Day: October 8, 2018

RRB Group D Admit Card: एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें डाउनलोड

नई दिल्ली । आरआरबी ग्रुप डी परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी होने का सिलसिला जारी है। रेलवे ने 11 अक्टूबर को आयोजित होने जा रही आरआरबी ग्रुप डी भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड रेलवे की वेबसाइट indianrailways.gov.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इससे पहले 29 सितंबर को रेलवे ने 3 अक्टूबर को आयोजित होने जा रही भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी किए थे।

RRB Group D ग्रुप के 63000 पदों के लिए 1 करोड़ 90 लाख उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। ये परीक्षाएं (सीबीटी- कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) 17 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड रेलवे भर्ती बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड से कर सकते हैं।

इस बीच रेलवे ने 16 अक्टूबर के बाद का ग्रुप डी भर्ती परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया। लेकिन अभी भी ये पूरा जारी नहीं किया गया है। 17 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक की परीक्षा तिथियों, शहर और शिफ्ट की डिटेल्स जारी की गई हैं। 27 और 28 अक्टूबर को परीक्षा नहीं होगी। 29 अक्टूबर को और उसके बाद किस उम्मीदवार की परीक्षा किस दिन होगी, इसकी जानकारी 18 अक्टूबर को दी जाएगी।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

  • सबसे पहले indianrailways.gov.in की वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर दिए गए Click here to Download E-Call Letter के लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना यूजर आइडी और जन्मतिथि डालें।
  • लॉग-इन करने के बाद आपका एडमिट कार्ड आपके सामने आ जाएगा। इसका प्रिंट आउट ले लें।

आर्मी स्कूल में 8000 पदों पर होगी भर्ती, आवेदन से जुड़ी हर जानकारी यहां है

नई दिल्ली । आर्मी पब्लिक स्कूल ने 8000 खाली पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। ये भर्तियां PGT, TGT और PRT के पदों पर की जाएंगी। अगर आप भी आवेदन करने के इच्छुक हैं, तो देर मत कीजिए। आर्मी पब्लिक स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट aps-csb.in पर इन भर्तियों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी, टीचर्स की भर्ती के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कंबाइंड सलेक्शन स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन करेगी। यह परीक्षा 17-18 नवंबर को आयोजित कराई जाएगी। इन पदों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर है।

आवेदन करने की आयु सीमा फ्रेशर और अनुभवी टीचर्स के लिए अलग-अलग रखी गई है। फ्रेशर के लिए यह आयु सीमा 40 वर्ष है, वहीं अनुभवी टीचर्स के लिए यह आयु सीमा 57 वर्ष रखी गई है। हालांकि 57 वर्ष आयु वर्ग वाले अभ्यर्थियों को 5 साल का अध्यापक पद पर अनुभव होना जरूरी है। हालांकि दिल्ली के लिए यह आयु क्रमशः 29 और 40 वर्ष रखी गई है। 3 दिसंबर तक इस परीक्षा का रिजल्ट आने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण जानकारियां

  • पोस्ट: टीजीटी, पीजीटी, पीआरटी
  • आयु सीमा: 40 साल अधिकतम
  • शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास रिलेवेंट डिसिप्लिन में ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन/बीएड की डिग्री होनी चाहिए। अप्लाई करने से पहले ऑरिजनल नोटिफिकेशन जरूर चेक करें।
  • चयन प्रक्रिया: कंडीडेट्स का सिलेक्शन स्क्रीनिंग टेस्ट, लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के बेसिस पर होगा।
  • आवेदन शुल्क: 500 रुपये
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि: 24-10-2018

Air Force Day: वायुसेना ने दिखाई अपनी ताकत, PM के साथ-साथ देश ने भी किया सलाम

गाजियाबाद । दिल्ली से सटे गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर सोमवार को वायुसेना का 86वां स्थापना दिवस मनाया गया। जहां शुरुआत में परेड के दौरान आकाशगंगा टीम के पैरा जंपर्स ने एयरबेस पर 8000 फीट की ऊंचाई से नीचे छलांग लगाई वहीं, एयरफोर्स के जवानों ने बाद में कई हैरान करने वाले करतब भी दिखाए।

एयर शो के दौरान भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों में शुमार मिग-29, जगुआर, मिराज और सुखोई समेत कई एयरक्राफ्ट शामिल हुए और बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस दौरान सूर्य किरण और सारंग टीम ने प्रदर्शन किया। एयर शो के दौरान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर लगातार तीसरे साल परेड देखने के लिए पहुंचे। वायुसेना ने उन्हें ग्रुप कैप्टन रैंक दी है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को हिंडन एयरबेस पर हुई परेड में 44 अधिकारियों और 258 जवानों बेहतरीन प्रदर्शन किया। वायुसेना के 86वें स्थापना दिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारतीय वायुसेना के कार्यों की सराहना करते हुए बधाई दी।

कानपुर अाइअाईटी का रिसर्चः हर साल पांच लाख लोगों की जान ले रहा धुआं

कानपुर । वायु प्रदूषण से होने वाली सर्वाधिक मौतों का कारण घर के चूल्हे और जाम के दौरान वाहनों से निकलने वाले धूल और धुएं के छोटे कण हैं। वातावरण में महज 27 फीसद मौजूदगी के बावजूद ये छोटे कण प्रदूषण से होने वाली 70 फीसद मौतों का कारण हैं। यानी हर साल करीब साढ़े तीन लाख लोग इन छोटे धूल कणों के चलते हो रही बीमारियों से मर रहे हैं। चौंकाने वाला यह आंकड़ा आइआइटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पीएचडी छात्रों के शोध में सामने आया है।

देश में वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज (जीबीडी) ने देशभर में वायु प्रदूषण से पांच लाख मौतें होने का आंकड़ा दिया था। आइआइटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. तरुण कुमार गुप्ता के निर्देशन में डॉ. प्रशांत राजपूत और सैफी इजहार ने 2015-16 में शोध शुरू किया। कानपुर को केंद्र में रखकर दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, पटना, जयपुर समेत अन्य कई शहरों से आंकड़े जुटाए।

शोध में सामने आया कि वायु प्रदूषण में 73 प्रतिशत धूल के कण पीएम 2.5 से ऊपर हैं जो सिर्फ शरीर के ऊपरी हिस्सों के लिए खतरनाक हैं लेकिन छोटे कण महज 27 फीसद मौजूदगी के बावजूद लोगों को सब क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव, पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी), टीबीएल कैंसर, अस्थमा और काली खांसी जैसी जानलेवा बीमारियां दे रहे हैं। जो पांच लाख मौतें हुई हैं उनमें 70 फीसद की जान धूल के इन्हीं छोटे कणों ने ली है। छात्रों का यह शोध अंतरराष्ट्रीय जनरल में भी प्रकाशित हुआ है

Translate »