Month: November 2018

“सम्राट अशोक क्लब ने मनाया अखण्ड भारत महोत्व”

‘ भारत को मत बर्बाद करो, भारतीय संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों को याद करों।’

“भारत की है क्या पहचान, अशोक स्तम्भ और चक्र निशान ऐसे अनेक नारों एवं जयघोष के साथ सम्राट अशोक क्लब” की प्रान्तीय शाखा उ0प्र0 में दिनांक 26-11-2018 दिन सोमवार को संविधान दिवस के अवसर पर अखण्ड भारत महोत्सव मनाया। गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जीoपी0ओ0 पार्क में स्थित शहीद स्तम्भ पर शहीदों के सम्मान में दीप जलाकर किया गया। इसके साथ ही हजरतगंज चौराहे पर स्थित डा0 अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण और सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात् राष्ट्रीय प्रतीकों की भव्य झांकी तिरंगे के साथ विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झण्डा ऊँचा रहे। हमारा” राष्ट्रीय गीत गाते हुए जीoपी0ओ0 पार्क से चलकर बापू भवन-बीoएन0 रोड होते हुए कैसरबाग चौराहे पर स्थित राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह “अशोक स्तम्भ’ पर दीप जलाया गया। इसके बाद परिवर्तन चौक होते हुए गाँधी भवन प्रेक्षागृह तक देश के कोने-कोने से आये अनेक गणमान्य व्यक्तियों, आम जनमानस एवं क्लब के कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर राष्ट्रीय प्रतीकों एवं शहीदों के सम्मान में मार्च निकाला। गांधी भवन प्रेक्षागृह में भारत का राष्ट्रीय धर्म ग्रन्थ भारतीय संविधान एवं संविधान में राष्ट्रीय प्रतीकों का महत्व विषय पर चर्चा की गयी, जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि मा0 स्वामी प्रसाद मौर्य जी (केबिनेट मंत्री उ0प्र0 सरकार) ने अन्य अतिथियों संग राष्ट्रीय प्रतीकों एवं भारतीय संविधान के सम्मान में दीप जलाकर की।

। मुख्य अतिथि मा0 स्वामी प्रसाद मौर्य जी (कैबिनेट मंत्री उ0प्र0 सरकार) ने अपने वक्तत्व में क्लब की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने देश की राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, सर्वधर्म सम्भाव, सौहार्द एवं समृद्धि के लिये राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रीय धर्मग्रन्थ, भारतीय संविधान एवं समस्त राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान व जागरूकता प्रत्येक भारतीय का नैतिक कर्तव्य है। यह बहुत ही अच्छा प्रयास है इससे हम विभिन्न वर्गों को एक साथ लाकर भारत को और मजबूत कर सकते है।

। विशिष्ट अतिथि पूर्व जिला जज मा0 पी0के0 कटियार ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों को आवाम तक ले जाना और उनके लिये आवाम में जागरूकता का पैगाम देना उनकी शान की पहचान कराना, बहुत पाकिजा काम है, इस बारे में जो काम कर रहा है बहुत काबिले तारीफ है।

अतिथि डा0 दीनानाथ मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों एवं संविधान के बारे में बच्चों एवं नागरिकों को शुरूआत से ही जानना चाहिए। क्लब की इस सराहनीय कार्य के लिये मेरा पूरा समर्थन है।

अतिथि सत्यनारायण मौर्य ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखण्डता को बनाये रखने के लिये लोगों की आस्था को राष्ट्रीय प्रतीकों की ओर मोड़ना होगा। तभी राष्ट्रीय एकता, अखण्डता व समता का निर्माण हो सकेगा और एक लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना हो सकेगी।

क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा0 सच्चिदानन्द मौर्य ने विषय पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि पूरे देश में विषमता वादियों के द्वारा असहिष्णुता का वातावरण बनाने का प्रयास करते हुए असंयमित बयानबाजी कर भारतीय संविधान का उल्लंघन कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो भारत के वर्तमान एवं भविष्य के लिये ठीक नहीं है और उन्होंने कहा कि इस देश का कितना दुर्भाग्य है कि राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र को अपना लिया गया, परन्तु सम्राट अशोक महान के चरित्र को नहीं अपनाया, तो भारत लोक कल्याणकारी राष्ट्र कैसे बनेगा।

अतिथि डा0 रविन्द्र कुशवाहा ने कहा कि क्लब के कार्यकर्ताओं से राष्ट्र, राष्ट्रीय प्रतीकों एवं भारतीय संविधान के प्रति गांव-गांव, शहर-शहर जाकर जनता को जागरूक करने की अपील की ओर आम जनमानस से कहा कि जहां भी आपको राष्ट्र एवं राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान होता दिखे तो आवाज अवश्य उठायें हमारा मिशन आपके साथ है।

। स्वागत भाषण कार्यक्रम प्रभारी डा0 आर0पी0 मौर्य ने किया, अध्यक्षता, लखनऊ क्लब के जिलाध्यक्ष हरिश्चन्द्र मौर्य ने व संचालन राजेश मौड ने किया।

प्रोजेक्ट शिक्षा का हुआ शुभारम्भ: बिहार के 534 ब्लोक में करेगी शिक्षा पर काम

ग्राम स्वावलम्बी स्वदेशी स्वराज फाउंडेशन (जीथ्रीयस फाउंडेशन ) के द्वारा दिल्ली के गाँधी आश्रम में प्रोजेक्ट शिक्षा का हुआ शुभारम्भ. प्रोजेक्ट शिक्षा के माध्यम से बिहार के 39 जिला के 534 ब्लाक में प्राथमिक शिक्षा पर काम करेगी.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व एनसीईआरटी के प्रोफेसर अनीता नुना ने कहा की प्रोजेक्ट शिक्षा युवाओ की नई सोच है जो बिहार केग्राम स्वावलम्बी स्वदेशी स्वराज फाउंडेशन (जीथ्रीयस फाउंडेशन ) के द्वारा दिल्ली के गाँधी आश्रम में प्रोजेक्ट शिक्षा का हुआ शुभारम्भ. प्रोजेक्ट शिक्षा के माध्यम से बिहार के 39 जिला के 534 ब्लाक में प्राथमिक शिक्षा पर काम करेगी.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि द्लय के प्रोफेसर, शिक्षाविद,सामाजिक कार्यकर्ता,वकील,छात्र मौजूद रहे.

केंद्रीय मंत्री माननीय उपेंद्र कुशवाहा जी के पत्नी काराकाट लोकसभा क्षेत्र के दौरा कर रही हैं साथ में सदस्य जिला परिषद सीमा कुशवाहा

आज दिनांक 21-११-२०१८ को माननीय उपेंद्र कुशवाहा जी के पत्नी ने काराकाट विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया | उन्होंने क्षेत्र के लोगो मिलके उनका हल जाना | इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चला रहे विकाश कार्यो का निरीच्छन भी किया और लोगो की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने कहा की आप लोगो की समस्याओं को जल्द ही निष्पादन किया जायेगा | साथ में करहगर विधान सभा के जिला परिषद् सीमा कुशवाहा ने भी उनके साथ क्षेत्र का दौरा की

सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाने वाली कंपनी का दाम 50 करोड़ रुपये लगाया

भारत सरकार की पब्लिक सेक्टर की कंपनी सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक उपकरण बनाती है, सरकार ने उसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर ली है। सरकार ने इतनी अहम कंपनी का दाम भी महज 50 करोड़ रुपये रखा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी को कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है। अब देखिये शर्त भी क्या रखी है। कम से कम तीन साल पुरानी कोई भी कंपनी हो, इससे ज्यादा पुरानी कंपनी है तो वह पिछले तीन साल से लाभ में चल रही हो और यदि कोई एक कंपनी इसे नहीं खरीदना चाहे तो छोटे-मोटे उद्योग चलाने वाले 4-5 लोग मिलकर भी एसईएल को खरीद सकते हैं।

तकनीकी दक्षता नहीं है तो भी चलेगा। कर्मचारी और अधिकारी डेढ़ माह से आंदोलन कर रहे हैं कि इसे निजी हाथों में न सौंपा जाए, मगर सरकार अपने फैसले से पीछे हटती नहीं दिख रही है। सीईएल ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव नेपाल सिंह सैनी, वीरेंद्र कुमार और किरण पाल भारती ने यह बात कही है।

इनके मुताबिक, 44 साल से यह कंपनी डिफेंस के लिए अनेक सीक्रेट उपकरण बना रही है। इसके अलावा कंपनी द्वारा रेलवे सिग्नल प्रणाली, बॉर्डर एरिया और नक्सल क्षेत्र में काम आने वाले सर्विलांस उपकरण आदि बनाए जाते हैं।कंपनी ने सैन्य सुरक्षा से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन उत्पाद, जिनका अभी तक आयात किया जाता रहा है, को विकसित करना शुरू किया है।

सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े संस्थान बीईएल व डीआरडीओ द्वारा भी इस कंपनी से कई उपकरण तैयार कराए जाते हैं।नेपाल सैनी के मुताबिक, साल 2017-18 में कंपनी का शुद लाभ 22 करोड़ रुपया था।इसके बावजूद केंद्र सरकार इस कंपनी को निजी हाथों में और वह भी गैर-तकनीकी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है।

गाजियाबाद के औधोगिक क्षेत्र साहिबाबाद स्थित सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के बाहर धरने पर बैठी इंजीनियर एसोसिएशन का कहना है कि अब हमारे सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।वीरवार को एसोसिएशन ने रफ़ी मार्ग पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिक मंत्रालय के सामने इस मुद्दे को लेकर ज़ोरदार
प्रदर्शन किया था।

दीपिका ने पहनी 3 करोड़ की रिंग, 4 करोड़ की बोट में आए बराती और इटैलियन भी बोल रहे थे कोंकणी

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण शादी के बंधन में बंध गए हैं। दोनों ने दो रीति-रिवाजों से शादी की। शादी के बाद रणवीर की नई नवेली दुल्हन यानी दीपिका पादुकोण की तीसरी फोटो सामने आई है। इस फोटो में दीपिका बेहद सिम्पल लुक में नजर आ रही हैं। फोटो में वे गोल्डन बॉर्डर वाली रेड कलर की साड़ी पहने हुए हैं। उन्होंने न तो मांग में सिंदूर लगा रखा है और न ही उनके गले में मंगलसूत्र नजर आ रहा है। हालांकि, उन्होंने हैवी ईयररिंग्स कैरी की हैं। फोटो में उनके साथ दो लेडी गेस्ट भी नजर आ रही हैं।

आनंद कारज के बाद होस्ट की लैविश पार्टी
सिंधी रीति-रिवाज से शादी करने के बाद मिस्टर एंड मिसेज भवनानी यानी रणवीर-दीपिका ने अपने गेस्ट के लिए एक लैविश पार्टी होस्ट की। इस पार्टी में गेस्ट को 50 स्पेशल कॉकटेल सर्व किए गए।

करोड़ों की है सगाई की रिंग
दीपिका ने सगाई में जो डायमंड रिंग पहनी थी उसकी कीमत 2.7 करोड़ रुपए तक हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सिंगल सोलिटेयर स्क्वेयर डायमंड रिंग है।

सोने के तारों वाली चुनरी
सिंधी रीति-रिवाज से हुई शादी में दीपिका ने लहंगे से साथ जो लाल रंग की चुनरी ओढ़ी थी, उसमें सोने के तारों से वर्क किया हुआ था। इसके ऊपर संस्कृत में श्लोक सदा सौभाग्यवती भव: लिखा है। आपको बता दें कि सिंधी रीति-रिवाज से शादी कराने के लिए अमृतसर से पंडितों को इटली बुलाया गया था। इतना ही नहीं आनंद कारज के लिए Villa Del Balbianello में एक गुरुद्वारा भी बनाया गया था। रिपोर्ट्स की मानें तो आनंद कारज सुबह ही शुरू हो गया था जो दोपहर तक चला था।

1.73 करोड़ में बुक किया था रिजॉर्ट
दीपवीर की शादी इटली के लेक कोमो में हुई। रिपोर्ट्स की मानें तो रणवीर और दीपिका लेक कोमो के ईस्ट में ब्लेविओ गांव के एक लग्जरी रिजॉर्ट में ठहरे हैं। बताया जा रहा है कि दीपिका और रणवीर अपने फैमिली मेंबर्स के साथ 17 नवंबर तक यहां रहेंगे। इस रिजॉर्ट में ठहरने के लिए उन्होंने करीब 1.73 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।

रणवीर ने ली 4 करोड़ की बोट
न्यूली मैरिड कपल दीपिका और रणवीर ने इटली में एक रॉयल विंटेज बोट ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कपल ने इस रॉयल विंटेज बोट के लिए 4 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें ही बराती शादी में शामिल होने आए थे। खबरों की मानें तो न्यूली कपल 18 नवंबर को बेंगलुरु लौटेगा। यहां पर कपल 21 नवंबर को शादी का रिसेप्शन फैमिली और रिलेटिव्स के लिए ऑर्गेनाइज करेंगे। इसके बाद दूसरा रिसेप्शन 28 नवंबर को मुंबई में होगा। ये रिसेप्शन मीडिया वालों के है। वहीं, 1 दिसंबर को होने वाले रिसेप्शन में बॉलीवुड सेलेब्स शामिल होंगे।

तमिलनाडु से टकराया चक्रवाती तूफान ‘गज’, जानें- अर्थ और नामकरण की वजह

 बंगाल की खाड़ी से उठने वाला चक्रवाती तूफान गाजा, बृहस्पतिवार रात तमिलनाडु के पम्बन और कडलोर के बीच तट से टकरा गया है। इसे लेकर तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। इस दौरान 80-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवा चली। अब ये तूफान केरल की तरफ बढ़ रहा है। केरल से टकराने के बाद ये तूफान अरब महासगर में मिल जाएगा। क्या आप इसका सही नाम और उसका अर्थ जानते हैं। कौन इन खतरनाक तूफानों को तितली, कटरीना, हुदहुद, नरगिस, नीना जैसे नाम देता है? इन तूफानों को नाम देने की वजह क्या है? ऐसे ही कई दूसरे सवाल हैं जिनके बारे में हम यहां पर आपको जानकारी दे रहे हैं।

गाजा’ तूफान का नाम संस्कृत के शब्द गज से बना है, जिसका मतलब होता है हाथी। इस चक्रवाती तूफान को ये नाम श्रीलंका के वैज्ञानिकों ने दिया है। श्रीलंका में हाथियों की अच्छी तादात है और वहां उन्हें काफी सम्मान के तौर पर देखा जाता है। श्रीलंका के रईस लोगों में इन दिनों हाथियों के बच्चे पालने का भी एक नया चलन शुरू हो चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी वजह से वैज्ञानिकों ने इस तूफान का नाम ‘गज’ रखा है। लेकिन इसको इंग्लिश में Gaza लिखने की वजह से इसको गाजा कहा गया है, जबकि इसका सही नाम गज ही है।

बिहार में फुका गया नितीश कुमार का पुतला

बक्सर | आज दिनांक १५-११-२०१८ को कुशवाहा महासभा डुमराव के तत्वाधान में बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार का पुतला फुका गया | कुशवाहा समाज का कहना था की मुख्य मंत्री के द्वारा कुशवाहा समाज को नीच कहे जाने और जे पि गोलंबर से राजभवन तक मार्च कर रहे कजषवहए समाज पर डाकबंग्ला के समीप लाठीचार्ज के खिलाफ आज डुमराव में लंगटू महादेव परिसद डुमराव से आक्रोश मार्च निकल कर बस स्टैंड के समीप मुख्यमंत्री नितीश कुमार का पुतला दहन किया गया | इस प्रोग्राम की अध्यक्षता कुशवाहा दीपक सिंह ने किया | इस मौके पर युवा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के बिहार प्रदेश प्रधान महासचिव अरुण कुशवाहा ,गुडू कुशवाहा, मुन्ना कुशवाहा आदि उपस्थित रहे |

कुशवाहा समाज के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने भांजी लाठियां

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को कथित रूप से नीच कहे जाने से नाराज कुशवाहा समाज के सदस्यों ने पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च निकाला, जिसमें सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।

इस दौरान डाकबंगला चौराहे पर कुशवाहा समाज के सदस्यों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई जिसके बाद पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं, जिसमें कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है। वहीं, कार्यकर्ताओं द्वारा ईंट-पत्थर फेंके जाने से कई पुलिसकर्मी भी घायल बताए जा रहे हैं।

पुलिस के लाठीचार्ज पर उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसा है और लिखा है कि कुशवाहा समाज पर लाठी चलवाने के बजाय आप अपने बयान का अर्थ लोगों को सार्वजनिक रूप से समझा देते तो बड़ी कृपा होती। शायद लोगों का गुस्सा शांत हो जाता और आंदोलन की जरुरत नहीं पड़ती।

अपने अगले ट्वीट में कुशवाहा ने लिखा कि मुख्यमंत्री जी, राजभवन की तरफ शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे लोगों को अगर संभाल पाना मुश्किल था, तो भीड़ को तीतर-बितर करने के कई अन्य तरीके भी थे। लाठी-डंडों से पिटवाकर निर्दोषों का खून बहाना व महिलाओं पर लाठी चलवाना कहाँ का न्याय है ?

बुद्ध की धरती पर बुद्ध का अपमान क्यों – अजय मौर्य

आज पूरा विश्व *तथागत बुद्ध* को मानता है लेकिन जिस देश में *तथागत बुद्ध* का जन्म हुआ वहीं पर उनका *अपमान* किया जा रहा है । मैं किसी की महानता को कम नहि कर रहा लेकिन ज़रा सोचो अभी तक विश्व में *सबसे ऊँची प्रतिमा* होने का गौरव *चीन* में बनी प्रतिमा *स्प्रिंग टेम्पल बुद्धा* (153 मीटर) थी । *दूसरी* विश्व में  सबसे ऊँची प्रतिमा *म्यांमार* में बनी *लेक्यून सेटक्यार* (116 मीटर) थी *तीसरी* विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमा जापान में बनी *उशिकु दायबुत्सु* (110 मीटर) थी लेकिन 31 दिसम्बर को भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने *सरदार पटेल* की 182 मीटर की प्रतिमा लगाकर *तथागत बुद्ध* को जो विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमा होने का गौरव प्राप्त था उसे समाप्त कर दिया ऐसा करके भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी ने विश्व को शान्ति का संदेश देने वाले *तथागत बुद्ध* का अपमान तो किया साथ ही साथ *तथागत बुद्ध* को मानने वाले विश्व के  करोड़ों अनुयायियों की भावना को ठेस पहुँचाया ।
सोचने की बात है कि जब हमारे देश के महामहिम राष्ट्रपति , माननीय प्रधानमंत्री व माननीय मंत्रीगण जब विदेश जाते है तो तथागत बुद्ध की प्रतिमा अपने साथ लेकर जाते हैं और वहाँ जाकर कहते हैं कि हम तथागत बुद्ध, सम्राट अशोक की धरती से आयें है और अपने देश भारत में ही *तथागत बुद्ध* का अपमान किया जा रहा है।                             *अखिल भारतीय मौर्य महासभा* भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी से ये माँग करती है कि *तथागत बुद्ध* को जो विश्व में सबसे ऊँची प्रतिमा होने का गौरव प्राप्त था उसे पुनः दिलाने हेतु भारत में तथागत बुद्ध की प्रतिमा *सरदार पटेल की प्रतिमा* से भी ऊँची बनाई जाये नहि तो आने वाले चुनाव  में *तथागत बुद्ध* के करोड़ों अनुयायियों के साथ साथ *तथागत बुद्ध* के वंशज (शाक्य , मौर्य, सैनी, कुशवाहा समाज)  आपको माफ़ नहि करेंगे ।
🙏🙏🙏🙏🙏
*अजय मौर्य* (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
  अखिल भारतीय मौर्य महासभा®

राष्ट्रीयता की भावना के जागृति के लिए सम्राट अशोक क्लब प्रतिबद्ध, उन्नाव में हुआ राष्ट्रीय प्रतीक जनचेतना यात्रा

    किसी भी देश कि पहचान उसके राष्ट्रीयप्रतीकों से होती है और हर देश के लोग अपने अपने राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करते है परन्तु अपने देश में अपने धार्मिक प्रतीकों के प्रति सक्रियता दिखती है परन्तु राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आम लोग उदासीन रहते है,आये दिन राष्ट्रीय प्रतीकों को विभिन्न तरीको से अज्ञानतावस अपमानित करते रहते है जैसे राष्ट्रगान के समय टहलते रहना, राष्ट्रध्वज को उल्टा फहराना,चार सिंघो की जगह चार भेडिया बना देना इत्यादि तरीको से अपमानित किया जाता रहता है जो राष्ट्रहित में बड़ा चिंता का विषय है । इन्ही घटनाओ से आहत होकर सम्राट अशोक क्लब आम जनता में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति श्रद्धा एवं चेतना जगाने हेतु जिलों-जिलों, गाँव-गाँव  राष्ट्रीय प्रतीक सम्मान समारोह एवं जन चेतनायात्रा कर रहा है ।

         इसी कड़ी में आज दिनाँक 04 नवम्बर 2018 को सम्राट अशोक क्लब शाखा उन्नाववराष्ट्रनायकयुवामहासंघशाखाउन्नाव के द्वारा हजारो की संख्या में महिलाओ एवं पुरुषो ने हर्षोल्लाश के साथ रोड मार्च किया जिस यात्रा में लोग राष्ट्रीय ध्वज के साथ हाथो में तिख्तिया लिए हुए उत्साह के साथ चल रहे थे जिस पे लिखा हुवा था “ अखंड भारत की क्या पहचान, अशोक स्तम्भ और चक्र निशान, भारत किसी भी देश की  पहचान उसके राष्ट्रीय प्रतीकों से होती है और हर देश के लोग अपने अपने राष्ट्रीय प्रतीकों की है किससे शान, विजयी विश्व अशोक महान, भारत को मत बर्बाद करो, पंचशील को याद करो, इत्यादि राष्ट्रभक्ति से जुड़े हुए अनेको नारे लिखे हुए थे ।

           उक्त यात्रा सम्राट अशोक शांती उपवन बुद्ध विहार गदन खेडा से जिला से जुड़े इस कार्यक्रम में सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता मा० डॉ० सच्चिदानंद मौर्य ने जगह जगह हो रहे राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान एवं आम जनता में उसके प्रति उदासीनता राष्ट्र की अखण्डता के लिए ख़तरा बताया आगे डॉ०सचिदानंद मौर्य ने प्रतीकों के संदेशो को जन-जन तक पहुचाने हेतु अस्पताल, बड़ा चौराहा होते हुए निराला पार्क पहुच कर गोष्ठी में तब्दील हो गयी । राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान कार्यकर्ताओ से अपील की।

सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मा. दीनानाथ मौर्य

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