Day: January 23, 2019

इस साल पहली बार सबसे साफ हवा में सांस ले रहे हैं दिल्ली-NCR के 4 करोड़ लोग

इस साल पहली बार सबसे साफ हवा में सांस ले रहे हैं दिल्ली-NCR के 4 करोड़ लोग

नई दिल्ली। झमाझम बारिश ने ठिठुरन भरी ठंड ही नहीं बढ़ाई बल्कि दिल्ली एनसीआर के प्रदूषण को भी धो डाला। आलम यह रहा कि इस साल पहली बार एयर इंडेक्स सामान्य स्थिति में पहुंच गया। अगले तीन दिनों तक प्रदूषण के खराब स्तर से ऊपर जाने की संभावना नहीं है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) के मुताबिक, दिल्ली के लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 का स्तर 84 तो पीएम 10 का स्तर 73 है। इस स्तर को संतोषजनक माना जाता है। बताया जा रहा है कि इस साल पहली पर दिल्ली के दो करोड़ से अधिक लोगों समेत एनसीआर के दो करोड़ लोग भी खुली और शुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक इससे पहले नवंबर माह में एक दिन के लिए दिल्ली में सामान्य स्तर का प्रदूषण दर्ज किया गया था। पिछले चार सालों के दौरान महज दो बार जनवरी में इस स्तर का प्रदूषण दिल्ली वालों को मिला है। 2017 की जनवरी में दो दिन सामान्य स्तर का प्रदूषण रहा था। इसके अलावा 2016 से अब तक जनवरी में इतना कम प्रदूषण नहीं हुआ है।

सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 104 रहा। वहीं एनसीआर इससे भी ज्यादा साफ रहा, हालांकि दिल्ली का एयर इंडेक्स शाम 6 बजे के बाद 100 से नीचे पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदूषण में काफी अधिक सुधार हुआ है। बुधवार को स्थिति कुछ खराब होगी, लेकिन प्रदूषण सामान्य स्तर पर बना रहेगा। बृहस्पतिवार को प्रदूषण खराब स्थिति में आ सकता है। सफर के अनुसार अगले तीन दिनों तक बारिश का असर बना रहेगा।

चीन की सेना में हुए बड़े बदलाव के पीछे क्या है वजह, कहीं भारत तो नहीं कारण

चीन की सेना में हुए बड़े बदलाव के पीछे क्या है वजह, कहीं भारत तो नहीं कारण

नई दिल्‍ली । चीन अपनी सेना में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत उसने अपन थल सेना के आकार में लगभग 50 फीसद तक की कटौती की है। हालांकि, इस कटौती के बाद भी 20 लाख सैनिकों के साथ पीएलए दुनिया की सबसे बड़ी सेना बनी हुई है। चीन की मीडिया ने इसको इतिहास का असाधारण बदलाव बताया है। इस बदलाव के तहत वह अपनी थल सेना में कटौती कर नौसेना और वायुसेना में इजाफा कर रहा है। इसके पीछे एक नहीं बल्कि कई वजह हैं। वहीं यदि इसके दो बड़े कारणों पर गौर किया जाए तो उसमें एक बड़ा कारण भारत है तो दूसरा बड़ा कारण चीन की विस्‍तारवादी नीति है। आपको बता दें कि दक्षिण चीन सागर पर कब्जे को लेकर अमेरिका और चीन कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। इस पर दोनों ही एक दूसरे को अल्‍टीमेटम भी दे चुके हैं। वहीं दूसरी तरफ यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसपर कई देशों ने अपना हक जताया है। ताजा फैसले के पीछे यहां पर चीन की मौजूदगी की भी एक बड़ी वजह है।

दक्षिण चीन सागर 
दरअसल, यह पूरा इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भरा पड़ा है। इस इलाके से करीब 335 लाख करोड़ का सालाना कारोबार होता है। दुनियाभर के 33 फीसद व्‍यापारिक जहाज इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। यही वजह है कि चीन इस जगह को लेकर काफी संजीदा है और वह अमेरिका से भी आर-पार को तैयार है। इस पर मलेशिया, ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम और ब्रुनई भी अपना हक जताता है। समुद्र से पूरी तरह से घिरा होने की वजह से यहां की सुरक्षा की पूरी जिम्‍मेदारी या तो नौसेना के पास है या फिर चीन की वायुसेना के पास। इसके अलावा यह पूरा इलाका आम नागरिकों के लिए पूरी तरह से निषेध है, इसलिए यहां की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी इन्‍हीं के पास है। यहां पर थल सेना की कोई भूमिका नहीं है।

चीन की विस्‍तारवादी नीति 
थल सेना में कटौती कर नौसेना और वायुसेना में इजाफा करने की वजह के पीछे दूसरी बड़ी वजह चीन की विस्‍तारवादी नीति भी है। आपको बता दें कि चीन लगातार अपने पांव हिंद महासागर में फैला रहा है। यहां पर वह अपनी कर्ज नीति का दांव खेलकर छोटे देशों को अपनी मुट्ठी में करना चाहता है। इसके तहत वह नेपाल, म्‍यांमार, बांग्‍लादेश, श्रीलंका, मालदीव और पाकिस्‍तान को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। पाकिस्‍तान में बनने वाले आर्थिक गलियारे पर चीन खरबों रुपये खर्च कर रहा है। इसके लिए चीन ने पाकिस्‍तान को अरबों का कर्ज भी दिया है। सीपैक सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि इससे भी कहीं आगे है। चीन पाकिस्‍तान के लिए कुछ पनडुब्बियां भी बना रहा है। यह सारा खेल चीन ने हिंद महासागर में पांव पसारने और भारत के बढ़ते कदमों को रोकने के लिए रचा है। इस बड़े इलाके में नजर रखने की भी जिम्‍मेदारी चीन की वायुसेना और नौसेना की ही है। यहां पर भी चीन की थलसेना की कोई जगह नहीं है।

चीन के सीमा विवाद 
चीन के इस बड़े फैसले को समझने के लिए यह भी जानना जरूरी है कि चीन की सीमाएं भले ही सिर्फ 14 देशों के साथ मिलती हैं, लेकिन इसका सीमा विवाद 23 देशों के साथ है। भारत, अफगानिस्‍तान, कजाखिस्‍तान, मंगोलियां भी शामिल हैं। इसके अलावा इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि भविष्‍य में किसी भी युद्ध में वायुसेना और नौसेना की अहम होगी। भविष्‍य का युद्ध पूरी तरह से तकनीक के आधार पर लड़ा जाएगा, जिसे चीन बखूबी जानता है। इसके लिए चीन काफी समय से तैयारी कर रहा है। उसकी नौसेना और वायुसेना की बात करें तो पिछले वर्ष चीन ने इन्‍हें और मजबूती देने के लिए अत्‍याधुनिक लड़ाकू विमान और स्‍वदेशी पनडुब्‍बी समुद्र में उतारी है। चीन का पूरा ध्‍यान अब हिंद महासागर में मौजूद देशों को साधने में लगा है। यही वजह है कि वह अपनी नौसेना और वायुसेना का दायरा बढ़ा रहा है। आपको बता दें कि चीन ने पिछले वर्ष ही अफ्रीकी देश जिबूती में अपना पहला नौसेना का बेस बनाया है। चीन की नौ सेना के पास अभी एक विमानवाहक युद्धपोत है, जबकि दूसरे का परीक्षण चल रहा है और तीसरे युद्धपोत का निर्माण जारी है। सरकारी मीडिया के मुताबिक चीन अपनी नौ सेना में पांच से छह विमानवाहक युद्धपोत को शामिल करने की तैयारी में है।

ये भी हैं वजह
शंघाई के सैन्य मामलों के जानकार नी लेक्सियांग का भी कहना है कि चीन की इस रणनीतिक बदलाव में सीमा से दूर अपने हितों की रक्षा का मकसद छिपा है। साथ ही एक दूसरा उद्देश्य देश की सीमा से दूर के क्षेत्रों में भी अपनी ताकत को मजबूत करना है। उनके मुताबिक मौजूदा वक्त में थल सेना की अहमियत कम हो गई है। अब अंतरिक्ष, हवा और साइबर क्षेत्र में दबदबा कायम करने का समय आ गया है।

Ind vs NZ: पहले वनडे में जीत के बाद बने ढेर सारे रिकॉर्ड, गिनते-गिनते थक जाएंगे आप

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नई दिल्ली। भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच नेपियर में खेले गए पहले वनडे मैच को टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीता। इस जीत से भारत ने पांच वनडे मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-0 से बढ़त बना ली है। इस मैच में न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। भारतीय गेंदबाज़ों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत कीवी टीम 157 रन पर ऑल ऑउट हो गई। हालांकि डूबते सूरज की रोशनी के कारण खेल कुछ देर के लिए मैच रोकना पड़ा। इसकी वजह से भारत को  जीत के लिए 156 रन का संशेाधित लक्ष्य दिया गया।

सूरज की रोशनी से रुका मैच

पहली बार मैच में ऐसे हालात में डकवर्थ लुईस प्रणाली का इस्तेमाल किया गया जिसमें बारिश के कारण व्यवधान पैदा नहीं हुआ था। भारत का स्कोर जब एक विकेट पर 44 रन था तब डूबते सूरज की रोशनी के कारण गेंद नहीं देख पाने की वजह से मैच रोकना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऐसी दिक्कत पहली बार देखने को मिली।करीब आधे घंटे के विलंब के कारण लक्ष्य 49 ओवरों में 156 रन का कर दिया गया जो भारत ने बिना किसी परेशानी के हासिल कर लिया। डिनर के बाद रोहित शर्मा अपना विकेट गंवा बैठे लेकिन विराट कोहली और धवन ने टीम को जीत तक पहुंचाया।

विराट कोहली (10430 रन) ने सबसे ज्यादा वनडे रन के मामले में ब्रायन लारा (10405 रन) को पीछे छोड़ा और अब वह लिस्ट में 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। पहले स्थान पर सचिन तेंदुलकर (18426) के अलावा और कौन हो सकता है।

Priyanka Gandhi की राजनीति में एंट्री, राहुल ने बनाया कांग्रेस महासचिव, मिली पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान

Priyanka Gandhi की राजनीति में एंट्री, राहुल ने बनाया कांग्रेस महासचिव, मिली पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान

नई दिल्ली। Priyanka Gandhi ने आखिरकार राजनीति में आने का फैसला कर लिया है। उन्हें कांग्रेस का महासचिव बनाया गया है। खबरों के अनुसार प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान दी गई है। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रियंका गांधी की राजनीति में एंट्री को कांग्रेस के ट्रंप कार्ड के रूप में देखा जा रहा है।

प्रियंका गांधी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति को देखेंगी। प्रियंका के अलावा मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। केसी वेणुगोपाल को संगठन में कांग्रेस महासचिव बनाया गया है।

प्रियंका गांधी की नियुक्ति पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया यूपी के युवाओं के सपनों को पूरा करेंगे। प्रियंका गांधी की एंट्री से कांग्रेस की विचारधारा उत्तर प्रदेश में आएगी। प्रियंका गांधी एक कर्मठ और काबिल नेतृत्व देने में सफल होंगी। मुझे ख़ुशी है कि वह अब मेरे साथ काम करेंगी। मुझे निजी रूप से इस बात की ख़ुशी है। वह यह भी बोले, मैं अखिलेश और मायावती का भी सम्मान करता हूँ। उनके लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं।

प्रियंका गांधी फरवरी माह के पहले हफ्ते में अपना कार्यभार संभालेंगीं। कांग्रेस की तरफ से जारी प्रेस नोट में इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसी प्रेस नोट में गुलाम नबी आजाद को तुरंत प्रभाव से हरियाणा की जिम्मेदारी दिए जाने के संबंध में भी लिखा गया है।

 

रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर दी बधाई

प्रियंका गांधी वाड्रा को पूर्वी उत्तर प्रदेश का महासचिव बनाए जाने पर उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने बधाई दी है। प्रियंका की इस ताजपोशी पर खुशी जाहिर करते हुए वाड्रा ने फेसबुक पर लिखा कि वह नई राजनीतिक पारी के लिए प्रियंका को शुभकामनाएं देते हैं। वाड्रा ने कहा कि वह जीवन के हर मोड़ पर प्रियंका का साथ देंगे। प्रियंका गांधी अभी विदेश दौरे पर हैं।

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