Day: August 19, 2019

तेज रफ्तार ट्रक ने मारी कार को टक्कर, दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट अरुण कुशवाहा और उनकी पत्नी की कार हादसे में मृत्यु

तेज रफ्तार ट्रक ने मारी कार को टक्कर,  दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट अरुण कुशवाहा और उनकी पत्नी की कार हादसे में मृत्यु।

कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में जीटी रोड पर शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ। पत्नी और चचेरे भाई के साथ नोएडा जा रहे सीए की कार में तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक कार को करीब 200 मीटर तक घसीट ले गया। बाद में ट्रक और कार खंती में पलट गए। हादसे में सीए की पत्नी की मौत हो गई। सीए और चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।

अरुण जी की पत्नी की मृत्यु दुर्घटना स्थल पर ही हो गयी थी और अरुण जी का कानपूर के एक अस्पताल में जीवन की लिए कड़े संगर्ष के बाद दोपहर में मृत्यु हो गया। हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सीए कन्नौज के सरायमीरा क्षेत्र में रहने वाले बड़े बर्तन व्यापारी के बेटे हैं। कन्नौज शहर के सरायमीरा जीटी रोड निवासी आनंद कुशवाहा बर्तन और सराफ कारोबारी हैं। इनका 30 वर्षीय बेटा अरुण कुशवाहा नोएडा में सीए थे । वह वहीं सेक्टर 18 में रहता थे ।

शनिवार सुबह अरुण चचेरे भाई सुधांशु उर्फ रेशू (20) पुत्र हरिश्चंद्र के साथ नोएडा जाने के लिए घर से निकले थे। फर्रुखाबाद के मोहल्ला मनिहारी में ससुराल से 28 वर्षीय पत्नी गरिमा को लेने के बाद तीनों लोग नोएडा के लिए रवाना हो गए। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए वह गुरसहायगंज के तेराजाकेट होते हुए तालग्राम की ओर जा रहे थे।

तेराजाकेट क्षेत्र में जीटी रोड पार करते समय कानपुर की ओर से केला लादकर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने अरुण की कार में  टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार ट्रक में फंसकर करीब 200 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में गरिमा की मौके पर मौत हो गई। अरुण और उसके चचेरे भाई सुधांशु गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से परिजनों ने दोनों को रीजेंसी में भर्ती कराया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है।

AIIMS में लगी आग से इमरजेंसी सेवाएं बंद, करोड़ों का नुकसान, मरीजों को कोई नुकसान नहीं।

AIIMS में लगी आग से इमरजेंसी सेवाएं बंद, करोड़ों का नुकसान, मरीजों को कोई नुकसान नही।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे भीषण आग लग गई। साढ़े सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 12 बजे इस पर काबू पाया जा सका। टीचिंग ब्लॉक की दूसरी मंजिल से शुरू हुई आग कुछ ही देर में पहली, तीसरी, चौथी व पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई। डॉक्टरों और अन्य स्टाफ समेत करीब 50 लोगों ने बाहर भागकर जान बचाई। इसके बराबर में इमरजेंसी लैब वाली इमारत में धुआं फैलने के कारण वहां भर्ती करीब 55 मरीजों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। बारिश के कारण बचाव कार्य में बाधा आई, लेकिन इससे आग नहीं फैलने का लाभ भी मिला।

घटना की विकरालता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एम्स ने दो बार बयान जारी कर कहा कि किसी मरीज को नुकसान नहीं पहुंचा है। हेल्पलाइन नंबर (011-26593308) पर लोग जानकारी ले सकते हैं। घटना कैसे हुई, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई बताने को तैयार नहीं था, लेकिन एक्स-रे विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि एक्स-रे मशीन में धमाके से आग लगी और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

एम्स परिसर में मुख्य अस्पताल के बराबर में टीचिंग ब्लॉक की पांच मंजिला इमारत है, जिसमें लैब मेडिसिन और इमरजेंसी लैब डिपार्टमेंट के साथ ही कई प्रोफेसरों के ऑफिस बने हुए हैं। सैंपल कलेक्ट करने के लिए डीप-फ्रीजर भी रखे हुए हैं। यहीं एक्स-रे भी होता है। शाम करीब साढ़े चार बजे दूसरी मंजिल पर माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में आग लग गई। सुरक्षाकर्मियों ने फायर फाइटिंग उपकरणों से काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग और तेज हो गई। करीब पौने पांच बजे कंट्रोल रूम को सूचना दी गई।

अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें अस्पताल के पीसी और टीचिंग ब्लॉक में आग लगने के संबंध में शाम 4 बजकर 50 मिनट पर फोन आया और आग पर पर काबू पाने के लिए दमकल की 34 गाड़ियां भी मौके पर पहुंची थी।

आग बुझाने में दमकल की 42 गाड़ियां लगी थीं और लगभग 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बीच में आग पर काबू पा लिया गया था लेकिन वह दोबारा भड़क गई और ऊपर के मंजिलों को भी चपेट में ले ली।

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