Day: May 1, 2019

क्या हिमालय पर वाकई टहलता है हिम मानव?

क्या हिमालय पर वाकई टहलता है हिम मानव?
येती कौन हैं?

येती एक विशालकाय जीव है, जिसकी शक्लोसूरत तो बंदरों जैसी होती है, लेकिन वह इंसानों की तरह दो पैरों पर चलता है। इसे देखे जाने के रोमांचक किस्से अक्सर सुने जाते रहे हैं।  वहीं शोधकर्ताओं ने येती को मनुष्य नहीं बल्कि ध्रुवीय और भूरे भालू की क्रॉस ब्रीड यानी संकर नस्ल बताया है।

क्या धरती पर हिम मानव या येती का अस्तित्व वाकई है? हिमालय पर महामानव की मौजूदगी का सालों पुराना सवाल एक बार फिर चर्चा में है। भारतीय सेना ने रविवार को कुछ तस्वीरें ट्वीट कीं, जिनमें विशालकाय पैरों के निशान दिखाई दे रहे हैं। ये निशान आकार में 32×15 इंच तक के हैं, जो असामान्य हैं। इसके माध्यम से भारतीय सेना ने हिमालय में हिममानव की मौजूदगी के संकेत दिए हैं। बर्फ पर पैरों के ये निशाना नेपाल के पास स्थित मकालू बेस कैंप पर पाए गए हैं। यह पहली बार नहीं है, जब बर्फ पर बने इन निशानों ने हिमालय पर हिममानव के संकेत दिए हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस मिथकीय जीव को लेकर क्या-क्या परिकल्पनाएं मौजूद हैं और कब-कब और कहां इस तरह के निशान मिल चुके हैं।

इसे देखे जाने के रोमांचक किस्से अक्सर सुने जाते रहे हैं
 1951 में ब्रिटिश पर्वतारोही एरिक शिम्पटन एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग की तलाश पर निकले थे। इस दौरान उन्हें पैरों कि विशालकाय निशाने मिले। उन्होंने इनको अपने कैमरे में कैद कर लिया। इसके बाद हिमालय पर काल्पनिक महामानव के होने की चर्चा फिर सुर्खियों में छा गई। इसके साथ ही हिम मानव के लिए शेरपा शब्द ‘येती’ प्रचलन में आया। आलोचकों का दावा था कि यह आकृति बर्फ के पिघलने से बनी है।
1986 में मशहूर पर्वतारोही रीनहोल्ड मेसनर येती से सामना होने का दावा किया था। 2007 में अमेरिका में एक टीवी शो को होस्ट करने वाले जोश गेट्स ने भी कुछ इस तरह का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि हिमालय में एक झरने के करीब बर्फ पर उनको पैरों के तीन रहस्यमय निशान मिले थे। हालांकि स्थानीय लोगों ने गेट्स की बात को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह भालू के पैरों के निशान थे जिसे गेट्स ने गलत समझ लिया।
1925 में एन.ए.तोम्बाजी नाम के एक फटॉग्रफर ने येती के हुलिए के बारे में बताया था। उन्होंने बताया था, ‘उसकी आकृति बिल्कुल इंसान के जैसी थी। वह सीधा खड़ा होकर चल रहा था। बर्फ के बीच उसका डार्क कलर नजर आ रहा था। जहां तक मैं देख पाया, उसने कोई कपड़ा नहीं पहन रखा था।
रूसी एक्सपर्ट का चौंकाने वाला खुलासा
विशालकाय पैरों वाले जानवर के एक्सपर्ट जॉन बाइंडरनैगल ने एक दावे से लोगों को चौंका दिया था। दरअसल रूस की सरकार ने भी साल 2011 में येती में दिलचस्पी दिखाई थी। इसी चीज को लेकर रूस की सरकार ने पश्चिमी साइबेरिया में विशालकाय पैरों वाले जानवर के एक्सपर्ट की एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। कॉन्फ्रेंस में जॉन ने दावा किया था कि येती का न सिर्फ वजूद है बल्कि वे अपने रहने के लिए घर भी बनाते हैं। वहीं कुछ अन्य वैज्ञानिकों ने उस दावे को खारिज कर दिया था।
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