Day: July 2, 2019

सत्येंद्र पाल भारतीय शिक्षक रोजाना 500 से अधिक स्लम बच्चों को मुफ्त में शिक्षित करते हैं।

सत्येंद्र पाल भारतीय शिक्षक रोजाना 500 से अधिक स्लम बच्चों को मुफ्त में शिक्षित करते हैं।

समाज का एक हिस्सा जो कि अपनी मूल भूत आवश्यकताओं के लिए जूझ रहा है। पीने का पानी, घर, बेहतर भोजन और सबसे आवश्यक शिक्षा। ये हिस्सा है मयूर विहार फेज 1 झुग्गी झोपड़ी का इलाका। इस हिस्से में ही रहने वाले एक शख्स सत्येंद्र पाल जी ने जिम्मा उठाया यहां के बच्चों को शिक्षा और बेहतर शिक्षा प्रदान करने का।

शिक्षक सत्येंद्र पाल

सत्येंद्र पाल जी की इस पहल से प्रेरित होकर कुछ नौजवानों ने उनकी इस मुहीम में एक कोशिश को जोड़ने का एक छोटा सा प्रयास किया है।अपने जन्मदिन से कैसे किसी के लिए कुछ बेहतर किया जा सकता है इसका उदाहरण स्थापित किया है। सोशल मीडिया से अपने दोस्तों तक यह मैसेज पहुँचाया और दोस्तों ने भी बढ़ चढ़ कर अपना योगदान और साथ दिया। इनके प्रयासो और योगदान से स्कूल के लिए सोलर पैनल, बिजली, पढ़ाने के लिए बोर्ड और पढ़ने के लिए उपयोग में लाया जाने वाला समान उपलब्ध हो पाया। बच्चे हमारा भविष्य हैं और इनका वर्तमान मजबूत करके ही भविष्य भी मजबूत किया जा  सकता है। अच्छी शिक्षा और अन्य मूलभूत  आवश्यकताओं से जूझ रहे बच्चों के लिए ये कदम कारगर साबित होगा. इस इलाके मे पीने के पानी की काफी परेशानी है. Tube well से आने वाले पानी में red ammonia अधिक मात्रा मे उपस्थित है जिसकी वजह से पीने योग्य नहीं है, पर चूंकि दिल्ली जल बोर्ड वाला पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है इसके चलते यहां सभी को ये रेड ammonia वाला पानी ही पीना पड़ता है. ये रेड ammonia सेहत के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है. अब ये नौजवान मिलकर प्रयास कर रहे हैं की यहां पर किसी तरह पीने वाला पानी उपलब्ध हो सके। सरकार से गुजारिश रहेगी कि इसके लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं।

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