Day: March 5, 2019

जानें एफ-16 के गलत इस्तेमाल पर पाकिस्तान के खिलाफ क्या कुछ कर सकता है अमेरिका

जानें एफ-16 के गलत इस्तेमाल पर पाकिस्तान के खिलाफ क्या कुछ कर सकता है अमेरिका

नई दिल्‍ली । भारत-पाकिस्‍तान के बीच 27 फरवरी को जो कुछ हुआ वह पूरी दुनिया जानती है। भारत के बालाकोट के जवाब में पाकिस्‍तान ने जो हिमाकत एफ-16 को भारत में भेजकर की है वह अब उसके गले की फांस बन चुकी है। अमेरिका ने भारतीय रिपोर्ट्स का हवाला लेते हुए इस बाबत पाकिस्‍तान से जवाब मांगा है। आपको बता दें कि अमेरिका ने पाकिस्‍तान को 80 के दशक में यह लड़ाकू विमान कूछ शर्तों के साथ दिए थे। इसमें एक शर्त यह थी कि इन विमानों का इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान किसी पर हमला करने के लिए नहीं कर सकेगा। इसका उपयोग सिर्फ अपने बचाव के लिए या सुरक्षा के लिहाज से किया जा सकता है। इसके अलावा वैश्विक आतंकवाद के खात्‍मे के लिए इन विमानों का उपयोग किया जा सकता है। इन विमानों के उपयोग के लिए पाकिस्‍तान को अमेरिका से इजाजत लेनी होगी। आपको यहां पर ये भी बता दें कि भारत के आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्‍तान ने कहा है कि उसने एफ-16 नहीं बल्कि जेएफ-17 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल किया था। यह विमान चीन और पाकिस्तानन ने मिलकर तैयार किया है। हालांकि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह इससे जुड़ी सभी रिपोर्ट्स पर ध्यान दे रहा है और इसके इस्तेमाल को लेकर संजीदा है।

80 के दशक में मिले थे पाक को एफ-16
लेकिन अब जबकि अमेरिका ने पाकिस्‍तान से इस बाबत जानकारी लेने की बात कह दी है तो यहां पर ये भी जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि यदि यह साबित हो गया कि पाकिस्‍तान ने जम्‍मू कश्‍मीर में एफ-16 के माध्‍यम से न सिर्फ हवाई क्षेत्र का उल्‍लंघन किया बल्कि भारत के सैन्‍य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर किस तरह की कार्रवाई कर सकता है। आपको बता दें कि 80 के दशक में अमेरिका ने पाकिस्‍तान को एफ-16 दिए थे। उसी समय भारत ने मिराज 2000 को लेकर फ्रांस से सौदा किया था। इस बाबत दैनिक जागरण ने रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा से बात की। उनका कहना है कि भारत में पाकिस्‍तान द्वारा एफ-16 के इस्‍तेमाल को लेकर कोई शक नहीं है। जहां तक अमेरिका के एक्‍शन लेने की बात है तो वह कई तरह की कार्रवाई पाकिस्‍तान के खिलाफ कर सकता है।

कुछ शर्ता पर दिए गए थे पाक को एफ-16
उनके मुताबिक अमेरिका ने पाकिस्‍तान को दो तरह से एफ-16 विमानों की सप्‍लाई की है। 80 के दशक में जो विमानों की सप्‍लाई की गई थी उनमें वह शर्त नहीं थी जो बाद में सप्‍लाई किए गए विमानों को देते समय अमेरिका ने रखी थी। उनके मुताबिक पेसलर संशोधन के बाद अमेरिका ने एफ-16 की बिक्री बंद कर दी थी। इसकी वजह थी पाकिस्‍तान द्वारा न्‍यूक्लियर टेस्‍ट करना था। पेसलर संशोधन में कहा गया था कि किसी भी ऐसे देश को एफ-16 लड़ाकू विमान नहीं दिए जा सकते हैं जिसने परमाणु परीक्षण किया हो। हालांकि उस वक्‍त भी पाकिस्‍तान ने अमेरिका को 28 एफ-16 लड़ाकू विमानों का आर्डर दिया हुआ था। लेकिन पेसलर संशोधन की वजह से अमेरिका के हाथ बंध गए थे। लेकिन बाद में अफगानिस्‍तान में अमेरिका के आने के बाद हालात बदल गए। उस समय जो एफ-16 लड़ाकू विमान पाकिस्‍तान को दिए गए वह इस शर्त पर थे कि इनका इस्‍तेमाल सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ किया जा सकता है। उनके मुताबिक यह भी काफी हद तक संभव है कि दूसरी खेप देते समय अमेरिका ने पुराने लड़ाकू विमानों पर भी इस शर्त को रख दिया हो।

रुक सकती है वित्‍तीय मदद
जहां तक पाकिस्‍तान के खिलाफ एक्‍शन लेने की बात है तो अमेरिका पाकिस्‍तान को दिए जाने वाली वित्‍तीय मदद को रोक सकता है। इसके अलावा वह आर्थिक दबाव भी डाल सकता है, जो पाकिस्‍तान को मुश्किल में डाल सकता है। एक अन्‍य देशों या संगठनों के माघ्‍यम से होने वाली फंडिंग को भी बंद करवा सकता है। यह सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि जिस एफ-16 का इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान ने भारत के खिलाफ किया उस पर क्‍या शर्त लागू होती है।

जम्मू-कश्मीर के त्राल में एनकाउंटर जारी, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर के त्राल में एनकाउंटर जारी, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया

श्रीनगर। सुरक्षाबलों को त्राल के रेशी मोहल्ले में दो से तीन आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी।सोमवार शाम से त्राल में शुरू हुए मुठभेड़ में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों ने दो आतंकी को मार गिराया। जम्मू-कश्मीर के त्राल में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच सोमवार शाम से ही मुठभेड़ जारी है। सुरक्षाबल सोमवार सुबह से ही इस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद से ही सर्च ऑपरेशन चला रखा है। जिसके बाद शाम को यहां आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ मेें दो आतंकी के मारेे जाने की सूचना है।

सूत्रों की माने तो यह मुठभेड़ त्राल के रेशी मोहल्ले में शुरू हुई है। माना जा रहा है कि तीन आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है। दोनों तरफ से फायरिंग जारी है। 42 राष्ट्रीय राइफल्स, 180 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी की संयुक्त टीम इस मुठभेड़ को लीड कर रही है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर रखा है ताकि आतंकी मौके का फायदा उठाकर भाग न निकलें। सूत्रों का कहना है कि दो से तीन आतंकी फंसे हुए हैं। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही काफी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया है।

लोकसभा चुनाव के लिए AAP-कांग्रेस में गठबंधन फाइनल ! आज होगा एलान

लोकसभा चुनाव के लिए AAP-कांग्रेस में गठबंधन फाइनल ! आज होगा एलान

Lok Sabha Elections 2019 लोकसभा चुनाव 2019 के लिए दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच गठबंधन लगभग फाइनल हो गया है। इस बाबत सोमवार को रात करीब दो बजे तक बैठकों का दौर चला। इसका ऐलान मंगलवार को दिन में कभी भी हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर या फिर शाम तक गठबंधन की स्थिति पूर्णतया स्पष्ट हो जाएगी। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को दिल्ली के नेताओं की एक मीटिंग बुलाई है, जिसमें AAP-कांग्रेस गठबंधन का ऐलान हो सकता है।

गठबंधन होने की स्थिति में दिल्ली में लोकसभा की सात सीटों पर चुुनाव 3-3-1 के फॉर्मूले पर ही लड़ा जाएगा। जानकारी यह भी सामने आ रही है कि इस फॉर्मूले के तहत दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और पूर्वी दिल्ली से पूर्व सांसद दिल्ली से चुनाव नहीं लड़ेंगे।

..इसलिए करना पड़ रहा है गठबंधन

यहां पर बता दें कि हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) से आम आमदी पार्टी का गठबंधन नहीं हो पाया है और दिल्ली में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने की स्थिति में AAP को बड़ा नुकसान होने का खतरा था। इस बीच अन्य घटक दलों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय महागठबंधन के घटकों का काफी दबाव था, खासकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु के साथ पश्चिम बंगाल की सीएम ममत बनर्जी का भी दबाव था कि AAP भाजपा को हराने के लिए सक्षम पार्टियों के साथ गठबंधन करे।

Bharat Bandh Live: 13 प्वाइंट रोस्टर और आर्थिक आरक्षण को लेकर दलित-पिछड़ों का भारत बंद

Bharat Bandh Live: 13 प्वाइंट रोस्टर और आर्थिक आरक्षण को लेकर दलित-पिछड़ों का भारत बंद

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ आज कई समाज के लोग सड़कों पर उतरेंगे। दलित, पिछड़ों और आदिवासियों समेत इस बंद में कई सामाजिक संगठन भी भाग ले रहे हैं। इसके अलावा कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस भारत बंद को समर्थन किया है। भारत बंद के मुख्य मुद्दे 13 प्वाइंट रोस्टर की जगह 200 प्वाइंट रोस्टर और गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण है। इसके अलावा आदिवासियों की जमीन और देशभर में खाली पड़े 24 लाख से ज्यादा पदों की मांग को लेकर भी ये बंद बुलाया गया है।

कश्मीर में 35ए के विरोध में बंद

एक और जहां कई संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है, वहीं दूसरी तरफ कश्मीर में भी संगठनों ने बंद बुलाया है। कश्मीर का बंद 35A और जमात ए इस्लामी पर बैन के खिलाफ बुलाया है। जिसके चलते घाटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दलित-पिछड़ों का भारत बंद
केंद्र सरकार से नाराज दलित, पिछड़ों और सामाजिक संगठनों ने इस भारत बंद का आह्वान किया है।बंद बुलाने की मुख्य वजह 200 प्वाइंट रोस्टर और सवर्ण गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण बताया जा रहा है।
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