Day: October 19, 2018

सम्राट अशोक क्लब ने दिल्ली में धूम-धाम से मनाया धम्म विजय दिवस

दिल्ली  | दिनांक 19 अक्टूबर 2018 को कुतुबमीनार के पास स्थित अशोका मिशन, मेहरौली, दिल्ली में सम्राट अशोक क्लब, शाखा दिल्ली एन सी आर द्वारा धम्म विजय दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसका विषय बिन्दु था समाजिक न्याय में संविधान की भूमिका।

कार्यक्रम को देखने व सुनने के लिए 3000 से अधिक संख्या में जनता उपस्थित हुई। कार्यक्रम में ताइवान दूतावास के प्रतिनिधि, भारत के समाजसेवी, विद्वान, शिक्षाविद, पत्रकार, लेखक आदि बड़ी हस्तियां उपस्थित थी।

कार्यक्रम का आरंभ ध्वजारोहण, भगवान बुद्ध के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पार्पण, त्रिसरण, पंचशील तथा राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह की पूजा-अर्चना से हुई।

अशोका मिशन के अध्यक्ष वेन. लामा लोबसांग जी ने उपस्थित जनसमूह को त्रिसरण और पंचशील दिया। उन्होंने कहा कि विदेश के लोग बोधगया की मिट्टी को इतना पवित्र मानते हैं कि उसे अपने देश ले जाते हैं। उनके मन में भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक के प्रति इतना सम्मान है कि वे भारत की तरफ पैर करके नही सोते है।

सम्राट अशोक क्लब शाखा दिल्ली एन सी आर के अध्यक्ष मा. राजेश कुमार मौर्य ने सभी अतिथियों का स्वागत – अभिनंदन अपने स्वागत भाषण से किया। कार्यकर्ताओं ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सनियर सुपरिटेंडेंट (आई पी डी) ने अपने संबोधन में सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय हित के कार्यों को सराहा तथा जनता से सम्राट अशोक के नैतिक मार्ग पर चलने तथा संविधान के अनुरूप आचरण करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संविधान समाज की जीवन रेखा है तथा सम्राट अशोक महान के शासनशैली की प्रासंगिकता आज भी पूरे विश्व में है।

कार्यक्रम के अतिथि मा. संजय प्रसाद जी, मा. अरूण कुमार कुशवाहा जी और शिक्षाविद माननीया रश्मि जी ने सामाजिक न्याय में संविधान की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा बताया कि हमारा संविधान सभी नागरिकों की रक्षा करने तथा साथ लेकर चलने में सामर्थ्यवान है। हमें हमेशा इसका अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने सामाजिक कुरितियों को समाप्त करने में संविधान की भूमिका को सराहा।

सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय महासचिव मा. शत्रुधन सिंह शाक्य ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सम्राट अशोक महान विश्व के महानतम सम्राट थे तथा उनके शासनशैली पर प्रकाश भी डाला। उन्होंने ने बताया की दबे-कुचले और पिछड़े समाज को न्याय दिलाने में संविधान की बहुत बड़ी भूमिका है।

सम्राट अशोक क्लब के राष्ट्रीय प्रवक्ता मा. सच्चिदानन्द जी भाषण बहुत ही प्रभावशाली था। उन्होंने ने अपने भाषण के माध्यम से सम्राट अशोक क्लब के कार्यकर्ताओं को राष्ट्र हित कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि संविधान से अलग हटकर समाज की बात नही सोची जा सकती है, जो अनाज-सब्जी उगाए, अच्छे बर्तन, कपड़ें और जूते बनाए उसे निच से श्रेष्ठ बनाने वाला संविधान ही है। आज भी संविधान के सभी प्रावधानों को सरकारें पूर्ण रुप लागू नही कर पाई है अन्यथा सामाजिक विषमतायें नही होती।

भारतीयता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम न हिन्दू है न मुसलमान हैं, हम भारत की संतान हैं और इंसान हैं।

ताइवान दूतावास के प्रतिनिधि के उपस्थिति से समारोह की गरिमा बहुत बढ़ गई।

सम्राट अशोक क्लब के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ ने भारतीयता एवं राष्ट्रीयता पर आधारित गीत, संगीत और नाटक का आयोजन किया, जो बहुत ही मनमोहक एवं संदेशपरक थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम मा. अरूण सिंह जी, मा. पारसमणि जी एवं मा. राहुल मौर्य के देखरेख में हुआ।

समारोह में शिक्षा एवं समाजिक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए लोगों को सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।

इस समारोह को सफल बनाने में वेबकास्टिंग टीम, शोसल मिडिया टीम, व्यवस्थापक गण तथा सम्राट अशोक क्लब के विभिन्न शाखाओं के कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान रहा।

सम्राट अशोक क्लब शाखा दिल्ली एन सी आर के प्रवक्ता मा. राजेश कुशवाहा जी ने मंच संचालन किया।

समारोह का समापन अध्यक्ष के समापन भाषण तथा कार्यकर्ताओं द्वारा मंच पर ध्वज गीत साथ हुआ।

इंडियन बैंक पीओ प्रीलिम्स का रिजल्ट जारी, 4 नवंबर को होगी मुख्य परीक्षा, ऐसे देखें अपना रिजल्ट

इंडियन बैंक ने प्रोबेशनरी ऑफिसर पीओ प्रीलिम्स 2018 का रिजल्ट  जारी कर दिया। परीक्षा के परिणाम आप बैंक की वेबसाइट indianbank.in पर देख सकते हैं। मालूम हो कि इंडियन बैंक पीओ की यह परीक्षा 06 अक्टूबर 2018 को आयोजित की गई थी। प्रीलिम्स की परीक्षा के बाद उम्मीदवारों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन 04 नवंबर को होगा। इस बता दें कि पीओ के 417 पद भरे जाने हैं।

ऐसे देखें अपना रिजल्ट 
सबसे पहले indianbank.in पर जाएं और वेबसाइट पर दिए गए career लिंक पर क्लिक करें। ‘DETAILED ADVERTISMENT FOR RECRUITMENT OF PROBATIONARY OFFICERS THROUGH ON BOARDING’ लिंक के दाहिने ओर दिए गए लाल रंग के टैब पर क्लिक करें। इसके बाद ‘List of roll numbers of shortlisted candidates for main exam’ के लिंक पर क्लिक कर अपना रोल नंबर चेक करें।

भारतीय बैंकों का कर्ज चुकाने के लिए बेच दें माल्या की 6 कारें : लंदन हाईकोर्ट

लंदन हाईकोर्ट ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को बड़ा झटका दिया है। भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ से अधिक का कर्ज चुकाने के लिए हाईकोर्ट ने माल्या की 6 महंगी कारों को बेचने का आदेश दिया है।

11 अक्तूबर को दिए अपने आदेश में हाईकोर्ट ने प्रवर्तन अधिकारियों को 62 वर्षीय विजय माल्या की कारों को बेचने की आजादी दे दी। हालांकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि कारों की बिक्री 4 करोड़ से कम में नहीं होनी चाहिए।

माल्या की जिन 6 महंगी कारों को बेचने का आदेश दिया गया है उनमें मिनी कंट्रीमैन, पॉर्शे केने, मैबेक 62, फरारी एफ 430, रेंज रोवर, फरारी एफ512एम शामिल हैं। इन 6 कारों में से 4 के नंबर प्लेट विजय माल्या के नाम के शुरुआती अक्षर वीजेएम के हिसाब से रखे गए हैं। एक महंगी पॉर्शे कार पर मशहूर ब्रिटिश जासूस जेम्स बॉन्ड के मशहूर नंबर 007 से कॉपी किया हुआ नंबर प्लेट लगा हुआ है।

दरअसल बंगलूरू ऋण वसूली प्राधिकरण ने कहा था कि माल्या पर बैंकों के  6,203 करोड़ रुपये और ब्याज बकाया हैं। बंगलूरू ऋण वसूली प्राधिकरण के दावे को माल्या ने लंदन हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने माल्या के लंदन स्थित दो घरों में तलाशी लेकर और उसकी वस्तुओं को कब्जे में लेने के आदेश दिए थे।

छत्तीसगढ़ /विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे अजीत जोगी, बहू ऋचा बसपा में शामिल हुईं

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के अध्यक्ष अजीत जोगी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। जोगी के बेटे अमित ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। इससे पहले अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। शुक्रवार को ही जोगी की बहू ऋचा जोगी बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गईं। वे बसपा के टिकट पर अकलतरा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं।

दशहरा (विजयादशमी या आयुध-पूजा)

दशहरा हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। इसीलिये इस दशमी को ‘विजयादशमी’ के नाम से जाना जाता है (दशहरा = दशहोरा = दसवीं तिथि)। दशहरा वर्ष की तीन अत्यन्त शुभ तिथियों में से एक है, अन्य दो हैं चैत्र शुक्ल की एवं कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा।

इस दिन लोग शस्त्र-पूजा करते हैं और नया कार्य प्रारम्भ करते हैं (जैसे अक्षर लेखन का आरम्भ, नया उद्योग आरम्भ, बीज बोना आदि)। ऐसा विश्वास है कि इस दिन जो कार्य आरम्भ किया जाता है उसमें विजय मिलती है। प्राचीन काल में राजा लोग इस दिन विजय की प्रार्थना कर रण-यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं। रामलीला का आयोजन होता है। रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया जाता है। दशहरा अथवा विजयदशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में यह शक्ति-पूजा का पर्व है, शस्त्र पूजन की तिथि है। हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है। भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है, शौर्य की उपासक है। व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है।

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