Day: October 12, 2018

इमरजेंसी लैंडिंग / टेकऑफ के दौरान दीवार से टकराया प्लेन, अनजान पायलट उसे चार घंटे उड़ाता रहा

त्रिची. तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (त्रिची) एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान एयर इंडिया का विमान एयर ट्रैफिक कंट्रोल की दीवार से टकरा गया। हालांकि, पायलट को इसका पता नहीं चल पाया और विमान करीब चार घंटे तक उड़ान भरता रहा। विमान में 130 यात्री और 6 क्रू मेंबर मौजूद थे। सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें दूसरे विमान से दुबई भेजा गया।

विमान संख्या आईएक्स-611 ने गुरुवार देर रात 1.30 बजे त्रिची से दुबई के लिए भड़ान भरी थी। हादसे के चार घंटे बाद शुक्रवार सुबह 5.30 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। एयर इंडिया के मुताबिक, त्रिची एयरपोर्ट के अधिकारियों ने पायलट को बताया कि शायद टेकऑफ के वक्त ऊंचाई कम रहने पर विमान के पहिए दीवार और एटीसी के एंटीना से टकरा गए हैं। पायलट ने कहा कि एयरक्राफ्ट का सिस्टम पूरी तरह ठीक है। हालांकि, एहतियातन इसे मुंबई में उतारा गया। एयरलाइन ने जांच पूरी होने तक पायलट और को-पायलट को ड्यूटी से हटा दिया है।

एयर इंडिया के सुरक्षा इंतजामों का जिम्मा थर्ड पार्टी को

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया, ”एयर इंडिया ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। इसके अलावा डीजीसीए के अधिकारी विमान और त्रिची एयरपोर्ट पर जांच में जुटे हैं।” प्रभु ने बताया कि एयर इंडिया के मौजूदा सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा के बाद थर्ड पार्टी को इसकी जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए हैं।

पलायन की तस्वीर / गुजरात से आने वाली साबरमती एक्सप्रेस में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं

गुना। गुजरात से उत्तर प्रदेश के कामगारों का पलायन इन दिनों सुर्खियों में है। यह स्थिति वास्तव में कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा साबरमती एक्सप्रेस से लगाया जा सकता है, जो गुजरात जाने व वहां से आने वाले कामगारों की सबसे प्रमुख सवारी गाड़ी है। भास्कर ने आने-जाने वाली दोनों ट्रेनों का जायजा लिया।

गुजरात से आने वाली ट्रेन में पैर रखने की भी जगह नहीं है। जबकि वहां जाने वाली ट्रेन की जनरल बोगियों में भी यह हालत थी कि सीटें खाली हैं। लोग उन पर सोते हुए जा रहे थे। जबकि किसी भी सीजन में गुजरात की ओर जाने वाली साबरमती की जनरल बोगी में पैर रखने की जगह नहीं मिलती है। उप्र से गुजरात जाने वाले कामगारों के लिए यह सबसे लोकप्रिय ट्रेन, पहले गुजरात की ओर जाने वाली ट्रेन के टॉयलेट तक यात्रियों से भरे रहते थे।

अफवाहों से डरकर लौट रहे : ट्रेन से सफर कर रहे जिन लोगों से बातचीत हुई, उनमें से कोई सीधे तौर पर हिंसा का शिकार तो नहीं हुआ, लेकिन डर और असुरक्षा सभी को महसूस हो रही थी। सूरत में काम करने वाले बनारस जा रहे गया प्रसाद ने बताया कि त्योहार सीजन के बाद हम वापस लौटने के बारे सोचेंगे। अहमदाबाद के एक कारखाने में काम कर रहे शंभू सिंह यादव ने बताया कि हमें कहा गया था कि जब स्थिति सामान्य हो जाए तब लौट आना।

लौटने के अलावा विकल्प नहीं : ऐसे ही कई अन्य कामगारों ने कहा कि हमारे पास लौटने के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है, क्योंकि उप्र में रोजगार के अवसर सीमित हैं।

अमेरिका की फिर धमकी- रूस से रक्षा सौदा और ईरान से तेल खरीदना भारत के लिए मददगार नहीं होगा

वॉशिंगटन. रूस से रक्षा सौदे को लेकर अमेरिकी प्रशासन ने भारत को दूसरी बार धमकी दी है। अमेरिका ने कहा कि रूस के साथ एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील और ईरान से तेल की सौदेबाजी भारत के लिए फायदेमंद साबित नहीं होगी। हम भारत के इन सौदों की बड़ी सावधानी से समीक्षा कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि रूस से डील भारत को भारी पड़ेगी।

अमेरिका ने 4 नवंबर की डेडलाइन दी

  1. अमेरिका ने ईरान से 2015 में हुए बहुपक्षीय समझौते को खत्म कर दिया था। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सहयोगी देशों पर ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
  2. अमेरिका ने सभी मित्र देशों से ईरान से तेल आयात ना करने की अपील की है। अमेरिका ने इसके लिए 4 नवंबर तक की डेडलाइन तय की है और कहा है कि तब तक ईरान से तेल आयात शून्य कर दिया जाए।
  3. अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीदर नुअर्ट ने कहा- हमने कई सहयोगियों से इन प्रतिबंधों को लेकर बातचीत की है। हमने सभी देशों के सामने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। ट्रम्प का साफ कहना है कि ईरान के बुरे इरादों को पहचानना और उसके खिलाफ सभी का साथ आना जरूरी है।
  4. नुअर्ट ने कहा- भारत को जल्द ही इस बारे में पता चलेगा। हम इस मुद्दे को देख रहे हैं। ईरान से तेल खरीदने और रूस से एस-400 सिस्टम खरीदने जैसे घटनाक्रमों की अमेरिका गंभीरता के साथ समीक्षा कर रहा है।
  5. भारत के तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि दो तेल कंपनियों ने नवंबर के लिए ईरान से कच्चा तेल मंगवाने का ऑर्डर दे दिया है। इस पर नुअर्ट ने कहा- हमें इस तरह की रिपोर्ट मिली हैं। पिछले महीने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की भारत यात्रा के दौरान भी ये मुद्दा उठा था। इस बारे में ट्रम्प ही फैसला करेंगे और वे कह चुके हैं कि हम इसका ख्याल रखेंगे।
  6. रूस से रक्षा सौदों पर अमेरिका ने लगाया है काटसा

    काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट (काटसा) के तहत अमेरिकी संसद (कांग्रेस) ने रूस से हथियार खरीदने पर प्रतिबंध लगाया है। रूस के साथ रक्षा सौदा काटसा उल्लंघन है। इसके तहत भारत को अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट देने का अधिकार सिर्फ ट्रम्प के पास है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने काटसा के तहत भारत को छूट देने पर जोर दिया है।

इंटरनेट पर जल्दी निपटाएं अपने काम, अगले 48 घंटे में आ सकती है कनेक्टीविटी की समस्या

नई दिल्ली । दुनियाभर में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को अगले 48 घंटों में नेटवर्क फेल्योर का अनुभव हो सकता है। इसकी वजह मेन डोमेन सर्वर का रूटीन मैंटेनेंस बताया जा रहा है।

रसीया टुडे ने बताया कि वैश्विक इंटरनेट उपयोगकर्ता, नेटवर्क कनेक्शन फेल्योर का अनुभव कर सकते हैं, क्योंकि मेन डोमेन सर्वर और इसके संबंधित नेटवर्क कुछ समय के लिए स्लो हो जाएंगे।

इंटरनेट कॉर्पोरेशन ऑफ असाइन नेम्स एंड नंबर (आईसीएएनएएन) की मैंटेनेंस वर्क के दौरान क्रिप्टोग्राफिक की बदली जाएगी, जो डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) या इंटरनेट की एड्रेस बुक की सुरक्षा में मदद करता है।

एक बयान में आईसीएएनएएन ने कहा कि एक सुरक्षित, स्थिर और लचीला डीएनएस सुनिश्चित करने के लिए ग्लोबल इंटरनेट शटडाउन आवश्यक है। इससे कुछ इंटरनेट उपयोगकर्ता अगर उनके नेटवर्क ऑपरेटर या इंटरनेट सेवा प्रदाता (आईएसपी) इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं तो वे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, सिस्टम सिक्योरटी को अनेबल करके इस प्रभाव से बचा जा सकता

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