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बीजेपी ने जीता उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, मणिपुर और गोवा तो वही आप ने जीता पंजाब|

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश मे एक बार फिर योगी सरकार बीजेपी ने भारी बहुमत के सात जीता उत्तर प्रदेश चुनाव भारतीय जनता पार्टी ने 255 सीटों पर जीत हासिल की जबकि समाजवादी पार्टी 111 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही तो वही कांग्रेस को 2 सीट मिल और बहुजन समाज पार्टी को 1|1985 के बाद यह पहला मौका है जब उत्तर प्रदेश में कोई सत्ताधारी पार्टी सत्ता में लौटी है।

भारतीय जनता पार्टी छोड़कर गए स्वामी प्रसाद मौर्य भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। तो वही पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर केसव प्रसाद मौर्या भी अपनी सीट से चुनाव हार गए।

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के रणक्षेत्र में बीजेपी का दबदबा, 47 सीटों पर जीत तो वहीं दूसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस रही उन्हें 19 सीटे मिली । हालांकि पिछले चुनाव से बीजेपी की 10 सीट काम आयी ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिन्होंने खटीमा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी से 6,579 मतों के अंतर से हार गए। पुरानी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत भी चुनाव हार गए।

मणिपुर

भाजपा ने मणिपुर में सत्ता में वापसी की पुष्टि की है, जिसमें पार्टी को 60 सदस्यीय विधानसभा में 32 सीटें मिली हैं। परिणामों के अनुसार, एनपीपी, जो कि मौजूदा सरकार का एक हिस्सा है, ने सात सीटें हासिल कीं और नीतीश कुमार की जद (यू) ने छह सीटें जीतीं।

दूसरी ओर, कांग्रेस अपने एक समय के गढ़ में पस्त हो गई। 2017 में 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, पार्टी केवल पांच सीटें जीतने में सफल रही। नगा पीपुल्स फ्रंट और कुकी पीपुल्स एलायंस ने क्रमशः पांच और दो सीटें जीतीं ।

गोवा

बीजेपी ने 40 में से 20 सीटें जीतीं, प्रमोद सावंत की सीएम पद पर वापसी ।

भाजपा 20 विधानसभा सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और सरकार बनाने के लिए तैयार है। गोवा में कुल 40 विधानसभा सीटें हैं और राज्य में सरकार बनाने के लिए एक पार्टी को 21 सीटों की जरूरत है। निर्दलीय उम्मीदवार एंटोनियो वास, चंद्रकांत शेट्टी और एलेक्स रेजिनाल्ड पहले ही भगवा को अपना समर्थन दे चुके हैं

पंजाब

आम आदमी पार्टी ने पंजाब की कुल 117 विधानसभा सीटों में से 92 पर जीत हासिल की। पंजाब में पार्टी के “ऐतिहासिक” प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पूरे भारत में लोगों को चुनावी “क्रांति” लाने के लिए पंजाब को अपने-अपने राज्यों में लाने के लिए अपनी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं का संकेत दिया।

तो वही दुसरी और चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिंधु को हार का सामना करना पड़ा

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