Day: December 27, 2018

राष्ट्रीय पुरष्कार विजेता मोहन कुशवाहा का हुआ भब्य स्वागत

कोराव  | २२ दिसम्बर २०१८ को पश्चिम बंगाल में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कर्राटे प्रतियोगिता में कोराव(उत्तर प्रदेश ) के मोहन कुशवाहा पुत्र श्री पति कुशवाहा ने पुरे भारत में 2nd स्थान प्राप्त कर प्रतियोगिता का उपविजेता रहे | जिसके बाद उनके पुरे परिवार में हर्ष का माहौल रहा तो मोहन कुशवाहा के कोराव पहुंचने पर क्षेत्रवासियों ने धूमधाम से उनका अभिनन्दन किया |

गर्म चाय या शरीर की लंबाई का कैसे है कैंसर से लिंक, जानें- क्‍या है मामला

गर्म चाय या शरीर की लंबाई का कैसे है कैंसर से लिंक, जानें- क्‍या है मामला

  क्‍या शरीर की लंबाई का वास्‍ता कैंसर से हो सकता है। गर्म चाय पीने से क्‍या कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। यह बात अटपटी लग सकती है, लेकिन एक शोध में यह बात सामने आई है कि अधिक लंबाई और गर्म चाय कैंसर के बड़े कारक हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक प्रचलित धारणा यह रही है कि धूमपान या सनस्‍क्रीन कैंसर के बड़े कारक रहे हैं। वैज्ञानिकों ने इस शोध में पांच ऐसे कारणों को गिनाए हैं, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

1- गर्म चाय से कैंसर होने का जोखिम बढ़ा 
यह धारणा रही है कि हरी चाय पीने से कैंसर का खतरा कम होता है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक गर्म चाय पीने से आहार नाल में कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। चीन में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि अधिक गर्म चाय पीने से, तंबाकू ग्रहण करने से या अधिक शराब के सेवन से कैंसर होने का खतरा पांच गुना अधिक बढ़ जाता है।

2- लंबे लोगों में कैंसर की संभावना अधिक
छोटे लोगों की तुलना में लंबे लोगों को कैंसर होने की अधिक संभावना होती है। 2018 के एक अध्ययन में पाया गया कि ऊंचाई के हर अतिरिक्त 10 सेंटीमीटर (4 इंच) के लिए, एक व्यक्ति के कैंसर का खतरा दस फीसद तक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने ऊंचाई और कैंसर के बीच की कड़ी की खोज की है। शोधकर्ताओं ने कहा हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लंबा होना किसी व्यक्ति के कैंसर के जोखिम को कैसे प्रभावित कर सकता है। यह सरल तथ्य हो सकता है कि लंबे लोगों के शरीर में अधिक कोशिकाएं होती हैं और इसलिए अधिक कोशिकाएं जो कैंसर बनने का कारक हो सकती हैं।
पहले किए गए एक अध्ययन में पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में हर अतिरिक्त चार इंच की ऊंचाई के साथ कैंसर के खतरे में 13 फीसद की वृद्धि देखी गई। दिलचस्प बात यह है कि 2016 के एक अध्ययन में लंबे पैरों और कोलोन कैंसर के लोगों के जोखिम के बीच एक लिंक मिला। वैज्ञानिकों का दावा है कि शरीर में विकास के स्तर लिंक में एक भूमिका निभाते हैं।

3- शराब पीने से कैंसर होने का जोखिम अधिक 
शोधकर्ताओं का कहना है कि शराब पीने से कैंसर होने का जोखिम बढ़ता है। शोध से पता चलता है कि हल्की या मध्यम मात्रा में शराब पीने से लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष दुनियाभर में नए कैंसर के पांच फीसद मामले और सालाना छह फीसद कैंसर से होने वाली मौतों का सीधा संबंध शराब से है। अमेरिकन सोसायटी ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी के एक बयान के अनुसार शराब के अधिक सेवन से स्तन कैंसर के साथ यकृत कैंसर का जोखिम बना रहता है। इसके साथ-साथ मुंह और गले के कैंसर का खतरा भी बना रहता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शराब कैंसर के जोखिम में कैसे योगदान देता है। अध्ययन में पाया गया कि शरीर में शराब के टूटने से एक रसायन निकल सकता है जो रक्त की स्टेम कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाता है, जिससे कैंसर हो सकता है।

4- अधिक वजन या मोटापे से कैंसर का खतरा
एक अध्ययन में पाया गया कि सामान्‍य वजन के मुकाबले जो लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त थे, उन लोगों के साथ घेघा, पेट, यकृत और गुर्दे के कैंसर का खतरा लगभग दोगुना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं उनमें हार्मोन या कोशिका वृद्धि का खतरा अधिक होता है। इससे कैंसर का जोखिम भर जाता है।

5- ग्रिल से निकला धुआँ खतरनाक
ग्रीष्‍मकाल में ग्रिल से निकलने वाला पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन कैंसर का बड़ा कारक होता है। दरअसल, जब आप  इस ग्र‍िल के समीप बैठते हैं तो आपकी त्‍वचा से इसका संपर्क होता है। आपकी त्‍वचा इसमें से निकलने वाला रसायन बड़ी मात्रा में अवशोषित करती है। एक ताजा अध्‍ययन में यह पाया गया कि यह कैंसर पैदा करने वाले एजेंट के रूप में यह काम करता है।

बिना बेहोश किये हुई ब्रेन सर्जरी, मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा

बिना बेहोश किये हुई ब्रेन सर्जरी, मरीज पढ़ता रहा हनुमान चालीसा

 जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल में 30 साल के एक मरीज की पूरे होश में सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान मरीज पूरे होश में रहते हुए हनुमान चालीसा पढ़ता रहा । इस तरह का प्रदेश में यह पहला मामला सामने आया है। हॉस्पिटल की न्यूरो सर्जरी टीम ने ब्रेन ट्यूमर आॅपरेशन के दौरान यह सफलता हासिल की है । इसे अवेक ब्रेन सर्जरी के नाम से जाना जाता है ।

बार-बार मिर्गी का दौरा आने की थी समस्या

सर्जरी करने वाले चिकित्सक डॉ.के.के. बंसल ने बताया कि बीकानेर निवासी 30 साल के हुलास मल को पिछले तीन माह से बार-बार मिर्गी के दौरे आने की समस्या थी । मरीज की बायोप्सी होने पर पता लगा कि उनके दिमाग में ग्रेड-दो का ट्यूमर था। यह ट्यूमर स्पीच वाले हिस्से में था । उन्हें कुछ अन्य अस्पतालों ने सर्जरी के लिए इंकार कर दिया था, क्योंकि सर्जरी से उनके बोलने की क्षमता जा सकती थी और लकवा होने का खतरा भी था।

मरीज नारायणा हा्स्पिटल पहुंचा जहां न्यूरो सर्जन और ब्रेन ट्यूमर सर्जरी एक्सपर्ट डॉ. के.के बंसल ने सफलतापूर्वक ब्रेन ट्यूमर को मरीज के होश में रहते हुए निकाला। यह सर्जरी इसलिए भी चुनौतिपूर्ण थी, क्योंकि सर्जरी के दौरान छोटी सी गलती भी हो जाने पर मरीज बोलने की क्षमता खो सकता था । बंसल ने बताया कि सामान्य ब्रेन ट्यूमर सर्जरी में मरीज को बेहोश कर दिया जाता है जिससे सर्जरी के दौरान उसके मस्तिष्क के स्पीच एरिया पर पड़ रहे प्रभाव पर निगरानी नहीं की जा सकती। लेकिन अवेक ब्रेन सर्जरी की तकनीक से मरीज की बोलने की क्षमता को सर्जरी के दौरान बार-बार जांचा जा सकता है।

इस केस में मरीज को लगातार हनुमान चालीसा पढ़ने, सुनाने और गाने के लिए कहा जाता रहा, उसकी तुरंत प्रतिक्रिया से हमें सर्जरी को सुरक्षित रूप से अंजाम देने में सहायता मिली, क्योंकि जब भी हम गलत हिस्से को छेड़ते थे तो मरीज को स्पीच अरेस्ट हो जाता था। तीन घंटे तक चली इस सर्जरी में अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप का इस्तेमाल किया गया और विशेष डाई इंजेक्ट किए गए जो ट्यूमर को मार्क करने में मदद करता है । सर्जरी के बाद 72 घंटे के अंदर डिस्चार्ज किया गया और अब वह सामान्य है ।

चीन / बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्कूलों ने शुरू की चिप वाली यूनिफॉर्म

चीन / बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्कूलों ने शुरू की चिप वाली यूनिफॉर्म

बीजिंग. बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चीन के स्कूलों ने चिप वाली यूनिफॉर्म शुरू की है। 17 पौंड (करीब 1500 रुपए) की इस यूनिफॉर्म में कंधे की तरफ एक चिप लगी हुई है। यह चिप स्कूल के गेट पर लगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम से संचालित होती है।

चीन ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा निगरानी सिस्टम

  • चीन ने तीन साल पहले दुनिया का सबसे बड़ा निगरानी सिस्टम बनाया था। इस स्काई नेट प्रोजेक्ट में चेहरे की पहचान करने वाले 2 करोड़ कैमरे लगाए गए थे। इसके जरिए महज 3 सेकंड में 1.4 अरब लोगों को आइडेंटिफाई किया जा सकता है।
  • स्मार्ट यूनिफॉर्म को चीन की गुइझोउ गुआनयू टेक्नोलॉजी ने बनाया है। कंपनी के मैनेजर बताया कि गुइझोउ और गुआंगशी प्रांतों में इस तरह की यूनिफॉर्म शुरू की गई है। इससे छात्रों के स्कूल में प्रवेश और बाहर जाने का वक्त स्मार्ट एंट्रेंस सिस्टम अपने आप रिकॉर्ड कर सकता है।
  • एंट्रेंस सिस्टम में लगा कैमरा हर छात्र की स्कूल में एंट्री और एग्जिट का 20 सेकंड का वीडियो बनाता है। इस वीडियो को टीचर्स-पेरेंट्स के लिए बनाए ऐप पर अपलोड कर दिया जाता है। अगर कोई बच्चा बिना अनुमति लिए गेट से बाहर जाता है तो अलार्म बजने लगता है।
  • गुआनयू टेक्नोलॉजी को चिप वाली यूनिफॉर्म बनाने में 2 साल लगे थे। इसे जुलाई 2017 में लॉन्च किया गया था। स्कूल विभाग के एक अफसर के मुताबिक- यूनिफॉर्म से छात्रों पर न केवल स्कूल में बल्कि बाहर भी नजर रखी जा सकेगी।
  • चीन के कई स्कूलों में छात्रों के बर्ताव पर कैमरे से नजर रखी जा रही है। क्लास के बाहर सर्विलांस कैमरा लगाया गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई में ध्यान और चेहरे के हावभावों का पता लगाया जा सके। इसे चीन का स्मार्ट क्लासरूम बिहेवियर मैनेजमेंट सिस्टम करार दिया जा रहा है।

यात्रियों से ज्यादा किराया न वसूलें एयरलाइंस, 50% से ज्यादा न हो कैंसिलेशन चार्ज

यात्रियों से ज्यादा किराया न वसूलें एयरलाइंस, 50% से ज्यादा न हो कैंसिलेशन चार्ज

नई दिल्ली. एयरलाइंस द्वारा ज्यादा किराया वसूलने पर संसद की स्टैंडिंग कमेटी (ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म एंड कल्चर) ने कड़ी आपत्ति जताई है। कमेटी के अध्यक्ष डेरेक ओ ब्रायन ने गुरुवार को कहा कि त्योहारों के समय कुछ एयरलाइंस 8 से 10 गुना ज्यादा किराया वसूलती हैं। उनके लिए हमारा कड़ा संदेश है कि ऐसा नहीं होने देंगे।

कैंसिलेशन पर टैक्स, फ्यूल सरचार्ज रिफंड हो: स्टैंडिंग कमेटी

  • ब्रायन ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी ने यह सुझाव दिया है कि कैंसिलेशन चार्ज बेसिक किराए के 50% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। टैक्स और फ्यूल सरचार्ज यात्रियों को रिफंड किया जाना चाहिए। एयरलाइंस बहुत ज्यादा चार्ज लगाती हैं।
  • स्टैंडिंग कमेटी ने कहा कि उसे इस बात की काफी जरूरत महसूस होती है कि हवाई किराए की ऊपरी सीमा तय की जानी चाहिए। कमेटी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसा लगता है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किरायों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए।
  • स्टैंडिंग कमेटी का कहना है कि मंत्रालय को विमानों में ज्यादा से ज्यादा सस्ती सीटें उपलब्ध करवाने और हवाई किराए को अफोर्डेबल बनाए रखने की लगातार कोशिश करनी चाहिए।
  • कमेटी ने यह भी कहा कि जब तक एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) को जीएसटी में शामिल नहीं किया जाता, तब तक ऐसा सिस्टम बनाया जा सकता है कि एटीएफ की कीमत कम होने पर उपभोक्ताओं को अपने आप फायदा मिल जाए।

बिना पेट्रोल के चलने वाला स्कूटर… 7 इंच की टच स्क्रीन वाला मीटर और रिवर्स गियर भी दिया, कहीं जाने का रास्ता भी स्कूटर ही बताएगा; 75km है माइलेज

बिना पेट्रोल के चलने वाला स्कूटर… 7 इंच की टच स्क्रीन वाला मीटर और रिवर्स गियर भी दिया, कहीं जाने का रास्ता भी स्कूटर ही बताएगा; 75km है माइलेज

 इंडिया में अब ई-स्कूटर की बड़ी रेंज है। आने वाले दिनों में कई ऑटोमोबाइल कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल लॉन्च करेंगी। इस साल बेंगलुरु की ऑटोमोबाइल स्टार्टअप कंपनी अथर एनर्जी (Ather Energy) ने भी अपना पहला ई-स्कूटर Ather S340 लॉन्च कर दिया था। इसकी ऑनरोड प्राइस (बेंगलुरु) 1,09,750 रुपए है। इसमें रजिस्‍ट्रेशन, इंश्योरेंस और स्मार्ट कार्ड शामि‍ल है। इसमें एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम सपोर्ट करने वाला टच-स्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम दिया है।

अथर एनर्जी स्कूटर के फीचर्स

> इस स्कूटर में एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम वाला इन्फोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा। ये टच-स्क्रीन के साथ आएगा, जो पूरी तरह वाटरप्रूफ और डस्टप्रूफ होगा।
> इसमें पुश नेविगेशन, पार्किंग असिस्ट सिस्टम, वाटरप्रूफ चार्जर, मल्टीपल राइडिंग मोड्स जैसे फीचर्स भी होंगे।
> इन्फोटेनमेंट सिस्टम में आप ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे डॉक्युमेंट अपलोड कर सकते हैं।
> स्कूटर में S340 में लिथियम-आयन बैटरी है। इस फुल चार्ज करके 75km का सफर तय कर सकते हैं।
> इसे 50 मिनट में 80% तक चार्ज किया जा सकेगा। स्कूटर की टॉप स्पीड 80kmph है।
> कंपनी का दावा है कि‍ यह 3.9 सेकंड में 0 से 40 Kmph की स्‍पीड पकड़ सकता है।
> रि‍मोट डायग्‍नोस्‍टि‍क्‍स, स्‍टैलाइट नेवि‍गेशन के साथ-साथ फ्रंट और रियर डि‍स्‍क ब्रेक और टेलि‍स्‍कॉपि‍क फ्रंट सस्‍पेंशन है।
> आसानी से बैक करने के लिए स्कूटर में रिवर्स गियर भी दिया है।

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