Day: June 11, 2019

युवराज सिंह ने इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास लिया।

युवराज सिंह ने इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास लिया।

करियर के दौरान 40 टेस्‍ट, 304 वनडे और 58 टी20 मैच खेले । यह स्टालिश लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज आखिरी बार भारत के लिए फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनैशनल मैच में खेले थे। इससे पहले वह चैंपियंस ट्रोफी 2017 और उसके बाद वेस्ट इंडीज दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे। उन्होंने अपने करियर का आखिरी वनडे मैच 30 जनवरी 2017 को वेस्ट इंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में खेला था। टीम इंडिया के चैंपियन ऑलराउंडर युवराज सिंह ने आज क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। युवराज सिंह भारत की दो वर्ल्ड चैंपियन (2007 में वर्ल्ड टी20 और 2011 में वर्ल्ड कप) टीमों का हिस्सा रहे और दोनों ही टूर्नमेंट्स में उन्होंने अपने प्रदर्शन से खास छाप छोड़ी थी। 2017 के बाद से ही उनका चयन भारतीय टीम में नहीं हो पा रहा था। बताया जा रहा है कि 37 वर्षीय युवराज आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशी टी20 लीग में बतौर फ्रीलांस क्रिकेटर करियर बनाना चाहते हैं। उन्हें जीटी20 (कनाडा), आयरलैंड और हॉलैंड में यूरो टी20 स्लैम में खेलने के ऑफर मिल रहे हैं। युवराज ने कहा कि काफी समय से लग रहा था कि अब आगे बढ़ने का वक्त आ गया है।

अपनी इस रिटायरमेंट का ऐलान युवराज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने बताया, ‘बचपन से मैंने अपने पिता का देश के लिए खेलने का सपना पूरा करने की कोशिश की।’ उन्होंने यहां अपने क्रिकेट करियर को याद करते हुए कहा, ‘अपने 25 साल के करियर और खास तौर पर 17 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला ले लिया है। इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, गिरना है, फिर उठना है और आगे बढ़ जाना है।’

2007 में टी20 वर्ल्‍डकप और 2011 में वर्ल्‍डकप के रहे सदस्य

युवराज वर्ष 2007 में टी20 वर्ल्‍डकप और 2011 में वर्ल्‍डकप (50 ओवर) जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्‍य रहे हैं। इन दोनों ही टूर्नामेंट में उन्‍होंने जोरदार प्रदर्शन किया था। जहां 2007 के टी20 वर्ल्‍डकप में इंग्‍लैंड के खिलाफ मैच के दौरान उन्‍होंने स्‍टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में छह छक्‍के जडकर इतिहास रचा था, वहीं 2011 के वर्ल्‍डकप में भी उन्‍होंने गेंद और बल्‍ले से धमाल किया था। 2011 के वर्ल्‍डकप में युवराज सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ी घोषित किए गए थे।

वर्ल्‍डकप 2011 के दौरान युवराज पूरी तरह स्‍वस्‍थ नहीं थे। कुछ मौकों पर उन्‍हें मैदान पर खून की उल्टियां करते हुए भी देखा गया था। भारतीय क्रिकेटप्रेमी उस समय गहरी निराशा में घिर गए थे जब जांच के दौरान उन्‍हें फेफड़े में ट्यूमर होने का खुलासा । युवी को कैंसर होने का पता लगते ही क्रिकटप्रेमी उनके शीघ्र स्‍वास्‍थ्‍य लाभ की कामना कर रहे थे। हर कोई उनके लिए प्रार्थना कर रहा था. जीवट के धनी युवी अमेरिका में कीमोथैरेपी कराने के बाद स्‍वस्‍थ होकर न केवल मैदान के लिए लौटे बल्कि भारतीय टीम के लिए कई जोरदार पारियां भी खेलीं।

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