Day: December 23, 2018

ठंड / 7 राज्यों में शीतलहर; दिल्ली में तापमान 4.7 डिग्री, सर्दी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ा

ठंड / 7 राज्यों में शीतलहर; दिल्ली में तापमान 4.7 डिग्री, सर्दी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ा

नई दिल्ली. हिमालयीन राज्यों में भारी बर्फबारी के बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में शीत लहर चल रही है। दिल्ली में सर्दी ने सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहां पारा 4.7 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार अभी चार दिन तक ठंड और कोहरे से राहत के आसार नहीं है। उधर, पहाड़ों की सर्द हवाओं से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

कश्मीर में चिल्ले कलां (भीषण सर्दी का मौसम) का आगमन हो गया है। चिल्ले कलां 40 दिनों तक 31 जनवरी तक चलेगा। उसके बाद 20 दिन का चिल्ले खुर्द और फिर 10 दिन का चिल्ले बच्चा का नंबर आएगा। अभी तक चिल्ले कलां के दौरान 1986 में कश्मीर में तापमान शून्य से 9 डिग्री नीचे गया था, जब प्रसिद्ध डल झील दूसरी बार जम गई थी। शुक्रवार को श्रीनगर में पारा माइनस 4.9 डिग्री रहा। ये एक दिन पहले माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस  था।

करगिल में पारा माइनस 15.1 डिग्री
जम्मू-कश्मीर में सबसे ठंडा लद्दाख का लेह क्षेत्र रहा। वहां पारा मानइस 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा करगिल में पारा माइनस 15.1 डिग्री रहा। कुपवाड़ा में पारा माइनस 5.8 डिग्री, पहलगाम में माइनस 7.5 डिग्री, गुलमर्ग में माइनस 6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आने वाले सप्ताह में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने का पूर्वानुमान जताया है।

दिल्ली समेत 5 राज्यों में घना कोहरा
शीत लहर के साथ दिल्ली में घना कोहरा शुरू हो गया है। इससे दृश्यता कम रही। खराब हालात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट दो दिन और बढ़ा दिया गया है। अब राष्ट्रीय राजधानी में 22 दिसंबर तक ऑरेंज अलर्ट रहेगा। दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में भी अलर्ट रहेगा। कोहरे का असर चंडीगढ़, बिहार, सिक्किम और मप्र में भी रहने के आसार हैं।

इंडोनेशिया / ज्वालामुखी फटने के बाद आई सुनामी; 168 की मौत, करीब 600 जख्मी

इंडोनेशिया / ज्वालामुखी फटने के बाद आई सुनामी; 168 की मौत, करीब 600 जख्मी

जकार्ता. इंडोनेशिया की सुंदा खाड़ी में सुनामी की चपेट में आकर 168 लोगों की मौत हो गई। 584 जख्मी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार देर रात अनाक क्राकातोआ ज्वालामुखी फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन आ गया। इससे उठी ऊंची लहरों ने तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। दक्षिणी सुमात्रा के किनारे स्थित कई इमारतें तबाह हो गईं।

सुंदा खाड़ी इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा द्वीप के बीच है। यह जावा समुद्र को हिंद महासागर से जोड़ती है। सुमात्रा के दक्षिणी लामपुंग और जावा के सेरांग और पांदेलांग इलाके में सुनामी का सबसे ज्यादा असर पड़ा। इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो के मुताबिक, “जियोलॉजिकल एजेंसी सुनामी की वजहों का पता लगाने में जुट गई है। मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।”

अनक क्राकातोआ एक छोटा ज्वालामुखी द्वीप है। यह 1883 में क्राकातोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद अस्तित्व में आया था। नॉर्वे के पत्रकार ओएस्टीन एंडरसन के मुताबिक, ज्वालामुखी फटने के समय वे करीब के ही एक द्वीप से उसकी फोटो ले रहे थे। इसी दौरान एक 50 से 65 फीट ऊंची लहर तट पर आती दिखी। एंडरसन ने बताया कि उन्हें जान बचाकर होटल की तरफ भागना पड़ा। हालांकि, इसके बाद अगली ही लहर होटल तक पहुंच गई। इसकी चपेट में आने से होटल के बाहर खड़ी कारें पलट गईं।

राजस्थान में मंत्रिमंडल गठन को लेकर राहुल गांधी के साथ मंथन, एक दर्जन नामों पर बनी सहमति

राजस्थान में मंत्रिमंडल गठन को लेकर राहुल गांधी के साथ मंथन, एक दर्जन नामों पर बनी सहमति

राजस्थान में मुख्यमंत्री के रूप में अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट के शपथ लेने के पांच दिन बाद भी मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। मंत्रियों के नाम तय करने को लेकर शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निवास पर करीब ढ़ाई घंटे तक बैठक हुई।

बैठक में गहलोत और पायलट के अतिरिक्त प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और चारों राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल, काजी निजामुद्दीन, तरुण कुमार व देवेंद्र यादव भी शामिल हुए। बैठक में संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई। हालांकि, अंतिम निर्णय नहीं हो सका। हालांकि, सोमवार तक मंत्रिमंडल का गठन होने की बात सीएम के निकटस्थ सूत्र कह रहे हैं।

एक दर्जन नामों पर बनी सहमति

जानकारी के अनुसार, बैठक में लोकसभा चुनाव से पहले करीब डेढ़ दर्जन मंत्री बनाने को लेकर ही चर्चा हुई। 200 सदस्यीय राज्य विधानसभा का 15 प्रतिशत अर्थात सीएम और डिप्टी सीएम सहित 30 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं। गहलोत और पायलट के शपथ लेने के बाद अब 28 मंत्री बनाए जा सकते हैं। कांग्रेस नेतृत्व लोकसभा चुनाव तक करीब डेढ़ दर्जन मंत्री ही बनाना चाहता है और फिर चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर खाली पद भरे जाने का विचार है। लोकसभा चुनाव से पहले जातिगत समीकरणों व जिलों के लिहाज से संतुलन बनाने को लेकर कसरत चल रही है।

Box Office पर कुछ फीका रहा Zero का जलवा, बस इतनी हुई कमाई

Box Office पर कुछ फीका रहा Zero का जलवा, बस इतनी हुई कमाई

शाह रुख़ ख़ान की ‘ज़ीरो’ का बॉक्स ऑफ़िस पर पहला दिन अच्छा गुज़रा, मगर जितनी उम्मीदें थीं, उससे बहुत कम कारोबार किया है। ज़ीरो 2018 की टॉप 5 बेस्ट ओपनिंग्स में भी शामिल नहीं हो सकी है। वहीं, किंग ख़ान ख़ुद अपना बेस्ट ओपनिंग का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके।

Box Office पर कुछ फीका रहा Zero का जलवा, बस इतनी हुई कमाई
Box Office पर कुछ फीका रहा Zero का जलवा, बस इतनी हुई कमाई

21 दिसम्बर को देशभर में 4000 से अधिक स्क्रींस पर रिलीज़ की गयी ‘ज़ीरो’ साल 2018 की अहम और बहुप्रतीक्षित फ़िल्मों में शामिल थी। ट्रेड पर नज़र रखने वालों ने इसकी मेगा रिलीज़ के मद्देनज़र ₹30-35 करोड़ के बीच ओपनिंग कलेक्शन करने का अनुमान लगाया था। मगर, ‘ज़ीरो’ सिर्फ़ ₹20.14 करोड़ पहले दिन जमा कर पायी है, जो फ़िल्म को लेकर शाह रुख़ की मेहनत और उम्मीदों के अनुरूप बिल्कुल नहीं है। ‘ज़ीरो’ इस साल के टॉप 10 ओपनिंग कलेक्शंस में भी शामिल नहीं हो सकी है।

साल 2018 की सबसे बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड आमिर ख़ान और अमिताभ बच्चन की ‘ठग्स ऑफ़ हिंदोस्तान’ के नाम है, जिसने हिंदी में ₹50.75 करोड़ का कलेक्शन पहले दिन किया। हालांकि यह फ़िल्म भी निराशाजनक साबित हुई और महज़ ₹151 करोड़ का लाइफ़ टाइम कलेक्शन करके फ्लॉप रही। इस साल के TOP 10 Opening Collections की सूची में ‘ज़ीरो’ नौंवे स्थान पर है।

बिहार NDA में सीटों का हो गया बंटवारा, आइए जानें किस पार्टी को मिलीं कितनी सीटें

बिहार NDA में सीटों का हो गया बंटवारा, आइए जानें किस पार्टी को मिलीं कितनी सीटें

पटना । बिहार एनडीए की सीटों का बंटवारा हो गया। इस पर रविवार को दिल्ली में तीनों दलों की मुहर लग गई। इसके बाद भाजपा, जदयू और लोजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान कर दिया गया। इसके पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आवास पर सबसे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव पहुंचे। लंबी इंतजारी के बाद लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान और उनके बेटे जमुई सांसद चिराग पासवान पहुंचे। इसके बाद सीटों की घोषणा की गई।

दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने बिहार एनडीए में किस दल को कितनी सीटें मिली, इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के खाते में 17-17 सीटें गई हैं। इसी तरह लोजपा को 6 सीटें दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रामविलास पासवान राज्यसभा जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2019 में एनडीए 2014 से भी अधिक सीटें लाएंगी। हालांकि कौन दल किस जगह से चुनाव लड़ेंगे, इस पर फैसला बाद में होगा। आनेवाले दिनों में और भी चुनावी रणनीति बनेगी, इसका खुलासा भी जल्द किया जाएगा।

सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल, जानें- क्यों बढ़ जाता है खतरा और कैसे करें बचाव

सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल, जानें- क्यों बढ़ जाता है खतरा और कैसे करें बचाव

नई दिल्‍ली । गर्मियों की तुलना में सर्दियों के मौसम में दिल का दौरा पड़ने के मामले लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। हृदय रोगों से प्रभावित लोगों के लिए ठंड अत्यंत नुकसानदेह साबित हो सकती है। सर्दियों के मौसम में हृदय धमनी रोग (कोरोनरी आर्टरी डिजीज) के कारण दिल का दौरा पड़ने के मामले कहीं ज्यादा बढ़ जाते हैं, जिन्हें कुछ सजगताएं बरतकर काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके अलावा सर्दियों में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए इस मौसम में दिल के मरीजों को कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतनी चाहिए…

सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल
सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल

कारणों पर नजर
अत्यधिक ठंड के कारण हृदय के अलावा मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों की धमनियां सिकुड़ती हैं। इससे रक्त प्रवाह में रुकावट आती है और रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनने की आशंका अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। अक्सर लोग अत्यधिक सर्दियों के कारण रजाई या कंबल के साथ आराम करने को वरीयता देते हैं। सर्दियों के प्रभाव से अनेक लोग आलस्य के कारण नियमित रूप से व्यायाम नहींकरते। सर्दियों में खानपान में भी लोग चिकनाईयुक्त खाद्य पदार्थ कहींज्यादा खाते हैं।

सर्दी के मौसम में ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। इन कारणों के अलावा सर्दियों में लोग देर से उठते हैं। इस दौरान लोग सुबह की सैर भी नहीं करते। सर्दियों में नमकीन और चटपटी चीजें खाने का ज्यादा मन करता है। अधिक नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है। सर्दी के कारण लोग चाय भी ज्यादा पीते हैं। इसके अलावा सर्दियों में मादक पदार्थों का सेवन भी बढ़ जाता है यानी सर्दियों में हम वे सब काम करते हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ये कारण सर्दियों में दिल की सेहत के लिए ठीक नहीं है।

सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल
सर्दियों में दिल का रखें खास ख्याल

इन बातों पर दें ध्यान
अगर आप हृदय से संबंधित किसी समस्या से पीड़ित हैं तो सर्दियों में सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में व्यायाम या सैर के दौरान धमनियां सिकुड़ सकती हैं और खून गाढ़ा हो जाता है। इस वजह से ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक होने की प्रबल आशंका होती है। ठंड के मौसम में अपने आप को पूरा ढककर सैर करने जाना चाहिए तथा जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं, वे अपनी दवाएं लगातार लें तथा जो हार्ट के मरीज हैं, उन्हें अपनी ब्लड थिनर(रक्त को पतला करने वाली दवाएं) अवश्य लेनी चाहिए।

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