Day: October 9, 2019

भारत सरकार तक न्यायिक एवं आर्थिक दृष्टि से मौर्य काल बहुमुखी प्रगति का युग।

दिनांक 08 अक्टूबर 2019 को कुतुबमीनार के पास स्थित अशोका मिशन, मेहरौली, दिल्ली में सम्राट अशोक क्लब, शाखा दिल्ली – एन सी आर द्वारा 2281वें धम्म विजय दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसका विषय बिन्दु था न्यायिक एवं अर्थिक व्यवस्था का राष्ट्र पर प्रभाव

 

कार्यक्रम को देखने व सुनने के लिए 4000 से अधिक संख्या में लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ समाजसेवी, विद्वान, शिक्षाविद, पत्रकार, लेखक आदि बड़ी हस्तियां उपस्थित थी।

 

कार्यक्रम का आरंभ भगवान बुद्ध के समक्ष दीप प्रज्वलन, ध्वजारोहण, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह की पूजा-अर्चना, त्रिसरण और पंचशील के पाठ से हुआ। सम्राट अशोक क्लब, शाखा दिल्ली-एन सी आर के अध्यक्ष राजेश कुमार मौर्य जी ने सभी अथितियों का स्वागत-अभिनंदन किया तथा कार्यकर्ताओं ने अतिथियों का सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट देकर किया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी. सी. मौर्य जी, अतिरिक्त निदेशक, एस.एफ.आई.ओ, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने संबोधन में बताया कि न्यायिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से मौर्य काल बहुमुखी प्रगति का युग था। इस काल में न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई बल्कि उद्योग, पशुपालन, व्यवसाय, खनिज उत्खनन एवं व्यापार में भी बहुत प्रगति हुई। उन्होंने मौर्य कालीन कर व्यवस्था पर प्रकाश डाला और कहा कि नई भूमि पर कृषि के विकास को प्रोत्साहन दिया गया ताकि राजस्व में वृद्धि हो।

 

सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता सच्चिदानन्द जी ने कार्यकर्ताओं को राष्ट्र हित कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि संविधान सर्वोपरि है। समाज और राष्ट्र की भलाई संविधान का पूर्ण से अनुसरण करने में है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सम्राट अशोक महान के शिलालेखों पर आधारित है। जो लोग कहते है कि भारतीय संविधान विदेशों से लिया गया है वे गलतफहमी के शिकार है। सम्राट अशोक महान के काल में ये सारी बातें विदेशों में गई और आजादी के बाद फिर वहां से भारत में वापस आई। आज के भारत की न्याय और अर्थव्यवस्था का मूल ढ़ाचा सम्राट अशोक महान की देन है किन्तु इसके सही क्रियान्वयन नही होने से आज भारत विश्व के पिछले पायदान पर खडा है। यदि भारत को पुनः विश्व का मुखिया बनाना है तो तथागत गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक महान के सिद्धान्तों को पूरी तरह लागू करके ही बन सकता है।

 

 समारोह में अशोका मिशन के अध्यक्ष वेन. लामा लोबसांग जी, शत्रुधन सिंह शाक्य जी, मा. आर. डी. कुशवाहा जी, अधिवक्ता मा. अजय विक्रम सिंह जी, डा. अम्बिका जी ने न्यायिक एवं अर्थिक व्यवस्था पर अपने विचार रखें।

 

सिने-तारिका रिया दिप्सी मौर्य जी, श्रोताओं के आकर्षण का केन्द्र रही। वे मुम्बई से अशोका मिशन पहुंची थी। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक महान दोनों ही राष्ट्र और व्यक्ति के जीवन का आधार है। प्रत्येक व्यक्ति को उनके प्रति पूर्ण श्रद्धा रखनी चाहिए।

 

सम्राट अशोक क्लब के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने भारतीयता एवं राष्ट्रीयता पर आधारित गीत, संगीत और नाटक का आयोजन किया गया।

 

आई. टी. और वेबकास्टिंग टीम ने कार्यक्रम की वेबकास्टिंग यू-टयूब एवं फेसबुक पर किया, जिसके माध्यम से सदूर बैठे लोगों ने भी कार्यक्रम का आनन्द लिया।

 

समारोह का समापन कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर ध्वज गीत साथ हुआ।

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