकर बल्लेबाजी कर सकते हैं। धौनी ने नंबर चार पर हमेशा ही अच्छी बल्लेबाजी की है। वो इस क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 27 पारियों में 1000 से ज्यादा रन बना चुके हैं और उनका औसत 56 का जबकि स्ट्रॉइक रेट 94.98 का रहा है। धौनी का ये फेवरेट पोजीशन है और उन्हें इस नंबर पर बल्लेबाजी करने देना टीम के हित में होगा।

अगर धौनी नंबर चार पर बल्लेबाजी के लिए आते हैं तो टीम में फीनिशर की भूमिका केदार जाधव और हार्दिक पांड्या को निभानी पड़ेगी। हालांकि अगर धौनी अपने क्रम पर कुछ रन बना लेते हैं तो उनके पास ये ताकत है कि डेथ ओवर्स में वो कमाल कर सकते हैं। हालांकि धौनी की बल्लेबाजी को देखकर कुछ लोगों को लगता है कि उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल नहीं किया जाना चाहिए लेकिन धौनी अपने अनुभव से टीम के कप्तान रोहित की मदद भी कर सकते हैं। सिमित ओवर के क्रिकेट में धौनी का अनुभव खास तौर पर उनकी डीआरएस लेने की क्षमता लाजबाव है। इसके अलावा विकेट के पीछे से भी धौनी कमाल करते रहते हैं साथ ही टीम के गेंदबाजों को बल्लेबाजों के हिसाब से गेंदबाजी के लिए भी प्रेरित करते रहते हैं। धौनी की मैदान पर होना भारतीय टीम के हित में कई तरह से होगा।

मुलायम को मैनपुरी से सेक्युलर मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़ाएंगे शिवपाल

लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी सेक्युलर मोर्चा के संयोजक शिवपाल सिंह यादव मानते हैैं कि अब सपा से सुलह के रास्ते पूरी तरह बंद हैैं लेकिन, बड़े भाई मुलायम सिंह यादव की आशीर्वाद मिलने की उनकी उम्मीदें बरकरार हैैं। यही वजह है कि शनिवार को उन्होंने एलान किया कि वह मुलायम सिंह को मैनपुरी से लोकसभा चुनाव लड़वाएंगे। शिवपाल ने कहा कि वह मोर्चा की ओर से चुनाव लडऩे की पेशकश करेंगे लेकिन, यदि नेताजी किसी और दल से भी चुनाव लड़ते हैैं तो सेक्युलर मोर्चा उनका सहयोग करेगा। यही नहीं, उन्हें मोर्चा के अध्यक्ष पद का ऑफर भी दिया जाएगा।

फिलहाल मोर्चा के विस्तार की कोशिश

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि मैैंने नेताजी का आशीर्वाद लेकर ही यह कदम उठाया है और अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। समान विचारधारा के जितने भी दल हैैं, उनसे बातचीत चल रही है और सपा के भी बहुत से पूर्व विधायक उनके साथ आएंगे। जल्द ही उनकी ओर से चुनाव आयोग में आवेदन कर अलग दल की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। फिलहाल वह मोर्चा के विस्तार की कोशिश में जुटे हुए हैैं।

शिवपाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने सारे विकल्प खुले रखे हैं। बसपा से गठबंधन की विकल्प भी इसमें शामिल है। इस सवाल पर कि उन्हें भाजपा के के नजदीक माना जा रहा है, उन्होंने कहा कि भाजपा से अगड़े-पिछड़े सभी नाराज हैं। मोर्चा भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगा। अमर सिंह के इस बयान पर कि भाजपा से उनकी बात हुई थी, उन्होंने कहा कि इस बात से ही साफ है कि मेरी निष्ठा किस विचारधारा में है। कहा कि भाजपा का जनाधार गिरा है और इसका फायदा मुझे मिलेगा।

विधायकी से इस्तीफा क्यों दूं  

मोर्चा के गठन के बाद गाड़ी से समाजवादी पार्टी का झंडा उतार देने वाले शिवपाल ने इस सवाल पर कि क्या आप विधायकी से भी इस्तीफा देंगे? उन्होंने कहा कि इस्तीफा क्यों दूं। अभी तो मैैंने सपा से भी इस्तीफा नहीं दिया है। वह चाहे तो मुझे निकाल दें।

एशिया कप के लिए रवाना हुए टीम इंडिया, देखें प्लेन में धौनी की युवा खिलाड़ियों के साथ मस्ती

मुंबई। कप्तान रोहित शर्मा सहित भारतीय क्रिकेट टीम के सीमित ओवर के विशेषज्ञ कुछ अन्य विशेषज्ञ खिलाड़ी एशिया कप में भाग लेने के लिए गुरुवार को दुबई रवाना हुए। इन खिलाड़ियों में पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी भी शामिल हैं। इस टूर्नामेंट में छह टीमें 50 ओवर के प्रारूप में खेलेंगी, जो शनिवार से शुरू होगा।

ऑलराउंडर केदार जाधव ने ट्विटर पर रोहित, धौनी, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव के साथ फोटो पोस्ट की। जाधव हैमस्टिंग की चोट के बाद हुई सर्जरी के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी कर रहे हैं। यह चोट उन्हें इस साल इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबले के दौरान लगी थी।

View image on Twitter
वहीं चहल और कुलदीप ने धौनी के साथ फोटो पोस्ट की है।
View image on Twitter

बीसीसीआइ अधिकारी ने कहा कि कुछ खिलाड़ी गुरुवार को एशिया कप के लिए रवाना हुए, जबकि अन्य भी जल्द ही उनसे जुड़ जाएंगे। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरूआत 18 सितंबर को हांगकांग के खिलाफ करेगी, इसके बाद उसका सामना अगले दिन चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। मालूम हो कि 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत को हराकर पाकिस्तान ने बड़ा मंच हासिल किया था। अब भारत के सामने उस हार का जवाब देने का सुनहरा मौका है।

वहीं, टूर्नामेंट का पहला मुकाबला बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच दुबई में 15 सितंबर को खेला जाएगा। फिलहाल टीम इंडिया इस दौरे के लिए पूरी ताकत के साथ अभ्यास में लगी हुई है।

जासूसी कांड में बरी हुए इसरो के पूर्व वैज्ञानिक,SC का आदेश: 50 लाख का मुआवजा दें

नई दिल्ली, पीटीआई। देश की सर्वोच्च अदालत ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी को अनावश्यक बताया है। कोर्ट ने जासूसी कांड के आरोप में दोषमुक्त हुए नंबी नारायणन की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें बेवजह गिरफ्तार किया गया और मानसिक प्रताड़ना दी गई। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने 76 वर्षीय नारायणन को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया।

बता दें कि पूर्व वैज्ञानिक नंबी ने केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यू और दो रिटायर्ड पुलिस अफसरों के खिलाफ उन्हें बिना किसी कारण गिरफ्तार करने को लेकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि संदेह के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया जिसके चलते उनका करियर खराब हो गया। हालांकि केरल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की कोई जरूरत नहीं है।

क्या है इसरो जासूसी कांड
इसरो जासूसी कांड साल 1994 का वह मामला है जिससे भारत की अंतरिक्ष के क्षेत्र की तरक्की 15 साल पिछड़ गई। इसरो उस समय क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन पर काम कर रहा था और वह उसे बनाने के बिल्कुल करीब था। तभी उसकी तकनीक के लीक होने की चर्चा उड़ गई और उसकी केरल पुलिस ने एसआइटी जांच शुरू करा दी।इसी जांच के दौरान क्रायोजेनिक इंजन विभाग के प्रमुख नंबी नारायणन गिरफ्तार कर लिए गए और अनुसंधान का काम पटरी से उतर गया। भारत के पिछड़ने का सीधा लाभ अमेरिका और फ्रांस को मिला। शक जताया गया कि इसरो जासूसी कांड का ताना-बाना अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए ने बुना और भारत का रास्ता बाधित किया।

Some in NDA don’t want Modi as PM again: Upendra Kushwaha

RLSP chief and Union Minister of State for HRD Upendra Kushwaha on Friday said that some people in the BJP-led NDA did not want to see Narendra Modi as the Prime Minister again in 2019.

Kushwaha refused to reveal the names of such people and said everything will be known at the appropriate time.

“In NDA (National Democratic Alliance), there are some people who don’t want Modiji to become the Prime Minister again. Such people intentionally spread rumours to trigger conflicts wit ..

सेंसेक्स 212 अंक चढ़कर 37930 पर, शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। शुक्रवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार की बढ़त के साथ शुरुआत हुई है। करीब 9.45 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का इंडेक्स सेंसेक्स 212 अंक चढ़कर 37930 के स्तर पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का इंडेक्स निफ्टी 79 अंक की तेजी के साथ 11448 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 1.19 फीसद और स्मॉलकैप में 1.29 फीसद की बढ़त देखने को मिल रही है।

वैश्विक बाजार का हाल

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार की आशंका कम होने के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़त देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 0.92 फीसद की तेजी के साथ 23032 के स्तर पर, चीन का शांघाई 0.13 फीसद की गिरावट के साथ 2683 के स्तर पर, हैंगसैंग 0.81 फीसद की बढ़त के साथ 27232 के स्तर पर और ताइवान का कोस्पी 1.26 फीसद की तेजी के साथ 2315 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते सत्र में अमेरिकी बाजार तेजी के साथ कारोबार कर बंद हुआ है। प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.57 फीसद की बढ़त के साथ 26145 के स्तर पर, एसएंडपी500 0.53 फीसद की बढ़त के साथ 2904 के स्तर पर और नैस्डैक 0.75 फीसद की तेजी के साथ 8013 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

रियल्टी शेयर्स में खरीदारी

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी को छोड़ सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खरीदारी रियल्टी शेयर्स (2.41 फीसद) में देखने को मिल रही है। बैंक (0.86 फीसद), ऑटो (0.88 फीसद), फाइनेंशियल सर्विस (0.99 फीसद), एफएमसीजी (0.26 फीसद), मेटल (1.70 फीसद), फार्मा (1.62 फीसद), पीएसयू बैंक (1.71 फीसद) और प्राइवेट बैंक (0.82 फीसद) की तेजी देखने को मिल रही है।

हिंदपेट्रो टॉप गेनर

निफ्टी में शुमार दिग्गज शेयर्स की बात करें तो 40 हरे निशान और 10 गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा तेजी हिंदपेट्रो, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस, बीपीसीएल, पावरग्रिड और आईओसी के शेयर्स में है। वहीं, गिरावट एचसीएलटेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल और टीसीएस के शेयर्स में है।

Translate »