Day: December 28, 2018

दिल्ली में रोज ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, 2-3 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचा तापमान

दिल्ली में रोज ठंड तोड़ रही रिकॉर्ड, 2-3 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंचा तापमान

नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत कड़ाके की ठंड से कांप रहा है। दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का दौर शुक्रवार को भी जारी है। आलम यह है कि ठंड रोजाना रिकॉर्ड तोड़ रही है। इस बीच 1.4 डिग्री तापमान के साथ दिल्ली से सटा गुरुग्राम सबसे सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 दिसंबर को दिल्ली का तापमान 2 से 3 डिग्री तक जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो पिछले कई सालों का रेकॉर्ड टूट जाएगा। साल के अंत तक ठंड का प्रकोप इसी तरह बना रहेगा।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान चार डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार एक जनवरी तक शीतलहर का प्रकोप जारी रहेगा। दोपहर को चंद घटे के लिए ही लोगों को सर्दी और ठिठुरन से कुछ राहत मिलती है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली का न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री तक जा सकता है। अधिकतम तापमान में भी अब गिरावट आएगी।  इससे पहले बृहस्पतिवार को दिल्ली का तापमान महज 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 27 दिसंबर के दिन इतना कम तापमान पिछले सात सालों में कभी नहीं रहा।

बृहस्पतिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। लोदी रोड यह 3.6 डिग्री, जबकि आया नगर में 3.7 डिग्री रहा। गुरुग्राम में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह घना कोहरा छाया रहा। हवा में नमी का स्तर भी 45 से 100 फीसद रहा।

उधर स्काईमेट के अनुसार आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कोई प्रभावी मौसम सिस्टम विकसित नहीं हो रहा है। ऐसे में अभी दिल्ली को राहत मिलने वाली नहीं है। दिल्ली-एनसीआर के अधिकाश हिस्सों में शीत लहर बने रहने की उम्मीद है।

ट्रंप ने खोला राज, आखिर क्‍यों इतना सीक्रेट रखा गया था उनका इराक दौरा

ट्रंप ने खोला राज, आखिर क्‍यों इतना सीक्रेट रखा गया था उनका इराक दौरा

नई दिल्‍ली । इराक में अचानक पहुंचकर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हर किसी को हैरान किया है। सीरिया और अफगानिस्‍तान से अपनी फौज को वापस बुलाने के ऐलान के बाद इराक का उनका दौरा हर किसी के लिए हैरानी का विषय बन गया है। करीब 15 वर्षों में इराक का दौरा करने वाले वह तीसरे अमेरिकी राष्‍ट्रपति हैं। वर्ष 2003 से लेकर 2008 तक राष्‍ट्रपति बुश ने करीब चार बार इराक का दौरा किया था। इसके बाद 2009 में बराक ओबामा भी गुप्‍त दौरे के तहत इराक आए थे। दरअसल, इराक में सद्दाम हुसैन का तख्‍ता पलट कर उसको फांसी की सजा देने के बाद से देश के हालात सुधरे नहीं हैं। यहां पर खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के पैर जमाने के बाद हालात और खराब हो गए थे। ऐसे में काफी समय से अमेरिकी फौज लगातार यहां पर जमी हुई है।

नहीं हुई किसी को खबर
2003 में जब राष्‍ट्रपति बुश ने इराक का दौरा किया था उस वक्‍त किसी को कानोकान इसकी खबर नहीं हुई थी। ऐसा ही इस बार भी ट्रंप के दौरे के समय हुआ। उनके इस दौरे को लेकर पूरी तरह से सीक्रेसी बनाकर रखी गई। यहां पर ये भी बताना जरूरी होगा कि ट्रंप का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका को एक बार फिर से शटडाउन के हालात से गुजरना पड़ा है। यहां तक की सीरिया और अफगानिस्‍तान से अपनी फौज की वापसी के मुद्दे पर रक्षा मंत्री जिम मेटिस ने इस्‍तीफा तक दे दिया था।

सीरिया के लिए अमेरिका का सीक्रेट गेमप्‍लान
उन्‍होंने यहां के अल असद एयरबेस पर अपने सीरिया और अफगानिस्‍तान को लेकर लिए गए फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि आठ वर्ष पहले हम यहां पर तीन माह तक के लिए आए थे, लेकिन अब तक नहीं गए। ऐसा कभी नहीं सोचा गया था कि सीरिया में हम इतने समय या फिर हमेशा के लिए रुके रहेंगे। ट्रंप ने इस दौरान साफ कर दिया है कि उनहोंने सीरिया में छह माह और रुकने की अपने कमांडर की अपील को खारिज कर दिया है। अब इस काम को दूसरे तरीके से किया जाएगा। उनके मुताबिक सीरिया से बाहर आने के बाद अमेरिकी फौज इराक के सीमावर्ती इलाकों में अपने कमांडो तैनात करेगा जो जरूरत पड़ने पर वह सीरिया में स्‍ट्राइक के लिए तैयार रहेंगे।

दौरा छिपाने के पीछे ये थी वजह 
वर्ष 2009 में बराक ओबामा ने कहा था कि वक्‍त आ गया है कि अब इराक की जिम्‍मेदारी खुद वहां के लोग संभाले। राष्‍ट्रपति रहते हुए वह करीब चार बार अफगानिस्‍तान भी पहुंचे थे। जहां तक ट्रंप के यहां आने की बात है तो पिछले माह उनके इराक आने की चर्चा जरूर थी लेकिन बाद में इस दौरे को रद कर दिया गया था। क्रिसमस के बाद इराक पहुंचे ट्रंप ने मलेनिया के साथ यहां पर करीब 15 मिनट गुजारे थे। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान जब पत्रकारों से बात की तो उनका कहना था कि वह यहां पर इसलिए भी आए हैं क्‍योंकि पिछले कुछ समय से लगातार इस जगह की चर्चा की जाती रही है। उनके मुताबिक जब वह राष्‍ट्रपति नहीं थे तब भी यहां की चर्चा करते थे। उनका कहना था कि यहां के दौरे को छिपाए रखने के पीछे मलेनिया की सुरक्षा को लेकर उनके मन में चिंता थी। उन्‍होंने कहा कि यही वजह थी कि यहां पर आते समय विमान की कोई लाइट नहीं जल रही थी।

Paytm Mall Happy New Year Sale: स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी तक मिलेगा डिस्काउंट

Paytm Mall Happy New Year Sale: स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी तक मिलेगा डिस्काउंट

  ई-कॉमर्स वेबसाइट Paytm Mall पर इन दिनों Happy New Year Sale का आयोजन किया जा रहा है। इस सेल में आपको स्मार्टफोन्स से लेकर स्मार्ट टीवी पर डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। Paytm Mall पर यह सेल 27 दिसंबर से शुरू होकर 1 जनवरी 2019 तक चलेगी। Paytm Mall पर 6 दिनों तक चलने वाले इस सेल में यूजर्स को स्मार्टफोन्स, टीवी एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा लैपटॉप, स्टोरेज डिवाइस और अन्य घरेलू उपकरणों पर भी ऑफर दिया जा रहा है।

स्मार्टफोन्स पर मिलने वाले ऑफर्स

Paytm Mall पर चल रहे सेल में स्मार्टफोन्स पर मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो 6,299 रुपये से शुरू होने वाले बजट स्मार्टफोन्स से लेकर मिड और फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स पर भी डिस्काउंट दिया जा रहा है। जिन स्मार्टफोन्स पर डिस्काउंट ऑफर्स दिया जा रहा है उनमें Xiaomi Redmi Note 5 Pro, Xiaomi Redmi Y2, Lenovo K8 Note, Samsung Galaxy J6 (2018), Honor 9 Lite, Vivo Y83 Pro जैसे स्मार्टफोन्स शामिल हैं। हाल ही में लॉन्च हुए Redmi Note 6 Pro पर भी 310 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है। इसके अलावा Oppo A5 को 13,290 रुपये की कीमत में खरीद सकते हैं। इस फोन पर 700 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर मिलने वाले ऑफर्स

स्मार्टफोन्स के अलावा माइक्रोएसडी कार्ड पर भी 60 फीसद का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है। माइक्रोएसडी कार्ड के ब्रांड की बात करें तो SanDisk, Samsung, Seagate आदि पर डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा 1TB के हार्ड डिस्क को 3,999 रुपये की कीमत में खरीद सकते हैं। इसपर 300 रुपये का कैशबैक दिया जा रहा है। SanDisk के क्लास 6 माइक्रोएसडी कार्ड को आप 1,736 रुपये की इफेक्टिव प्राइस में खरीद सकते हैं।

अप्लायंस पर मिलने वाले ऑफर्स

इस सेल में रेफ्रिजरेटर्स पर मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो 20,000 रुपये तक का कैशबैक ऑफर किया जा रहा है। स्मार्ट टीवी की बात करें तो इन पर 70 फीसद तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके अलावा वाशिंग मशीन की खरीद पर भी आपको 60 फीसद तक का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। इसके अलावा रेफ्रिजरेटर्स पर आपको 40 फीसद तक का डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है।

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

मुंबई। अपनी ज़बरदस्त अभिनय शैली और प्रभावशाली संवाद अदायगी के कारण याद किये जाने वाले दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान के स्वास्थ्य को लेकर एक बुरी ख़बर आ रही है। ख़बर है कि उन्हें गंभीर रूप से बीमार होने के बाद बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। 81 साल के कादर ख़ान प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर (पीएसपी ) के शिकार हो गए हैं और इसकी वजह से उनके मस्तिष्क ने काम करना बंद कर दिया है।

एक समाचार वेबसाईट से बात करते हुए कादर ख़ान के बेटे सरफराज ने जानकारी दी है कि प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर के चलते कादर ख़ान की दिमाग से संचालित होने वाली गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई है और डॉक्टरों ने सांस लेने में हो रही दिक्कत के कारण उन्हें बाइपेप वेंटीलेटर पर रखा गया है। वहीं इसी के साथ डॉक्टरों को उनमें निमोनिया के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं।

दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद
दिग्गज अभिनेता कादर ख़ान की हालत नाज़ुक, दिमाग ने किया काम करना बंद

सरफराज के अनुसार डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी हेल्थ पर नज़र रखी हुई है। कादर ख़ान कई साल से अपने बेटे और बहू के साथ कनाडा में रह रहे हैं और वहीं उनका इलाज हो रहा है। लगभग एक दशक से वो ख़बरों से दूर अभिनेता कादर ख़ान का बचपन बहुत ही संघर्ष भरा रहा है और बाद के दिनों में उन्होंने बड़ी ही लग्न और समर्पण से बॉलीवुड में अपनी एक पहचान बनाई। सिर्फ़ अभिनय ही नहीं बल्कि लेखनी में भी उनका जादू खूब दिखा। एक दौर ऐसा भी रहा जब अमिताभ बच्चन के लिए भी संवाद कादर ख़ान ही लिखते थे।

Mission Gaganyaan को मंजूरी, सात दिन के लिए अंतरिक्ष में रुकेंगे तीन भारतीय

Mission Gaganyaan को मंजूरी, सात दिन के लिए अंतरिक्ष में रुकेंगे तीन भारतीय

  साल 2022 तक तीन भारतीयों को गगनयान परियोजना के तहत अंतरिक्ष भेजने की मुहिम को भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है। तीन भारतीय वहां सात दिन बिताएंगे। यूनियन कैबिनेट ने इसके लिए बजट भी मंजूर कर दिया है।बताया जा रहा है कि इसमें 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा।

भारत के 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गगनयान परियोजना की घोषणा की थी। इस परियोजना की मदद से भारत, अंतरिक्ष में इंसान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा।

इस परियोजना की मुख्य बातें

  • भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष बंदरगाह से तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपने सबसे बड़े रॉकेट, जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क III (GSLV Mk III) को तैनात करने की तैयारी में है।
  • अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा 40 महीनों के भीतर पहला मिशन शुरू करने की उम्मीद है। नमूने के तौर पर पहले 5-7 दिनों के लिए पृथ्वी की कक्ष में दो मानव रहित और एक मानव समेत विमान भेजा जाएगा।

दिसंबर 2019 से जारी होंगे ई-पासपोर्ट, इनमें लगी चिप से एयरपोर्ट पर वेरिफिकेशन होगा आसान

विदेश मंत्रालय :ने अंतरराष्ट्रीय सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन से सहमति मिलने के बाद ई-पासपोर्ट जारी करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ई-पासपोर्ट में लगी एक छोटी से चिप में पासपोर्ट धारक की पूरी डिटेल मौजूद होगी। लोगों को यह ई-पासपोर्ट दिसंबर 2019 तक मिलने लगेगा। पहले इसे ट्रायल बेस पर जारी किया जाएगा, बाद में कमर्शियल रूप में लोगों को मिलेगा।

नासिक में होगी प्रिंटिंग: विदेश मंत्रालय के अनुसार इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ई-पासपोर्ट की मैन्‍युफैक्‍चरिंग नासिक के इंडियन सिक्‍योरिटी प्रेस (आईएसपी) में होगी। इसके लिए आईएसपी को इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (आईसीएओ) द्वारा पासपोर्ट बनाने में यूज होने वाले ऑपरेटिंग सिस्‍टम को लेने का टेंडर डालने की अनुमति दी गई है। टेंडर प्रकिया पूरी होते ही पासपोर्ट बनना शुरू हो जाएगा।

चिप में होगी धारक की बायोमैट्रिक पहचान: ई-पासपोर्ट वर्तमान पासपोर्ट की तरह ही होंगे। इसमें एक चिप लगी होगी, जिसमें पासपोर्ट अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर के अलावा पासपोर्ट धारक का नाम, जेंडर, डेट ऑफ बर्थ और एक डिजिटल फोटो होगी। वहीं पासपोर्ट में मौजूद चिप में धारक की उंगलियों के निशान भी शामिल होंगे।

नहीं हो सकेगी टेम्परिंग : विदेश मंत्रालय ने ई-पासपोर्ट लाने का उद्देश्य मुख्य तौर पर सुरक्षा सुविधाओं में सुधार करना बताया है। वर्तमान में जो पासपोर्ट जारी किए जा रहे हैं, ई-पासपोर्ट उससे ज्यादा सुरक्षित होंगे। हाई सिक्योरिटी चिप लगे होने के कारण इसमें किसी भी प्रकार से टेम्परिंग करना संभव नहीं होगा। साथ ही इसका एयरपोर्ट जैसी जगहों पर भौतिक सत्यापन आसानी होगा। वर्तमान में 100 से अधिक देश ई-पासपोर्ट जारी कर रहे हैं। इस सूची में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है।

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