Day: September 10, 2019

चंद्रयान 2: लॉन्चिंग से लेकर अब तक की पूरी कहानी ।

चंद्रयान 2: लॉन्चिंग से लेकर अब तक की पूरी कहानी ।

चंद्रयान-२ या द्वितीय चन्द्रयान, चंद्रयान-1 के बाद भारत का दूसरा चन्द्र अभियान है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने विकसित किया है। अभियान को जीएसएलवी संस्करण 3 प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपित किया गया। इस अभियान में भारत में निर्मित एक चंद्र कक्षयान, एक रोवर एवं एक लैंडर शामिल हैं। इन सब का विकास इसरो द्वारा किया गया है।भारत ने चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से भारतीय समयानुसार 02:43 AM सफलता पूर्वक प्रक्षेपित किया। इससे एक हफ्ते पहले कुछ तकनीकी गड़बड़ी के कारण चंद्रयान 2 को लांच के एक घंटे पहले रोकना पड़ा ।

2 सितंबर 2019

रात 3 :45 को, विक्रम लैंडर ने ऑर्बिटर की परिक्रमा छोड़ दी और चंद्रमा की ओर चल दिया।

07 सितंबर 2019

चंद्रयान-2 के अंतिम चरण में भारत के मून लैंडर विक्रम से उस समय संपर्क टूट गया था जब वह चंद्रमा की सतह की ओर बढ़ रहा था. इसरो के अनुसार, रात 1:37 बजे लैंडर की चांद पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की प्रक्रिया शुरू हो गई थी. लेकिन लगभग 2.1 किमी ऊपर संपर्क टूट गया था. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा की डेटा की समीक्षा की जा रही है.

08 सितंबर 2019

इसरो द्वारा सूचना दी गई कि ओरबिटर द्‍वारा  लिए गए थर्मल इमेज से विक्रम लैंडर का पता चल गया है। परंतु अभी चंद्रयान-2 से संपर्क नहीं हो पाया था।

09 सितंबर 2019

इसरो द्वारा सूचना दी गई कि लैंडर क्रैश नहीं हुआ है बस चन्द्रमा की सतह पर थोड़ा ठेडा खड़ा है, परंतु अभी चंद्रयान-2 से संपर्क बनने का प्रयास जारी है ।

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