all

सावधान: OLA और UBER के नाम पर यात्रियों को बंद कार में लूट रहे हैं बदमाश

सावधान: OLA और UBER के नाम पर यात्रियों को बंद कार में लूट रहे हैं बदमाश

नई दिल्ली । OLA और UBER की सर्विस का इस्तेमाल हम आए दिन करते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण इसकी तेज सर्विस और इसमें मिलने वाली सुरक्षा है, लेकिन अगर आपको पता चले कि OLA और UBER की सवारी आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है, तो आप क्या करेंगे? दरअसल हाल में एक गिरोह का पता चला है जो OLA कैब सर्विस के नाम पर लूट की वारदात को अंजाम दे रहा था।

22 दिसंबर को यूपी पुलिस के हाथ एक ऐसा गिरोह लगा जो अब तक करीब 200 वारदातों को OLA सर्विस के नाम पर अंजाम दे चुका है। दरअसल नोएडा सेक्टर-39 की पुलिस ने 4 लोगों की एक गैंग को लूटपाट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि ये चारों बदमाश लोगों को OLA कैब के नाम पर लूट रहे थे।

इस पूरी वारदात को ऐसे समझते हैं कि चार लोगों ने एक गिरोह बनाया। यह गिरोह OLA का स्टीकर लगाकर तीन गाड़ियों को चला रहा था। इन तीनों कारों को अलग-अलग रास्तों पर चलाया जाता था। जब भी कोई इस कार में सवारी करता था, तो ये लोग उस व्यक्ति को लूट लेते थे।

दरअसल पुलिस ने बताया कि OLA सर्विस में ड्राइवर से लेकर रूट तक की सारी जानकारी मिलती है, लेकिन इन कारों के ड्राइवर और रूट का पता नहीं चलता था। इसका एक मात्र कारण इन कारों का लूट से पहले OLA से खुद को डिस्कनेक्ट करना था।

पुलिस ने बताया कि यह गैंग रात को काम करता था। इसका शिकार वो लोग होते थे, जो जल्दबाजी में OLA का टैग देखकर इस कार में बैठ जाते हैं। खास बात यहां यह थी कि इन चार लोगों में एक ड्राइवर बन जाता था और बाकी के तीन खुद को यात्री के तौर पर दिखाते थे। इससे कोई भी आम ग्राहक आसानी से चकमा खा जाता था। ये लोग लूटपाट करके यात्री को बाहक फेंक देते थे।

दिल्ली में रोज ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, 2-3 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचा तापमान

दिल्ली में रोज ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, 2-3 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचा तापमान

नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से कांप रहा है। दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का दौर शुक्रवार को भी जारी है। आलम यह है कि ठंड रोजाना रिकॉर्ड तोड़ रही है। इस बीच 1.4 डिग्री तापमान के साथ दिल्ली से सटा गुरुग्राम सबसे सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 दिसंबर को दिल्ली का तापमान 2 से 3 डिग्री तक जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो पिछले कई सालों का रेकॉर्ड टूट जाएगा। साल के अंत तक ठंड का प्रकोप इसी तरह बना रहेगा।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान चार डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार एक जनवरी तक शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। दोपहर को चंद घटे के लिए ही लोगों को सर्दी और ठिठुरन से कुछ राहत मिलती है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली का न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री तक जा सकता है। अधिकतम तापमान में भी अब गिरावट आएगी।  इससे पहले बृहस्पतिवार को दिल्ली का तापमान महज 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 27 दिसंबर के दिन इतना कम तापमान पिछले सात सालों में कभी नहीं रहा।

बृहस्पतिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। लोदी रोड यह 3.6 डिग्री, जबकि आया नगर में 3.7 डिग्री रहा। गुरुग्राम में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह घना कोहरा छाया रहा। हवा में नमी का स्तर भी 45 से 100 फीसद रहा।

उधर स्काईमेट के अनुसार आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कोई प्रभावी मौसम सिस्टम विकसित नहीं हो रहा है। ऐसे में अभी दिल्ली को राहत मिलने वाली नहीं है। दिल्ली-एनसीआर के अधिकाश हिस्सों में शीत लहर बने रहने की उम्मीद है।

ट्रंप ने खोला राज, आखिर क्‍यों इतना सीक्रेट रखा गया था उनका इराक दौरा

ट्रंप ने खोला राज, आखिर क्‍यों इतना सीक्रेट रखा गया था उनका इराक दौरा

नई दिल्‍ली । इराक में अचानक पहुंचकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हर किसी को हैरान किया है। सीरिया और अफगानिस्‍तान से अपनी फौज को वापस बुलाने के ऐलान के बाद इराक का उनका दौरा हर किसी के लिए हैरानी का विषय बन गया है। करीब 15 वर्षों में इराक का दौरा करने वाले वह तीसरे अमेरिकी राष्‍ट्रपति हैं। वर्ष 2003 से लेकर 2008 तक राष्‍ट्रपति बुश ने करीब चार बार इराक का दौरा किया था। इसके बाद 2009 में बराक ओबामा भी गुप्‍त दौरे के तहत इराक आए थे। दरअसल, इराक में सद्दाम हुसैन का तख्‍ता पलट कर उसको फांसी की सजा देने के बाद से देश के हालात सुधरे नहीं हैं। यहां पर खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के पैर जमाने के बाद हालात और खराब हो गए थे। ऐसे में काफी समय से अमेरिकी फौज लगातार यहां पर जमी हुई है।

नहीं हुई किसी को खबर
2003 में जब राष्‍ट्रपति बुश ने इराक का दौरा किया था उस वक्‍त किसी को कानोकान इसकी खबर नहीं हुई थी। ऐसा ही इस बार भी ट्रंप के दौरे के समय हुआ। उनके इस दौरे को लेकर पूरी तरह से सीक्रेसी बनाकर रखी गई। यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि ट्रंप का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका को एक बार फिर से शटडाउन के हालात से गुजरना पड़ा है। यहां तक की सीरिया और अफगानिस्‍तान से अपनी फौज की वापसी के मुद्दे पर रक्षा मंत्री जिम मेटिस ने इस्‍तीफा तक दे दिया था।

सीरिया के लिए अमेरिका का सीक्रेट गेमप्‍लान
उन्‍होंने यहां के अल असद एयरबेस पर अपने सीरिया और अफगानिस्‍तान को लेकर लिए गए फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि आठ वर्ष पहले हम यहां पर तीन माह तक के लिए आए थे, लेकिन अब तक नहीं गए। ऐसा कभी नहीं सोचा गया था कि सीरिया में हम इतने समय या फिर हमेशा के लिए रुके रहेंगे। ट्रंप ने इस दौरान साफ कर दिया है कि उनहोंने सीरिया में छह माह और रुकने की अपने कमांडर की अपील को खारिज कर दिया है। अब इस काम को दूसरे तरीके से किया जाएगा। उनके मुताबिक सीरिया से बाहर आने के बाद अमेरिकी फौज इराक के सीमावर्ती इलाकों में अपने कमांडो तैनात करेगा जो जरूरत पड़ने पर वह सीरिया में स्‍ट्राइक के लिए तैयार रहेंगे।

दौरा छिपाने के पीछे ये थी वजह 
वर्ष 2009 में बराक ओबामा ने कहा था कि वक्‍त आ गया है कि अब इराक की जिम्‍मेदारी खुद वहां के लोग संभाले। राष्‍ट्रपति रहते हुए वह करीब चार बार अफगानिस्‍तान भी पहुंचे थे। जहां तक ट्रंप के यहां आने की बात है तो पिछले माह उनके इराक आने की चर्चा जरूर थी लेकिन बाद में इस दौरे को रद कर दिया गया था। क्रिसमस के बाद इराक पहुंचे ट्रंप ने मलेनिया के साथ यहां पर करीब 15 मिनट गुजारे थे। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान जब पत्रकारों से बात की तो उनका कहना था कि वह यहां पर इसलिए भी आए हैं क्‍योंकि पिछले कुछ समय से लगातार इस जगह की चर्चा की जाती रही है। उनके मुताबिक जब वह राष्‍ट्रपति नहीं थे तब भी यहां की चर्चा करते थे। उनका कहना था कि यहां के दौरे को छिपाए रखने के पीछे मलेनिया की सुरक्षा को लेकर उनके मन में चिंता थी। उन्‍होंने कहा कि यही वजह थी कि यहां पर आते समय विमान की कोई लाइट नहीं जल रही थी।

Paytm Mall Happy New Year Sale: स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी तक मिलेगा डिस्काउंट

Paytm Mall Happy New Year Sale: स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी तक मिलेगा डिस्काउंट

  ई-कॉमर्स वेबसाइट Paytm Mall पर इन दिनों Happy New Year Sale का आयोजन किया जा रहा है। इस सेल में आपको स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी पर डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। Paytm Mall पर यह सेल 27 दिसंबर से शुरू होकर 1 जनवरी 2019 तक चलेगी। Paytm Mall पर 6 दिनों तक चलने वाले इस सेल में यूजर्स को स्मार्टफोन्स, टीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा लैपटॉप, स्टोरेज डिवाइस और अन्य घरेलू उपकरणों पर भी ऑफर दिया जा रहा है।

स्मार्टफोन्स पर मिलने वाले ऑफर्स

Paytm Mall पर चल रहे सेल में स्मार्टफोन्स पर मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो 6,299 रुपये से शुरू होने वाले बजट स्मार्टफोन्स से लेकर मिड और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स पर भी डिस्काउंट दिया जा रहा है। जिन स्मार्टफोन्स पर डिस्काउंट ऑफर्स दिया जा रहा है उनमें Xiaomi Redmi Note 5 Pro, Xiaomi Redmi Y2, Lenovo K8 Note, Samsung Galaxy J6 (2018), Honor 9 Lite, Vivo Y83 Pro जैसे स्मार्टफोन्स शामिल हैं। हाल ही में लॉन्च हुए Redmi Note 6 Pro पर भी 310 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है। इसके अलावा Oppo A5 को 13,290 रुपये की कीमत में खरीद सकते हैं। इस फोन पर 700 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर मिलने वाले ऑफर्स

स्मार्टफोन्स के अलावा माइक्रोएसडी कार्ड पर भी 60 फीसद का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। माइक्रोएसडी कार्ड के ब्रांड की बात करें तो SanDisk, Samsung, Seagate आदि पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा 1TB के हार्ड डिस्क को 3,999 रुपये की कीमत में खरीद सकते हैं। इसपर 300 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है। SanDisk के क्लास 6 माइक्रोएसडी कार्ड को आप 1,736 रुपये की इफेक्टिव प्राइस में खरीद सकते हैं।

अप्लायंस पर मिलने वाले ऑफर्स

इस सेल में रेफ्रिजरेटर्स पर मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो 20,000 रुपये तक का कैशबैक ऑफर किया जा रहा है। स्मार्ट टीवी की बात करें तो इन पर 70 फीसद तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा वाशिंग मशीन की खरीद पर भी आपको 60 फीसद तक का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। इसके अलावा रेफ्रिजरेटर्स पर आपको 40 फीसद तक का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है।

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

मुंबई। अपनी ज़बरदस्त अभिनय शैली और प्रभावशाली संवाद अदायगी के कारण याद किये जाने वाले दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर एक बुरी ख़बर आ रही है। ख़बर है कि उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने के बाद बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। 81 साल के कादर ख़ान प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर (पीएसपी ) के शिकार हो गए हैं और इसकी वजह से उनके मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया है।

एक समाचार वेबसाईट से बात करते हुए कादर ख़ान के बेटे सरफराज ने जानकारी दी है कि प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर के चलते कादर ख़ान की दिमाग से संचालित होने वाली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है और डॉक्टरों ने सांस लेने में हो रही दिक्कत के कारण उन्हें बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। वहीं इसी के साथ डॉक्टरों को उनमें निमोनिया के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं।

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद
दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

सरफराज के अनुसार डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हेल्थ पर नज़र रखी हुई है। कादर ख़ान कई साल से अपने बेटे और बहू के साथ कनाडा में रह रहे हैं और वहीं उनका इलाज हो रहा है। लगभग एक दशक से वो ख़बरों से दूर अभिनेता कादर ख़ान का बचपन बहुत ही संघर्ष भरा रहा है और बाद के दिनों में उन्होंने बड़ी ही लग्न और समर्पण से बॉलीवुड में अपनी एक पहचान बनाई। सिर्फ़ अभिनय ही नहीं बल्कि लेखनी में भी उनका जादू खूब दिखा। एक दौर ऐसा भी रहा जब अमिताभ बच्चन के लिए भी संवाद कादर ख़ान ही लिखते थे।

Mission Gaganyaan को मंजूरी, सात दिन के लिए अंतरिक्ष में रुकेंगे तीन भारतीय

Mission Gaganyaan को मंजूरी, सात दिन के लिए अंतरिक्ष में रुकेंगे तीन भारतीय

  साल 2022 तक तीन भारतीयों को गगनयान परियोजना के तहत अंतरिक्ष भेजने की मुहिम को भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। तीन भारतीय वहां सात दिन बिताएंगे। यूनियन कैबिनेट ने इसके लिए बजट भी मंजूर कर दिया है।बताया जा रहा है कि इसमें 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा।

भारत के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गगनयान परियोजना की घोषणा की थी। इस परियोजना की मदद से भारत, अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा।

इस परियोजना की मुख्य बातें

  • भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह से तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने सबसे बड़े रॉकेट, जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क III (GSLV Mk III) को तैनात करने की तैयारी में है।
  • अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा 40 महीनों के भीतर पहला मिशन शुरू करने की उम्मीद है। नमूने के तौर पर पहले 5-7 दिनों के लिए पृथ्वी की कक्ष में दो मानव रहित और एक मानव समेत विमान भेजा जाएगा।

राष्ट्रीय पुरष्कार विजेता मोहन कुशवाहा का हुआ भब्य स्वागत

कोराव  | २२ दिसम्बर २०१८ को पश्चिम बंगाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कर्राटे प्रतियोगिता में कोराव(उत्तर प्रदेश ) के मोहन कुशवाहा पुत्र श्री पति कुशवाहा ने पुरे भारत में 2nd स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता का उपविजेता रहे | जिसके बाद उनके पुरे परिवार में हर्ष का माहौल रहा तो मोहन कुशवाहा के कोराव पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने धूमधाम से उनका अभिनन्दन किया |

गर्म चाय या शरीर की लंबाई का कैसे है कैंसर से लिंक, जानें- क्‍या है मामला

गर्म चाय या शरीर की लंबाई का कैसे है कैंसर से लिंक, जानें- क्‍या है मामला

  क्‍या शरीर की लंबाई का वास्‍ता कैंसर से हो सकता है। गर्म चाय पीने से क्‍या कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। यह बात अटपटी लग सकती है, लेकिन एक शोध में यह बात सामने आई है कि अधिक लंबाई और गर्म चाय कैंसर के बड़े कारक हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक प्रचलित धारणा यह रही है कि धूमपान या सनस्‍क्रीन कैंसर के बड़े कारक रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस शोध में पांच ऐसे कारणों को गिनाए हैं, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

1- गर्म चाय से कैंसर होने का जोखिम बढ़ा 
यह धारणा रही है कि हरी चाय पीने से कैंसर का खतरा कम होता है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक गर्म चाय पीने से आहार नाल में कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। चीन में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि अधिक गर्म चाय पीने से, तंबाकू ग्रहण करने से या अधिक शराब के सेवन से कैंसर होने का खतरा पांच गुना अधिक बढ़ जाता है।

2- लंबे लोगों में कैंसर की संभावना अधिक
छोटे लोगों की तुलना में लंबे लोगों को कैंसर होने की अधिक संभावना होती है। 2018 के एक अध्ययन में पाया गया कि ऊंचाई के हर अतिरिक्त 10 सेंटीमीटर (4 इंच) के लिए, एक व्यक्ति के कैंसर का खतरा दस फीसद तक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने ऊंचाई और कैंसर के बीच की कड़ी की खोज की है। शोधकर्ताओं ने कहा हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लंबा होना किसी व्यक्ति के कैंसर के जोखिम को कैसे प्रभावित कर सकता है। यह सरल तथ्य हो सकता है कि लंबे लोगों के शरीर में अधिक कोशिकाएं होती हैं और इसलिए अधिक कोशिकाएं जो कैंसर बनने का कारक हो सकती हैं।
पहले किए गए एक अध्ययन में पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में हर अतिरिक्त चार इंच की ऊंचाई के साथ कैंसर के खतरे में 13 फीसद की वृद्धि देखी गई। दिलचस्प बात यह है कि 2016 के एक अध्ययन में लंबे पैरों और कोलोन कैंसर के लोगों के जोखिम के बीच एक लिंक मिला। वैज्ञानिकों का दावा है कि शरीर में विकास के स्तर लिंक में एक भूमिका निभाते हैं।

3- शराब पीने से कैंसर होने का जोखिम अधिक 
शोधकर्ताओं का कहना है कि शराब पीने से कैंसर होने का जोखिम बढ़ता है। शोध से पता चलता है कि हल्की या मध्यम मात्रा में शराब पीने से लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष दुनियाभर में नए कैंसर के पांच फीसद मामले और सालाना छह फीसद कैंसर से होने वाली मौतों का सीधा संबंध शराब से है। अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी के एक बयान के अनुसार शराब के अधिक सेवन से स्तन कैंसर के साथ यकृत कैंसर का जोखिम बना रहता है। इसके साथ-साथ मुंह और गले के कैंसर का खतरा भी बना रहता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब कैंसर के जोखिम में कैसे योगदान देता है। अध्ययन में पाया गया कि शरीर में शराब के टूटने से एक रसायन निकल सकता है जो रक्त की स्टेम कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैंसर हो सकता है।

4- अधिक वजन या मोटापे से कैंसर का खतरा
एक अध्ययन में पाया गया कि सामान्‍य वजन के मुकाबले जो लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त थे, उन लोगों के साथ घेघा, पेट, यकृत और गुर्दे के कैंसर का खतरा लगभग दोगुना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं उनमें हार्मोन या कोशिका वृद्धि का खतरा अधिक होता है। इससे कैंसर का जोखिम भर जाता है।

5- ग्रिल से निकला धुआँ खतरनाक
ग्रीष्‍मकाल में ग्रिल से निकलने वाला पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कैंसर का बड़ा कारक होता है। दरअसल, जब आप  इस ग्र‍िल के समीप बैठते हैं तो आपकी त्‍वचा से इसका संपर्क होता है। आपकी त्‍वचा इसमें से निकलने वाला रसायन बड़ी मात्रा में अवशोषित करती है। एक ताजा अध्‍ययन में यह पाया गया कि यह कैंसर पैदा करने वाले एजेंट के रूप में यह काम करता है।

बिना बेहोश किये हुई ब्रेन सर्जरी, मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा

बिना बेहोश किये हुई ब्रेन सर्जरी, मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा

 जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल में 30 साल के एक मरीज की पूरे होश में सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान मरीज पूरे होश में रहते हुए हनुमान चालीसा पढ़ता रहा । इस तरह का प्रदेश में यह पहला मामला सामने आया है। हॉस्पिटल की न्यूरो सर्जरी टीम ने ब्रेन ट्यूमर आॅपरेशन के दौरान यह सफलता हासिल की है । इसे अवेक ब्रेन सर्जरी के नाम से जाना जाता है ।

बार-बार मिर्गी का दौरा आने की थी समस्या

सर्जरी करने वाले चिकित्सक डॉ.के.के. बंसल ने बताया कि बीकानेर निवासी 30 साल के हुलास मल को पिछले तीन माह से बार-बार मिर्गी के दौरे आने की समस्या थी । मरीज की बायोप्सी होने पर पता लगा कि उनके दिमाग में ग्रेड-दो का ट्यूमर था। यह ट्यूमर स्पीच वाले हिस्से में था । उन्हें कुछ अन्य अस्पतालों ने सर्जरी के लिए इंकार कर दिया था, क्योंकि सर्जरी से उनके बोलने की क्षमता जा सकती थी और लकवा होने का खतरा भी था।

मरीज नारायणा हा्स्पिटल पहुंचा जहां न्यूरो सर्जन और ब्रेन ट्यूमर सर्जरी एक्सपर्ट डॉ. के.के बंसल ने सफलतापूर्वक ब्रेन ट्यूमर को मरीज के होश में रहते हुए निकाला। यह सर्जरी इसलिए भी चुनौतिपूर्ण थी, क्योंकि सर्जरी के दौरान छोटी सी गलती भी हो जाने पर मरीज बोलने की क्षमता खो सकता था । बंसल ने बताया कि सामान्य ब्रेन ट्यूमर सर्जरी में मरीज को बेहोश कर दिया जाता है जिससे सर्जरी के दौरान उसके मस्तिष्क के स्पीच एरिया पर पड़ रहे प्रभाव पर निगरानी नहीं की जा सकती। लेकिन अवेक ब्रेन सर्जरी की तकनीक से मरीज की बोलने की क्षमता को सर्जरी के दौरान बार-बार जांचा जा सकता है।

इस केस में मरीज को लगातार हनुमान चालीसा पढ़ने, सुनाने और गाने के लिए कहा जाता रहा, उसकी तुरंत प्रतिक्रिया से हमें सर्जरी को सुरक्षित रूप से अंजाम देने में सहायता मिली, क्योंकि जब भी हम गलत हिस्से को छेड़ते थे तो मरीज को स्पीच अरेस्ट हो जाता था। तीन घंटे तक चली इस सर्जरी में अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया गया और विशेष डाई इंजेक्ट किए गए जो ट्यूमर को मार्क करने में मदद करता है । सर्जरी के बाद 72 घंटे के अंदर डिस्चार्ज किया गया और अब वह सामान्य है ।

चीन / बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्कूलों ने शुरू की चिप वाली यूनिफॉर्म

चीन / बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्कूलों ने शुरू की चिप वाली यूनिफॉर्म

बीजिंग. बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चीन के स्कूलों ने चिप वाली यूनिफॉर्म शुरू की है। 17 पौंड (करीब 1500 रुपए) की इस यूनिफॉर्म में कंधे की तरफ एक चिप लगी हुई है। यह चिप स्कूल के गेट पर लगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से संचालित होती है।

चीन ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा निगरानी सिस्टम

  • चीन ने तीन साल पहले दुनिया का सबसे बड़ा निगरानी सिस्टम बनाया था। इस स्काई नेट प्रोजेक्ट में चेहरे की पहचान करने वाले 2 करोड़ कैमरे लगाए गए थे। इसके जरिए महज 3 सेकंड में 1.4 अरब लोगों को आइडेंटिफाई किया जा सकता है।
  • स्मार्ट यूनिफॉर्म को चीन की गुइझोउ गुआनयू टेक्नोलॉजी ने बनाया है। कंपनी के मैनेजर बताया कि गुइझोउ और गुआंगशी प्रांतों में इस तरह की यूनिफॉर्म शुरू की गई है। इससे छात्रों के स्कूल में प्रवेश और बाहर जाने का वक्त स्मार्ट एंट्रेंस सिस्टम अपने आप रिकॉर्ड कर सकता है।
  • एंट्रेंस सिस्टम में लगा कैमरा हर छात्र की स्कूल में एंट्री और एग्जिट का 20 सेकंड का वीडियो बनाता है। इस वीडियो को टीचर्स-पेरेंट्स के लिए बनाए ऐप पर अपलोड कर दिया जाता है। अगर कोई बच्चा बिना अनुमति लिए गेट से बाहर जाता है तो अलार्म बजने लगता है।
  • गुआनयू टेक्नोलॉजी को चिप वाली यूनिफॉर्म बनाने में 2 साल लगे थे। इसे जुलाई 2017 में लॉन्च किया गया था। स्कूल विभाग के एक अफसर के मुताबिक- यूनिफॉर्म से छात्रों पर न केवल स्कूल में बल्कि बाहर भी नजर रखी जा सकेगी।
  • चीन के कई स्कूलों में छात्रों के बर्ताव पर कैमरे से नजर रखी जा रही है। क्लास के बाहर सर्विलांस कैमरा लगाया गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई में ध्यान और चेहरे के हावभावों का पता लगाया जा सके। इसे चीन का स्मार्ट क्लासरूम बिहेवियर मैनेजमेंट सिस्टम करार दिया जा रहा है।
Translate »