Day: December 20, 2018

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में शीतलहर, कोहरे ने बढ़ाई मुसीबत

 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में कड़ाके की ठंड के साथ घने कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को दिल्ली में तापमान गिरकर 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते देशभर में ठंड बढ़ने लगी है। वहीं दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, सर्द हवाओं के चलते यहां लोगों को कड़ाके की ठंड का एहसास भी हुआ। इससे पहले मौसम वैज्ञानिकों ने भी गुरुवार की सुबह धुंध और कोहरा छाने का पूर्वानुमान जताया था। भारत में अभी ठंड और बढ़ने की आशंका है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ी बर्फबारी
पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों पर भी ​देखने को मिल रहा है। इसके चलते दिल्ली एनसीआर समेत पूरा उत्तर भारत ठंड की चपेट में है। सर्दी के साथ ही कोहरा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। कोहरे का असर यातायात पर भी पड़ रहा है, कोहरे के कारण कई ट्रेनें लेट चल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने गुरुवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई है। वहीं दिल्ली में पिछला मंगलवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा, मंगलवार को पारा 5.1 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था। यह इस सीजन के औसत से तीन डिग्री कम था।

पंजाब-हरियाणा भी चपेट में
पंजाब और हरियाणा पिछले कुछ दिनों से शीतलहर की चपेट मे है। बुधवार को ज्यादातर इलाकों में तापमान इस मौसम में सामान्य तापमान से कम रहा। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पंजाब का आदमपुर शहर एक बार फिर दोनों प्रदेशों में सबसे ठंडा शहर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, फरीदकोट क न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं बठिंडा का तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक रहा।

कश्मीर में शून्य के नीचे तापमान
कश्मीर घाटी के कई इलाको में तापमान शून्य से भी नीचे गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू के कुछ इलाकों में रात का पारा पहले से बेहतर हुआ है। जम्मू में सोमवार को रात का तापमान सबसे कम 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। जबकि राज्य के डोडा जिले के भद्रवाह कस्बे में रात का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले यहां रात का तापमान शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे था।

बिहार में महागठबंधन का ऐलान, उपेंद्र कुशवाहा भी शामिल

  लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में नए महागठबंधन का ऐलान हो गया है। इसमें साल 2014 में NDA की सहयोगी रही राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) भी शामिल हो गई है। अब बिहार में अगले साल होने वाला लोकसभा चुनाव कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), लोकतांत्रिक जनता दल (LJD) और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) मिलकर लड़ेंगे।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल और शक्ति सिंह गोहिल ने बिहार के क्षेत्रीय दलों के साथ गुरुवार को अहम बैठक की। दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के मुख्यालय में हुई इस बैठक में सीट शेयरिंग और लोकसभा चुनाव की रणनीति तय की गई। बैठक में NDA से अलग हुए RLSP नेता उपेन्द्र कुशवाहा, RJD नेता तेजस्वी यादव और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता जीतन राम मांझी शामिल हुए

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, ‘बिहार में महागठबंधन हो गया है। यह बहुत खुशी की बात है कि इसमें उपेन्द्र कुशवाहा शामिल हुए हैं।’ वहीं बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि यह गठबंधन विचारधारा से जुड़ा हुआ गठबंधन है। गोहिल ने इस दौरान बिहार में महागठबंधन के बीच सीट शेयरिंग के फॉर्मूले को लेकर भी जवाब दिए। उन्होंने कहा, ‘सीट बंटवारें पर कोई दिक्कत नहीं होगी। सही वक्त पर सही फैसला ले लिया जाएगा।

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि हमारे पास कई विकल्प हैं। UPA उनमें से एक था। मेरे UPA में शामिल होने की सबसे बड़ी वजह बिहार की जनता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि हमारे पास कई विकल्प हैं। UPA उनमें से एक था। मेरे UPA में शामिल होने की सबसे बड़ी वजह बिहार की जनता है। उन्होंने कहा कि NDA में उनका अपमान हो रहा था। उन्हें आम चुनाव के लिए सम्मानजनक सीटें नहीं दी जा रही थी।

कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर RLSP को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार तो हमें पूरी तरह खत्म करने पर लगे हुए थे, फिर दिल्ली से भी उन्हें ताकत मिल रही थी।

कुशवाहा ने इस दौरान राहुल गांधी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मोदी और नीतीश की कथनी और करनी में अंतर है लेकिन राहुल गांधी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कर्जमाफी का वादा किया था, जिसे कर दिखाया।

छोटे किसानों को नहीं होगा कर्जमाफी का फायदा, निधि आयोग ने भी माना गलत

नई दिल्‍ली । हाल ही में तीन राज्‍यों में आई कांग्रेस की सरकार ने दो राज्‍यों में किसानों के लिए कर्ज माफी की घोषणा की है। पार्टी ने इसका वादा अपने घोषणा पत्र में भी किया था। मध्‍य प्रदेश में नए मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने अपने आदेश में किसानों के दो लाख रुपये की सीमा तक कर्ज माफ किया है। ऐसा ही निर्णय छत्तीसगढ़  और राजस्थान  नई सरकार ने भी लिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस राजनीतिक फैसले का कितना सकारात्‍मक असर राज्‍य और किसानों पर पड़ेगा। यह सवाल खासा मायने रखता है कि आखिर इस कर्जमाफी से किसानों को फायदा होगा या नुकसान।ऐसा इसलिए क्योंकि निधि बारे ने भी इसे गलत करार दिया है इस बारे में दैनिक जागरण ने अर्थशास्‍त्री राधिका पांडे से बात की।

आपको बता दें कि कर्ज माफी को विभिन्‍न राजनीतिक दल चुनाव में अपनी जीत के लिए देखते आए हैं और इसका इस्‍तेमाल करते रहे हैं। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से कर्ज माफी पर तीखी टिप्‍पणी भी ही है। इसकी वजह है कि किसी भी राज्‍य में कर्ज माफ का सीधा असर उस राज्‍य की इकॉनमी और पूरे देश की इकॉनमी पर पड़ता है। लेकिन बावजूद इसके राजनीतिक पार्टियां इसको अपनी जीत के लिए तुरुप का पत्‍ता मानकर इस्‍तेमाल करने से बच नहीं रही हैं।

इस बातचीत में उन्‍होंने साफ कर दिया कि यह सिर्फ राजनीतिक फैसला है इसका किसानों और राज्‍य सरकार की अपनी अर्थव्‍यवस्‍था पर नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना था कि इस कर्जमाफी का बड़े किसानों पर कुछ हद तक हो सकता है, लेकिन छोटे किसानों पर इसका कोई असर नहीं होगा। ऐसा इसलिए है कि क्‍योंकि बड़े किसान जो कुछ हद तक कर्ज चुकाने की हैसियत रखते हैं और कर्ज ले भी पाते हैं वही इसका फायदा उठा सकेंगे। दूसरी तरफ राज्‍य की अर्थव्‍यवस्‍था पर यकीनन इसका नकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

दिल्ली से आगरा के लिए रवाना हुई ट्रेन-18 पर पथराव, खिड़कियों के शीशे टूटे

नई दिल्ली । ट्रेन-18 दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से रवाना होने के बाद दोपहर 2:18 बजे आगरा कैंट स्टेशन पहुंची। ऐसे में फाइनल ट्रायल को सफल बताया जा रहा है। इस दौरान ट्रेन-18 की रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं, रास्ते में अज्ञात लोगोें ने ट्रेन पर पथराव किया, जिससे खिड़कियों के शीशे टूटने की बात सामने आई है।

इससे पहले फाइनल ट्रायल के तहत बृहस्पतिवार को ट्रेन-18 दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से आगरा कैंट के लिए रवाना हुई। दिल्ली से आगरा सफर के दौरान कुछ लोगों ने ट्रेन पर पथराव किया, जिससे खिड़कियों की शीशे टूट गए। दिल्ली से आगरा के लिए 12.15 पर सफदरजंग से रवाना हुई थी।

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के जीएम ने ट्वीट किया है। वहीं, ट्रेन-18 ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भरी। रेलवे की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 181 किलोमीटर प्रति घंटे रही।

ट्रेन पर पथराव को चिंतित रेलवे

वहीं, फाइनल ट्रायल के दौरान ट्रेन 18 पर हुए पथराव को लेकर रेलवे प्रशासन से चिंता जताई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ट्रायल के दौरान सर्वाधिक गति 181 किलोमीटर प्रति घंटे रही।

Translate »