Day: October 21, 2019

जातिगत जनगणना एव बाइनरी रोस्टर (1 आरक्षित, 1 अनरक्षित)पर SAMYAK NEWS मीडिया टीम और MFG टीम ने इस कार्यक्रम का सक्रिय रूप से वेब कास्टिंग और लाइव प्रसारण किया ।

कल 21 अक्टूबर रविवार 2019 को जातिगत जनगणना एव बाइनरी रोस्टर (1 आरक्षित, 1 अनरक्षित) पर एक दिवसिय संगोष्ठी का आयोजन नई दिल्ली के मावलंकर हॉल, रफ़ी मार्ग , नई दिल्ली में आयोजित किया गया ।

इस संगोष्टी में देश के कई बुद्धिजीवी वर्ग के लोग शमील हुए, कुछ वरिष्ट पत्रकार, विभिन राजनैतिक पार्टीयो के नेता ,दिल्ली विश्व विद्यालय के शिक्षको समेत कई obc, sc ,st समाज के प्रतिनिधियो ने संगोष्टी में शिरकत की।

इस अवसर पर SAMYAK NEWS मीडिया टीम और MFG टीम ने इस कार्यक्रम का सक्रिय रूप से वेब कास्टिंग और लाइव प्रसारण किया ।

सम्यक न्यूज़ ब्यूरो , नई दिल्ली

OBC जनगणना पर एक मंच पर बोले शरद यादव और उपेंद्र कुशवाहा कहा केन्द्र सरकार को अपना वादा पूरा करना होगा-‘वी द पीपल’

OBC जनगणना पर एक मंच पर बोले शरद यादव और उपेंद्र कुशवाहा कहा केन्द्र सरकार को अपना वादा पूरा करना होगा – ‘वी द पीपल’

दिल्ली के मावलंकर हॉल में बाइनरी रिजेर्वेशन व्यवस्था को लागू करने को लेकर देश भर से आये जातीय संगठनों समेत अलग अलग प्रदेशो के विधायकों राज्यसभा सांसदों ने अपने वक्तव्य दिए.सरकार द्वारा जातीय जनगणना को प्रकाशित नही किये जाने को लेकर सरकार की मनसा पर प्रश्न उठाते हुए शरद यादव जी ने कहा कि सरकार जातीय जनगणना को प्रकाशित करने मे आपत्ति है क्यूंकि उसके आकड़े में बहुत सी कमियां हैं अगर सही आकड़े जातीय जनगणना में प्रकाशित हुए तो उसे कार्यपालिका न्यापालिका व्यवस्थापिका सांसदों विधानसभाओ राज्सभाओ मंत्रिमंडलों में उचित प्रतिनिधित्व देना पड़ेगा उसको डर है कि अगर ये जातीय जनगणना लागू हप.गयी तो देश भर के शिक्षण संस्थानों में भी इन वर्गों को प्रतिनिधित्व देना पड़ेगा और समाज के ऊपर काबिज कुछ विशेष लोगो का अधिपत्य टूट जायेगा..राजस्थान कोटा के विधायक ने जातीय जनगणना को देश के लिए जरुरी बताते हुए कार्यक्रम को देश भर में जागरूकता के लिए जरुरी मानते हुए सरकार से जातीय जनगणना को जल्द से जल्द प्रकाशित करने की मांग की है.कार्यक्रम देश भर से लगभग ५२ गणमान्य व्यक्तियों समेत लगभग दर्ज़न भर संगठनों ने बाइनरी रिज़र्वेशन व्यवस्था का समर्थन करते हुए वी द पीपल को अपना समर्थन दिया है.दिन भर चलने वाले इस कार्यक्रम में शरद यादव आदि संगठनो के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.तथा बाइनरी रेजेर्वेशन व्यवस्था का समर्थन कर सरकार से जातीय जनगणना को प्रकाशित करने की मांग की है.

जातिगत जनगणना एवं बायनरी रोस्टर को देशभर में लागू किया जाए तथा जातिगत जनगणना का अपना वादा केंद्र सरकार को निभाना चाहिए| यह बातें आज ‘डब्ल्यूटीपी’ (वी द पीपुल) के एक दिवसीय संगोष्ठी में विभिन्न वक्ताओं ने कही| ‘डब्ल्यूटीपी’ इस गोष्ठी का आयोजन कांस्टीटत्युशन क्लब के मावलंकर हॉल में किया गया था, जिसमें देश के जाने-माने सांसद, पूर्व सांसद, मंत्री व पूर्व मंत्रियों ने हिस्सा लिया| जिसमें श्री शरद यादव (अलग-अलग बीजेपी सांसद का नाम लिखना है) श्री शरद यादव ने मुख्य रूप से भाग लिया| साथ में आम आदमी पार्टी के एफ आई स्माइली (दिल्ली प्रदेश माइनोरिटी विंग के उपाध्यक्ष) भी थे|

संगोष्ठी में भाग लेते हुए श्री शरद यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जातिए जनगणना को प्रकाशित नही किए जाने को लेकर सरकार की मनसा पर प्रश्न उठाते हुए शरद यादव ने कहा कि सरकार जातिए जनगणना को प्रकाशित करने मे आपत्ति है , क्योकि उसके आकड़े में बहुत सी कमियां हैं | –

आम आदमी पार्टी के एफ आई स्माइली ने कहा कि डब्ल्यूटीपी एक सामाजिक संगठन है जो समाज में ओबीसी, एसटी, एससी और पिछड़ों के हित के लिए काम करता है और जिसमें रिटायर्ड आईएएस, जजेस और सिविल सोसाइटी के फिक्र मंद लोग जुड़े हुए हैं| ये लोग संस्था के माध्यम से देश सेवा एवं देश हित पर काम करते हैं| इस मौके पर संस्था के प्रवक्ता ने कहा कि हम किसी जाति या समाज, खासतौर पर उच्च वर्ग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि हम समानता एवं एकल अधिकार के लिए वचनबद्ध हैं| जिसकी गारंटी हमारा संविधान हमें देता है| एफ आई स्माइली ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले 31 अगस्त 2018 को देश के गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 2021 के जनगणना में जाति कॉलम के जोड़ने की बात कही थी जिससे यह स्वतः स्पष्ट हो जाता है कि देश की 2469 ओबीसी कास्ट/सबकास्ट की असली आबादी कितनी है, इसका पता लगाया जा सके| लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद 31 जुलाई 2019 को केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना से साफ इंकार कर दिया और इस तरह ओबीसी समाज के साथ एक बड़ा धोखा किया| एफ आई स्माइली ने कहा कि मंडल कमीशन ने भी 1257 ओबीसी कम्युनिटीज को बैकवर्ड श्रेणी में डाला था, जिसके आधार पर ओबीसी के लिए 27% का रिजर्वेशन निर्धारित किया गया था| देश में शिक्षा, रोजगार व्यवहार एवं धर्म-संस्कार आदि सभी समाज के लिए समान होना चाहिए, ताकि देश के सभी लोग राष्ट्र हित में बराबरी का योगदान दे सकें|

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