Month: December 2018

इंडस्ट्री में काम न मिलने से गायक सोनू निगम नाराज, कहा- काश! पाकिस्तान में पैदा हुआ होता

मुंबई. सोनू निगम ने म्यूजिक इंडस्ट्री में काम के तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए विवादास्पद बयान दिया। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि गाना गाने के लिए म्युजिक कंपनियों को पैसे देने पड़ते हैं, जबकि दूसरे देशों में ऐसा नहीं है। अगर पाकिस्तान में पैदा हुआ होता, कम से कम यहां काम के ऑफर तो मिल रहे होते। इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी खिंचाई की। कुछ लोगों ने सोनू को देश छोड़ने तक की सलाह दे दी।

सोनू ने कहा, ‘”कभी-कभी लगता है कि अच्छा होता मैं पाकिस्तान में पैदा होता तो भारत में अच्छा काम मिल रहा होता। क्योंकि, फिलहाल भारतीय सिंगर म्यूजिक कंपनी को शो के लिए पैसा देते हैं। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो वो आपका गाना नहीं बजाएंगे और आपको गाना भी नहीं दिलवाएंगे। किसी के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए, फिर आप भारतीय गायकों के साथ ऐसा क्यों।

सोनू ने पाकिस्तानी गायकों का जिक्र करते कहा, ‘”आतिफ असलम छोटे भाई जैसा है। बहुत अच्छा गाता है, लेकिन उसे पैसे नहीं देने पड़ते हैं। राहत अली को नहीं बोलते कि आओ और पैसे दो। सिर्फ अपने वालों को बोलेंगे। मैं नाम गिनवा सकता हूं। कंपनियों ने लीगल कॉन्ट्रेक्ट करा रखा है। इसी वजह से लगता है कि काश मैं पाकिस्तान में पैदा हुआ होता।”

सोनू ने कहा कि पहले म्यूजिक कंपोजर गाना बनाते थे। अब कंपनी अपने हिसाब से गाना बनाती हैं। बॉलीवुड में रीमिक्स के चलन पर उन्होंने कहा कि ऐसे गाने हिट हो जाते हैं और पैसे भी कमा लेते हैं, पर लोग इन्हें लंबे वक्त तक याद नहीं रखते। माहौल ऐसा है कि आज गाने फिल्म के प्रमोशन के लिए बन रहे हैं।

सोनू निगम के बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी जाहिर की है। कुछ लोग उन्हें ट्रोल करते हुए पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री से पूछा कि आखिर एक नामी भारतीय गायक को ऐसा क्यों कहना पड़ा।

संचार उपग्रह जीसैट-7ए की लॉन्चिंग आज, वायुसेना के लिए होगा मददगार

चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज शाम 4:10 बजे संचार उपग्रह जीसैट-7ए लॉन्च करेगा। 2250 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट भारतीय क्षेत्र में केयू-बैंड के उपभोक्ताओं को संचार क्षमताएं मुहैया कराएगा। इससे खासतौर पर वायुसेना को संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सैट-7ए को श्रीहरिकोटा स्थित स्पेसपोर्ट के दूसरे लाॅन्च पैड से जीएसएलवी-एफ11 के जरिए लॉन्च किया जाएगा। यह सैटेलाइट इसरो ने ही तैयार किया है। यह आठ साल तक सेवाएं दे सकता है

यह सैटेलाइट वायुसेना के विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन और ग्राउंड स्टेशनों को जोड़ देगा। इससे एक केंद्रीकृत नेटवर्क तैयार हो जाएगा।

285 करोड़ रुपए की संपत्ति के लिए मृत मां को जिंदा बताया, पति-पत्नी और बेटा गिरफ्तार

नोएडा. मुंबई में रहने वाले एक व्यक्ति सुनील, पत्नी राधा और बेटे अभिषेक को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के भाई ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। यह भी कहा था आरोपी ने 285 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के लिए दस्तावेजों में मृत मां को जिंदा बता दिया। तीनों आरोपियों को 15 दिसंबर को मुंबई के पवई स्थित हीरानंदानी गार्डन से अरेस्ट किया गया था।

विजय गुप्ता ने नोएडा के सेक्टर-20 में अपने बड़े भाई सुनील, भाभी, उनके दो बेटों और पांच अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। केस पांच साल पुराना है।

थाना प्रभारी मनोज कुमार पंत के मुताबिक- “मां के निधन के बाद सुनील गुप्ता ने फर्जी दस्तावेज बनवाए, जिसमें उन्हें (मां) जिंदा दिखाया गया। इसके बाद सुनील ने धोखे से प्रॉपर्टी को अपने और परिवार के नाम करा लिया। इसके चलते शिकायतकर्ता को 285 करोड़ का नुकसान हुआ।”

सुनील की मां कमलेश रानी का निधन 7 मार्च 2011 को हो गया था। उनकी संपत्ति 285 करोड़ रुपए की है जिसमें मुंबई में एक मोमबत्ती बनाने की फैक्ट्री भी शामिल है। फैक्ट्री का एक ऑफिस नोएडा में भी है।

कमलेश रानी ने अपनी वसीयत में लिखा था कि मरने के बाद उनके बेटों में यह जायदाद बांट दी जाए। विजय गुप्ता ने जिला कोर्ट में अपने बड़े भाई पर आरोप लगाया कि उसने गलत दस्तावेज बनवाए और कंपनी पर कब्जा कर लिया, जबकि कंपनी में वह भी पार्टनर था

अफसर के मुताबिक- “सुनील ने मुंबई स्थित रजिस्ट्रार ऑफिस में पेश दस्तावेजों में बताया कि मोमबत्ती बनाने वाली कंपनी उसे मां से तोहफे के रूप में मिली है। इसकी वसीयत (गिफ्ट डीड) भी कराई जा चुकी है। नियम के मुताबिक गिफ्ट डीड किसी मृत व्यक्ति के नाम से नहीं बनवाई जा सकती। डीड में मृत मां को जिंदा बताया गया था।’

 

सचिन पायलट नहीं, बल्कि अशोक गहलोत हो सकते हैं राजस्थान के मुख्यमंत्री: सूत्र

नई दिल्ली: राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति साफ होती दिख रही है. सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और इसका ऐलान आज जयपुर में किया जाएगा.
हालांकि, अभी भी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है कि अशोक गहलोत ही सीएम बनेंगे या फिर सचिन पायलट. सूत्रों की मानें तो अभी दोनों नेता दिल्ली में ही मौजूद हैं और सचिन पायलट अभी भी सीएम पद की मांग पर अड़े हैं.
सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों ही मुख्यमंत्री की रेस में थे. विधायक दल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद पर फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया गया था. गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर बैठकों के कई दौर चले.
बताया जा रहा है कि बैठक में राजस्थान की कमान गहलोत को सौंप देने का फैसला किया गया. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है

राजस्थान की बात करें तो वहां सीएम की रेस में गहलोत पहले से ही आगे चल रहे थे. लेकिन सचिन पायलट उन्हें कड़ी टक्कर देते दिख रहे थे.
यहां पार्टी आलाकमान ने तजुर्बे और युवा चेहरे के बीच तजुर्बे को चुना है. अशोक गहलोत पहले भी राजस्थान के सीएम रह चुके हैं और उन्हें काफी अनुभव है,
वहीं सचिन पायलट राजस्थान में युवाओं के चहेते हैं. इसके अलावा कांग्रेस नेतृत्व के भी वह पसंदीदा चेहरे हैं.

तीन राज्यों में सीएम के नाम पर मंथन के लिए प्रियंका गांधी भी राहुल गांधी के घर पहुंचीं हैं.
कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही कथित खींचतान के बीच राहुल गांधी ने बैठक की.
राहुल गांधी के आवास 12 तुगलक लेन पर की गई. बैठक में राजस्थान के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे और पर्यवेक्षक की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल मौजूद थे.

चल रहे गतिरोध के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक गुरुवार सुबह शुरू हुई थी.
आपको जल्द ही मुख्यमंत्री मिल जाएगा.’ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है, ‘सभी विधायकों ने
पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को (छत्तीसगढ़ के) कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने के लिए अधिकृत किया है… वह जो भी फैसला लेंगे, विधायक उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं..

कोहली की वजह से कुंबले हटे और शास्त्री कोच बने; अब हरमनप्रीत पर परेशानी क्यों: इडुल्जी

बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना इडुल्जी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के कोच को लेकर छिड़े विवाद के बीच कप्तान विराट कोहली और पूर्व कोच अनिल कुंबले को लेकर खुलासा किया। इडुल्जी ने कहा कि कुंबले के कोचिंग के तरीकों से विराट खुश नहीं थे और इसे लेकर वह लगातार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी को एसएमएस करते थे। इसके बाद ही कुंबले को इस्तीफा देना पड़ा और इसके बाद शास्त्री की नियुक्ति की गई। इडुल्जी ने सवाल उठाया कि जब कोहली के कहने पर कुंबले की जगह शास्त्री कोच हो सकते हैं, तब महिला टीम की खिलाड़ियों की अपील पर रमेश पोवार कोच क्यों नहीं हो सकते।

कुंबले का अनुबंध 2017 चैंपियंस ट्रॉफी तक था। लेकिन, शास्त्री को जुलाई 2017 में ही टीम का कोच बनाया गया था। इसके लिए बोर्ड ने मई में ही विज्ञापन भी जारी कर दिए थे।

‘पोवार के लिए अपील में कुछ गलत नहीं’
इडुल्जी ने कहा- महिला खिलाड़ियों स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत ने पोवार को कोच बनाने की अपील की, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता। वे (बोर्ड) कोहली के संदेशों पर कोच बदल सकते हैं, उस समय नियमों को लांघा गया था। मैंने तब भी आवाज उठाई थी। जब उस वक्त ऐसा फैसला लिया गया था, तब महिला खिलाड़ियों के कहने पर ऐसा क्यों नहीं हो सकता। उन खिलाड़ियों को यही सही लगता है।

महिला टीम के कोच के लिए समिति पर भी आपत्ति
इडुल्जी ने यह बयान तब दिया, जब बीसीसीआई ने महिला टीम में कोच की नियुक्ति के लिए समिति का गठन किया। इस समिति में कपिल देव, अंशुमन गायकवाड और शांता रंगास्वामी हैं। इडुल्जी ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि इस संबंध में सीओए अध्यक्ष विनोद राय ने उनकी सहमति नहीं ली और वह इस एकतरफा फैसले को स्वीकार नहीं कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भी समान अधिकार दिए हैं और उन्होंने इस फैसले पर हैरत जताई।

बोर्ड ने कुंबले से कहा था, कोहली तौर-तरीकों से खुश नहीं- इडुल्जी
वेबसाइट ईएसपीएन के मुताबिक, इडुल्जी ने कहा- कोहली लगातार जौहरी को एसएमएस भेजकर कुंबले के तौर-तरीकों के बारे में बताते थे। कोच और कप्तान के बीच मामला सुलझाने की कोशिश कई बार की गई। मुख्य सलाहकार समिति (सीएसी) ने प्रशासकों की समिति के कहने पर सुलह की कोशिश की और कुंबले को ही कोच बनाए जाने पर सहमति भी जताई, लेकिन तब भी मामला नहीं बना। बोर्ड ने जब कुंबले को बताया कि कोहली को उनके तौर-तरीके पर आपत्ति है, तब उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

संस्कृत एवं पालि भाषा का अन्तःसम्बन्ध विषय पर परिचर्चा एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह सम्पन्न।

दिल्ली संस्कृत अकादमी, झण्डेवालान,करोलबाग, नई दिल्ली-05 द्वारा आयोजित तीन महीने का पालि भाषा अध्ययन प्रशिक्षण का दीक्षांत समारोह अकादमी के सभागार में आज संपन्न हुआ। इस कोर्स का प्रारंभ 9 सितंबर 2018 को हुआ था, जो लगातार तीन महीने चला और आज इसका समापन हुआ। ज्ञातव्य हो यह कोर्स इस अकादमी में दिल्ली सरकार द्वारा पहली बार शुरू किया गया है जो आगे भी चलता रहेगा। इस दीक्षांत समारोह में छात्रों सहित दिल्ली संस्कृत अकादमी के सचिव डॉ जीतराम भट्ट, कोर्स के प्रशिक्षक प्रोफेसर उपेंद्रराव चौडूरि और अकादमी के अन्य कार्यकर्तागण उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ जीतराम भट्ट ने किया उन्होंने कहा “पालि भाषा और संस्कृत भाषा के अंतरसंबंध के बारे में कहा और इन दोनों भाषाओं के विकास के लिए कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने छात्रों को स्वाध्याय करने के लिए कहा और कहा जो उन्होंने इस अकादमी में सिखा है अब वो उसे अन्य लोगों को भी बतायें जिससे वो अपने गुरु का ऋण उतार सकें। कार्यक्रम के मुख्यवक्ता प्रोफेसर उपेंद्रराव ने पालि भाषा को बहुत ही प्राचीन बताया और कहा यह प्राचीन भारत को समझने का एक बहुत ही महत्वपूर्ण माध्यम है। आज पालि विलुप्त हो गया है, पालि के विद्वानों की कमी है। एक समय हमारे यहाँ पालि सिखने लोग आते थे, आज हमें दूसरे देश जाना पड़ता है। पालि बहुत ही समृद्ध भाषा है और इसका प्रभाव आज भी भारत के उत्तर और दक्षिण में दिखलाई पड़ता है अपितु भारत ही नहीं यूरोप के देशों पर भी इसका प्रभाव है। उन्होंने बहुत से पालि शब्दों की व्याख्या की। उन्होंने कहा वो पालि भाषा के विकास के लिए हमेशा कार्य करते रहेंगे। कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपने-अपने अनुभव शेयर किये जिसमें ओमवीर सिंह, प्रेम लता, प्रदीप शर्मा, रामरतन कुशवाहा, राम अवध वर्मा आदि सम्मिलित थे। अन्त में सभी को प्रमाण-पत्र वितरित कर कार्यक्रम का समापन हुआ।ib hello

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