Day: August 2, 2019

उन्नाव गैंगरेप केस की पूरी स्टोरी : लड़ाई संघर्ष और बाहुबल की ।

उन्नाव गैंगरेप केस की पूरी स्टोरी : लड़ाई संघर्ष और बाहुबल की ।

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता से साल 2017 में गैंगरेप हुआ था. दो साल गुजरने के बाद भी शासन और प्रशासन ने उसके साथ इंसाफ नहीं किया और अब जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है. दरअसल पीड़िता से गैंगरेप का आरोप बीजेपी के बाहुबली विधायक कुलदीप सेंगर पर है. जुलाई 2017 में पीड़िता ने इंसाफ पाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक को चिट्ठी लिखी. लेकिन उसे न्याय नहीं मिला.

इसके बाद पीड़िता ने उन्नाव जिला अदालत में अर्जी दी. इस अर्जी में पीड़िता ने विधायक के समर्थक शुभम नाम के आरोपी की मां पर नौकरी के बहाने विधायक के घर ले जाने का आरोप लगाया था. मामले ने जब तूल पकड़ा तो विधायक कुलदीप सेंगर के समर्थकों ने पीड़िता के परिवार पर मानहानि का केस कर दिया.
मामला हाई कोर्ट पहुंचता है. हाई कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस आरोपी विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करती है. बाद में केस की जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है. इसके बाद आखिरकार 13 अप्रैल को सीबीआई आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर को उसके लखनऊ स्‍थ‍ित आवास से गिरफ्तार करती है और उसे जेल भेज देती है.
सड़क दुर्घटना में पीड़िता चाची की मौत हो गयी वह एक अहम् गवाह थी. जबकि पीड़िता और उसके वकील की हालत नाजुक बनी हुई है.
गाड़ी के नंबर प्लेट को छुपाए जाने पर एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा, ”ट्रक के मालिक का कहना है कि ट्रक को फ़ाइनैंस कराया गया था और इसके पैसे उसने नहीं दिए थे, ऐसे में फ़ाइनैंसर इसे ना पकड़ सके इसलिए गाड़ी का नंबर छिपाया गया था.”
सड़क दुर्घटना मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ठाकुर और नौ अन्य के खिलाफ हत्या के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की जांच करने के लिए एजेंसी की तरफ से गठित विशेष टीम रायबरेली जिले के गुरबख्शगंज इलाके में हादसा स्थल पर पहुंची. सेंगर के अलावा दुर्घटना मामले में जिन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें उनके भाई मनोज सिंह सेंगर, अरुण सिंह, विनोद मिश्रा, हरी पाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, रिंकू सिंह, वकील अवधेश सिंह और 15 से 20 अज्ञात व्यक्ति हैं.
गाड़ी के नंबर प्लेट को छुपाए जाने पर एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा, ”ट्रक के मालिक का कहना है कि ट्रक को फ़ाइनैंस कराया गया था और इसके पैसे उसने नहीं दिए थे, ऐसे में फ़ाइनैंसर इसे ना पकड़ सके इसलिए गाड़ी का नंबर छिपाया गया था.”
कहा जा रहा है कि बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की तरफ से मिल रही धमकियों की वजह से पीड़िता (मौर्य समाज से आती है)और उसके वकील ने प्रशासन से हथियार का लाइसेंस मांगा था. रायबरेली में ट्रक से टक्कर के बाद पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है.
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