Day: October 9, 2018

जे एन यु प्रफ़ेसर उपेन्द्र राव जी की विदेश यात्रा

रीगा में स्थित लातविया विश्वविद्यालय तथा लातविया के सांसद डाक्टर रोमुआलदस ने जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय के प्रो. सी. उपेंद्र राव जी को भारतीय प्राच्यविद्या के विभिन्न विषयों पर अपने व्यक्तव्य देने हेतु उन्हें आमंत्रित किये हैं । जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय के प्रशासन ने इसके लिए अपनी सहमति प्रदान किया है । प्रो. सी. उपेंद्र राव इसी माह की ९ तारीख से लातविया विश्वविद्यालय में इंडिक स्टडीज़ के विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। उन में से कुछ विषय हैं,

-वेदांत का परिचय (द्वैत, अद्वैत एवं विशिष्टाद्वैत के सन्दर्भ में)

-बौद्ध दर्शन (द्वादश निदान- कार्य कारण सिद्धांत के विशेष सन्दर्भ में)

-सांख्यदर्शन का परिचय  

-कालिदास और उनके काव्य सौंदर्य

-संस्कृत काव्यों में अलंकारों का प्रयोग

-भारतीय संस्कृति को समझने में पालि-साहित्य की भूमिका.

प्रो. सी. उपेंद्र राव, जवाहरलाल नेहरू विश्विद्यालय के संस्कृत एवं प्राच्यविद्या संस्थान में संस्कृत और पालि के वरिष्ठ आचार्य हैं। वें विशिष्टसंस्कृताध्ययन केंद्र के अध्यक्ष पद को भी सुशोभित किये हैं ।  प्रो. राव ने कम्बोडिया के नॉमपेन्ह स्थित बौद्ध विश्विद्यालय में आई.सी.सी.आर. के चेयर पद पर भी कुशलता पूर्वक कार्य किया है. प्रो. राव ने अभी तक कुल २० पुस्तकों का लेखन एवं संपादन का भी कार्य किया है. वर्तमान में वे दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय प्राच्यविद्या के विषय पर भी कार्य कर हैं। हाल ही में उन्होंने वियतनाम में ” कम्बोडिया के संस्कृत अभिलेखों में भारतीय संस्कृति” पर एक शोध-पत्र प्रस्तुत किया है.

प्रो राव द्वारा अगस्त २०१८ में संयुक्त राज्य अमेरिका के डलास में आयोजित वेव संगोष्ठी में “अक्षर पुरुषोत्तम दर्शन” पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया गया जिसे अनेक विद्वानों के द्वारा सराहा किया गया है. अप्रैल माह में उन्होंने लिथवानिया के दो विश्विद्यालयों में अपना वक्तव्य दिया और साथ ही ‘विश्वशांति’ विषय पर अपना वक्तव्य लिथवानिया के संसदीय एनेक्सी में भी दिया । प्रो. राव यूक्रेन के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कीव मोहिला में एवं  कज़ाकिस्तान के एल. एन. गुमिलोव यूरेशियन राष्ट्रीय विश्विद्यालय, अस्ताना के अभ्यागत प्रोफेसर रह चुके हैं। साथ ही इन दोनों विश्विद्यालयों में उन्होंने संस्कृत-भाषा और बौद्ध-दर्शन का अध्यापन कार्य भी किया है. जून २०१८ में उन्होंने हवें क्वांग मोनेस्ट्री, होचीमिन्ह, वियतनाम में भी संस्कृत का अध्यापन कार्य सम्पादित किया है।

 

फेसबुक ने लॉन्च किया ‘Portal’ और ‘Portal Plus’, इससे एक बार में 7 लोगों को कर सकेंगे वीडियो कॉल

सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने सोमवार को दो स्मार्ट स्पीकर- Portal और Portal Plus लॉन्च किए हैं। इन दोनों ही डिवाइस को वीडियो कॉलिंग करने के लिए लॉन्च किया गया है और इनसे एक बार में 7 लोगों को वीडियो कॉल किया जा सकेगा। इसके अलावा हाल ही में डेटा लीक के मामला सामने आने के बाद फेसबुक ने इन डिवाइस में प्राइवेसी और सिक्योरिटी का भी खास ध्यान रखा है।

इन दोनों डिवाइस की अमेरिका में प्री-बुकिंग में शुरू हो चुकी है, हालांकि इन्हें भारत में कब लॉन्च किया जाएगा, इस बारे में कंपनी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है। कंपनी ने Portal की कीमत 199 डॉलर (करीब 14, 700 रुपए) और Portal Plus की कीमत 349 डॉलर (करीब 25,800 रुपए) रखी है।

नवरात्र / ब्रह्म मुहूर्त के साथ 6.10 से 10.11 बजे तक शुभ मुहूर्त में करें घट स्थापना

 शारदीय नवरात्र कल से शुरू हो रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार को अगर नवरात्रि शुरू होते हैं तो मां नाव में सवार होकर आती हैं। मान्यता है कि नाव पर सवार होकर माता आती हैं तो मनुष्य की हर मनोकामना पूरी होती है। नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है।

ज्योतिर्विद एवं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार यूं तो ब्रह्म मुहूर्त में कलश स्थापना सबसे शुभ है। अगर इस अवधि में कलश स्थापित न कर सकें तो सुबह 6 बजकर 10 मिनट से सुबह 10 बजकर 11 मिनट तक कलश की स्थापना भक्तगण कर सकते हैं।

डॉ. राजेश मिश्रा के अनुसार नवरात्र का अर्थ है नौ रात का समूह। हर एक दिन दुर्गा मां के अलग-अलग रूप मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी, मां सिद्धदात्री की पूजा होती है। नवदुर्गा के आगमन के दिन से भी भविष्य में होने वाली घटना व संकेतों का अंदाजा लगाया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार नवदुर्गा बुधवार से शुरू हो रहे हैं, जो यह दर्शाता है की मां नाव पर बैठकर आएंगी। इसी प्रकार यदि नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू हो तो उसका अलग संकेत है। यहां बता दें कि- नवरात्रि पूजन का आरंभ घट स्थापना से माना जाता है।

ऐसे करें कलश की स्थापना 
– ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व की दिशा को देवी-देवताओं की दिशा मानी जाती है। इसलिए कलश स्थापना और माता की प्रतिमा इसी दिशा में होनी चाहिए।
– कलश स्थापना हमेशा शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए और माता की पूजा से पहले भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए।
– नवरात्रि में एक जटाधारी नारियल को लाल कपड़े में बांधकर कलश में रखने से पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि नारियल का मुंह आपकी तरफ होना चाहिए।

घट/कलश का स्थापना मुहूर्त : सुबह: 06 बजकर 18 मिनट 40 सेकंड से 10 बजकर 11 मिनट 37 सेकंड तक रहेगा। हालांकि कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त- ब्रह्म मुहूर्त से सुबह 7.56 मिनट तक रहेगा। कुल 3 घंटे 52 मिनट घट स्थापना के लिए सबसे शुभ मुहूर्त है।

भारत ने जीता अपना पांचवा स्वर्ण पदक ,भारत का स्वर्ण पदको में अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

जकार्ता. पैरा एशियाड में मंगलवार को भारत को दो स्वर्ण और तीन कांस्य पदक मिले। महिला क्लब थ्रो में एकता भयान ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं, मनीष नरवाल ने 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में गोल्ड अपने नाम किया। इस एशियाई खेलों में भारत के अब कुल 23 पदक हो गए हैं। वह पदक तालिका में सातवें स्थान पर है। स्वर्ण पदकों के लिहाज से यह उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसके पहले 2014 में उसने तीन स्वर्ण समेत 33 पदक जीते थे।

मायावती ने कहा :जिन गैर- गुजरातीयो ने बनारस में इलेक्शन जिताया उन्ही पर गुजरात में हो रहे हमले

अहमदाबाद/नई दिल्ली. गुजरात के साबरकांठा में 14 महीने की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में बिहार के युवक की गिरफ्तारी के बाद गैर-गुजरातियों पर हमले हो रहे हैं। इस मुद्दे पर राजनीति भी तेज हो गई है। बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा कि यह दुख की बात है कि जिन लोगों ने मोदीजी को बनारस में वोट देकर जिताया, उन्हीं लोगों पर गुजरात में हमले हो रहे हैं। वहीं, जिस संगठन क्षत्रिय ठाकोर सेना पर हिंसा भड़काने के आरोप लग रहे हैं, उसके प्रमुख और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर का कहना है कि लोग त्योहारों और छठ पूजा नजदीक होने के कारण घर जा रहे हैं, गुजरात में किसी पर हमला नहीं हो रहा।

अब तक 50 हजार का पलायन 
गुजरात में गैर-गुजरातियों पर जारी हिंसा के मामलों में अब तक लगभग 450 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 56 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। उत्तर भारतीय विकास परिषद का दावा है कि गुजरात से पलायन करने वालों की संख्या 50 हजार है। गुजरात के नौ जिलों में गैर-गुजरातियों पर हमले हो रहे हैं। इनमें सारबकांठा, महेसाणा, अहमदाबाद शहर, अहमदाबाद ग्रामीण, अरावली, सुरेंद्रनगर, गांधीनगर और आणंद शामिल हैं।

अमूल प्लांट के श्रमिकों को राज्य छोड़ने की धमकी

आणंद के वघासी में अमूल प्लांट के गैर-गुजराती श्रमिकों पर सोमवार को हमला हुआ। इसमें सात लोग जख्मी हो गए। बाइक सवार हमलावरों ने श्रमिकों को राज्य छोड़ने की धमकी दी। इस मामले में क्षत्रिय ठाकोर सेना से जुड़े नौ लोगों को हिरासत में लिया गया।

अल्पेश ने दी राजनीति छोड़ने की धमकी
अल्पेश ठाकोर ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा गुजरात में ऐसा ही चलता रहा मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। राजनीति भी छोड़ दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं आरोपों से दुखी हों क्योंकि मैं पहले दिन से शांति की अपील कर रहा हूं। ठाकोर ने मंगलवार को मीडिया से कहा कि एक बच्ची से दुष्कर्म हुआ है। दुष्कर्मी सिर्फ दुष्कर्मी है। उसका किसी प्रांत से लेना देना नहीं है। हिंसा में हम शामिल नहीं हैं। हमारी विचारधारा राष्ट्रवादी और मानवतावादी है। कभी मुझ पर कोई केस नहीं हुआ। लोग छठ के कारण घर लौट रहे हैं।

धौनी के कप्तानी करने पर नाराज़ हुए सेलेक्टर्स, Asia Cup के एक मैच में संभाली थी कमान

नई दिल्ली  । पिछले महीने एशिया कप के एक मुकाबले में भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कप्तानी की थी। ये मुकाबला सुपर फोर स्टेज में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया था। बतौर भारतीय कप्तान धौनी का ये 200वां वनडे मैच भी था, लेकिन अब खबरें सामने आ रही हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता धौनी के कप्तानी करने के खुश नहीं हैं। उन्होंने धौनी के कप्तानी करने पर नाराजगी जाहिर की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय टीम के चयनकर्ता धौनी के टीम इंडिया की कमान संभालने के फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने इस बात पर भी नाराज़गी ज़ाहिर की कि पांच-पांच खिलाड़ियों को एक ही मैच में आराम क्यों दिया गया। बीसीसीआइ से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जिस तरह से अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में भारतीय टीम में इतने ज्यादा बदलाव हुए उससे चयनकर्ता खुश नहीं हैं। रोहित शर्मा और शिखर धवन दोनों को आराम दिया गया और एम एस धौनी को कप्तानी करनी पड़ी।

इस वजह से धौनी ने की कप्तानी

एशिया कप के सुपर 4 स्टेज में पाकिस्तान और बांग्लादेश के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम फाइनल में पहुंच चुकी थी। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच बस एक औपचारिकता मात्र था, इसलिए टीम से 5 प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया गया। एशिया कप में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले रोहित शर्मा के साथ-साथ उप कप्तान शिखर धवन, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को इस मैच में आराम दिया गया था। कप्तान रोहित शर्मा और उप कप्तान शिखर धवन के इस मैच में न खेलने की स्थिति में धौनी को टीम की कमान संभालनी पड़ी थी।

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