Month: October 2018

पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी का विवादित बयान , कहा- विभाजन के लिए हिंदुस्तान भी जिम्मेदार

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने देश के बंटवारे को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि देश के विभाजन के लिए सिर्फ पाकिस्तान ही जिम्मेदार नहीं था, बल्‍क‍ि हिंदुस्तान भी जिम्मेदार था.

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी दिल्‍ली में सईद नकवी की किताब ‘बीईंग द अदर-द मुस्‍लिम इन इंडिया’ के लॉन्‍च के मौके पर पहुंचे थे. उन्‍होंने सरदार वल्‍लभ भाई पटेल के भारत की आजादी के चार दिन पहले 11 अगस्‍त 1947 को दिए भाषण के बारे में जिक्र करते हुए ये बात बताई.

पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी ने कहा कि लोगों को इस यकीन में ज्‍यादा खुशी होती है कि उस पार रहने वाले लोग (पाकिस्‍तानी) या ब्र‍िटिश भारत के बंटवारे के लिए जिम्‍मेदार हैं. कोई ये नहीं मानना चाहता कि भारत या भारतीय इसके लिए बराबर के जिम्‍मेदार हैं.

अंसारी ने कहा कि सरदार पटेल ने कहा था कि उन्‍होंने ये अहम कदम काफी विचार-विमर्श के बाद उठाया है. अंसारी के मुताबिक, सरदार पटेल ने आगे बताया था कि बंटवारे को लेकर उनके शुरुआती विरोध के बावजूद वे इस बात को मान गए थे कि भारत को संगठित रखने के लिए इसे बांटना ही होगा.

The Vice President, Mohammad Hamid Ansari

 

बता दें कि इससे पहले भी पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी विवादित बयान देने के चलते चर्चा में आ चुके हैं. जुलाई महीने में ही उन्‍होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर के ‘हिंदू-पाकिस्तान’ वाले बयान को सही बताते हुए कहा था कि थरूर पढ़े-लिखे आदमी हैं. उन्होंने जो भी कहा होगा सोच-समझ कर कहा होगा. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि मैंने अभी उनका बयान नहीं पढ़ा है लेकिन जो उन्होंने कहा होगा सही ही कहा होगा.

बता दें कि बुधवार को ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर करारा हमला बोला था. उन्होंने कहा कि अगर साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी जीती, तो हिंदुस्तान का संविधान खतरे में पड़ जाएगा. भारत हिंदू पाकिस्तान बन जाएगा.

वित्तीय नतीजे / विप्रो को जुलाई-सितंबर में 1889 करोड़ रु का मुनाफा, पिछले साल से 14% कम

बेंगलुरु. देश की तीसरी बड़ी आईटी कंपनी विप्रो को जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,889 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। यह जुलाई-सितंबर 2017 के 2,191.80 करोड़ रुपए के मुकाबले 13.8% कम है। हालांकि, रेवेन्यू 8.32% बढ़कर 14,541 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल यह 13,423.40 करोड़ रुपए था। कंपनी ने बुधवार को बोर्ड मीटिंग के बाद नतीजे घोषित किया।

आईटी सर्विस रेवेन्यू 4.9% बढ़ा

आईटी सर्विस रेवेन्यू तिमाही आधार पर 4.9% बढ़कर 14,377 करोड़ रुपए रहा। अप्रैल-जून तिमाही में यह 13,700 करोड़ रुपए था। कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा आईटी सर्विस से ही आता है। हालांकि, आईटी सेगमेंट के एबिट में कमी आई है। यह 2,100 करोड़ रुपए रहा। अप्रैल-जून में यह 2,397 करोड़ रुपए था।

एक अप्रैल 2020 से बीएस-4 वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. एक अप्रैल 2020 से देश में भारत स्टेज (बीएस)-4 वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यह आदेश दिया। कोर्ट ने 27 अगस्त को इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा था। बीएस-4 प्रदूषक उत्सर्जन का मानक है। केंद्र सरकार ने 2016 में यह घोषणा की थी कि बीएस-5 मानकों से आगे बढ़कर 2020 तक बीएस-6 मानक लागू किए जाएंगे। बीएस-6 ईंधन में बीएस-4 के मुकाबले सल्फर काफी कम होता है। इससे प्रदूषण घटता है। उच्च बीएस मानकों वाले वाहन कम प्रदूषण फैलाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां बीएस-6 ईंधन सप्लाई के लिए रिफाइनरियों में 28,000 करोड़ रुपए लगाएंगी।

जून 2020 तक का समय चाहती थी सरकार

सरकार चाहती थी कि ऑटो कंपनियों को पुराना स्टॉक बेचने के लिए 30 जून 2020 तक का समय मिले। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट की एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह इसके खिलाफ थीं। उन्होंने बिना बीएस-6 मानक वाले भारी वाहनों की बिक्री के लिए 30 सितंबर 2020 तक का समय देने के प्रस्ताव का भी विरोध किया

दिल्ली-NCR पर छाई है प्रदूषण की गहरी चादर, चौंकाती हैं आपके शहर की ये तस्वीरें

नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण लगातार खतरनाक स्थिति में बना हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ऊपर प्रदूषण की चादर धीरे-धीरे मोटी होती जा रही है। बुधवार को ये स्थित और खतरनाक हो गई। बुधवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर के शहरों के ऊपर प्रदूषण की मोटी चादर छाई हुई है

मालूम हो कि दिल्ली-एनसीआर में हर साल दीपावली से ठीक पहले वायु प्रदूषण जानलेवा स्थिति में पहुंच जाता है। पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण को रोकने के तमाम सरकारी प्रयास किए जा रहे हैं, बावजूद स्थिति में ज्यादा कोई खास सुधार होता नहीं दिख रहा है। दिल्ली-एनसीआर में लोगों को प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने 1200 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज भी काफी पहले से घोषित कर रखा है, लेकिन राज्यों की सुस्ती की वजह से इसका भी खास असर होता नहीं दिख रहा है। जानकारों का मानना है कि हर साल की तरह इस बार भी दिल्ली जल्द ही गैस चेंबर में तब्दील होने वाली है।

मंगलवार को दिल्ली के लोधी रोड पर पीएम10 का स्तर 237 और पीएम 2.5 का स्तर 214 रहा। एयरक्वालिटी इंडेक्स के अनुसार दोनों की स्थिति खराब श्रेणी में है। राजधानी में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने सोमवार और मंगलवार को अहम बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सीएम नीतीश कुमार के साथ चलने को तैयार कन्हैया, लेकिन ये है शर्त…

पटना । भारतीय कम्‍युनिष्‍ट पार्टी (भाकपा) के नेता एवं जवाहरलाल नेहरू विवि (जेएनयू) छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के साथ आने को तैयार हैं, लेकिन उनकी एक शर्त है। उन्‍होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के संविधान को बचाने के लिए आगे आएं तो वे उनके साथ चलने के लिए तैयार हैं। कन्हैया 25 अक्टूबर को पटना के गांधी मैदान में पार्टी की ओर से आयोजित ‘भाजपा हराओ, देश बचाओ’ रैली को लेकर मीडिया से मुखातिब थे।

जनहित के मुद्दे उठाने वाले बताए जाते राष्‍ट्रविरोधी

केंद्र की पीएम मोदी सरकार की आलोचना करते हुए उन्‍होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है। जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को राष्ट्रविरोधी बता दबाया जाता है। लोकतंत्र व संविधान के रहने पर ही देश बचेगा। उन्‍होंने कहा कि भाकपा की 25 अक्‍टूबर को पटना के गांधी मैदान में आयोजित रैली ऐतिहासिक होगी।

भाकपा की रैली में शामिल होंगे तेजस्‍वी!

कन्हैया ने कहा कि यह रैली किसी पार्टी को मजबूत करने के लिए नहीं, देश बचाने के लिए आयोजित की गई है। है। इसमें सभी विपक्षी दलों के बुलाया गया है। कांग्रेस की ओर से गुलाम नबी आजाद तथा राजद से तेजस्‍वी यादव भी इसमें शामिल हो सकते हैं।

लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव

मीडिया से बातचीत में कन्हैया ने अपने लोकसभा चुनाव लड़के को लेकर कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो जरूर लड़ेंगे।

Ind vs WI: कोहली ने दूसरे वनडे में भी ठोका शतक, इस बार नहीं दोहराई पहली वाली गलती

नई दिल्ली । विशाखापत्तनम में दूसरे वनडे मैच में विराट कोहली ने मौजूदा सीरीज़ का दूसरा शतक ठोक दिया। ये विराट कोहली का वनडे क्रिकेट का 37वां वनडे शतक रहा। इससे पहले गुवाहाटी में खेले गए वनडे मैच में भी विराट ने 140 रन की शानदार पारी खेली थी। इस मैच में विराट कोहली ने वो गलती नहीं की जो उन्होंने पांच साल पहले इसी मैदान पर इसी टीम के खिलाफ की थी।

कोहली ने इस बार नहीं की गलती

विशाखापत्तनम के इस मैदान पर ये विराट कोहली का तीसरा वनडे शतक रहा। इससे पहले कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी मैदान पर 2010 में 118 रन की पारी खेली थी। इसके बाद कोहली ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ ही 2011 में यहां पर शतक ठोका था, लेकिन 2013 में इसी मैदान पर कोहली कैरेबियाई टीम के खिलाफ ही 99 रन पर आउट होकर शतक से चूक गए थे। इस बार विराट कोहली ने ये गलती नहीं की और अपने वनडे करियर का 37वां शतक ठोक दिया।

कोहली ने ऐसे ठोका 37वां वनडे शतक

विराट कोहली ने इस मैच में अपना 37वां वनडे शतक लगाने के लिए 106 गेंदों का सामना किया। इस पारी में कोहली के बल्ले से 10 चौके निकले। इस पारी में कोहली ने रायुडू के साथ मिलकर 139 रन की साझेदारी की। इसके बाद रायुडू 73 रन बनाकर आउट हो गए और फिर कोहली ने धौनी के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद धौनी भी 25 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हो गए। पंत भी अपनी पहली वनडे पारी में 17 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन कोहली डटे रहे और उन्होंने एक छोर को मजबूती से थामे रखा।

कोहली ने ऐसे ठोका 37वां वनडे शतक

विराट कोहली ने इस मैच में अपना 37वां वनडे शतक लगाने के लिए 106 गेंदों का सामना किया। इस पारी में कोहली के बल्ले से 10 चौके निकले। इस पारी में कोहली ने रायुडू के साथ मिलकर 139 रन की साझेदारी की। इसके बाद रायुडू 73 रन बनाकर आउट हो गए और फिर कोहली ने धौनी के साथ भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद धौनी भी 25 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हो गए। पंत भी अपनी पहली वनडे पारी में 17 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन कोहली डटे रहे और उन्होंने एक छोर को मजबूती से थामे रखा।

अमृतसर हादसा: आक्रोश थामने को सरकार लगाएगी मुआवजे का मरहम, मृतकों की संख्‍या 62 हुई

अमृतसर। जोड़ा फाटक के नजदीक हुए हादसे में हुई मौतों का कसूरवार कौन है, इसका सरकारी विश्लेषण अथवा समीक्षा हो रही है। मामला राजनीतिक है। जाहिर सी बात है कि कसूरवार घोषित करना सरकार के लिए टेढ़ी खीर है। ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों का आक्रोश फूट रहा है और वे विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार उनके विरोध को शांत करने के लिए जख्‍म पर मुआवजे का मरहम लगाने की तैयारी में है। घायलों व मृतकों के परिजनों को दो या तीन दिन में मुआवजा राशि दे दी जाएगी। दूसरी ओर, हादसे में घायल एक और व्‍यक्ति ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्‍या 62 हाे गई है।

मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देेने की घोषणा की थी। हादसे में अब तक 62 लोगों की जान गई है और 142 घायल लोग हुए हैैं। मुआवजा राशि देने के लिए सरकार ने सभी अस्पतालों से मरीजों का रिकार्ड मंगवा लिया है। स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा कि मृतकों व घायलों की सूची तैयार कर ली गई है। राजस्‍व विभाग मुआवजा राशि जारी करने के लिए काम कर रहा है। मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। संभावित है कि हम दो दिन में मुआवजा राशि जारी कर देंगे।

पेट्रोल पंप बंद होने से घबराए नहीं, दिल्ली में ‘कोको’ है ना; यहां पर टंकी करवाए फुल

नई दिल्ली । दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) घटाने की मांग को लेकर दिल्ली के 400 से अधिक पेट्रोल पंप सोमवार को बंद हैं, जो मंगलवार सुबह ही खुलेंगे। ऐसे में दिल्लीवासियों को इससे खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोगों को दिल्ली बॉर्डर से सटे नोएडा, फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद से पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं। लेकिन लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। वाहन चालकों के पास दिल्ली में कई पेट्रोल पंपों के विकल्प हैं, जहां से आसानी से उचित कीमत पर पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। आइये जानते हैं दिल्ली वासियों के पास क्या है अपने वाहनों में पेट्रोल-डीजल डलवाने का विकल्प।

दिल्ली में भले ही पेट्रोलियम डीलर्स की हड़ताल चल रही है, लेकिन कंपनी ऑन्ड कंपनी ऑपरेटेड  (COCO) से पेट्रोल पंप खुले हैं, जहां पर बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल-डीजल डलवा रहे हैं। इसके पीछे वजह यह है कि COCO से संबंधित पेट्रोल पंप तेल कंपनियों द्वारा खुद संचालित किए जाते हैं। ऐसे में डीलर्स का इनसे कोई लेन-देना नहीं होता है। यही वजह है कि हड़ताल कर रहे 400 पेट्रोल पंपों में इनके पंप शामिल नहीं हैं। ऐसे में COCO आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। अगर आपकी गाड़ी में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी ख़त्म हो गई है, तो आप COCO पेट्रोल पंपों पर जाकर अपनी गाड़ियों की टंकियां भरवा सकते हैं।

PayTm का डाटा चोरी कर मांगी 10 करोड़ की रंगदारी, महिला वीपी समेत तीन गिरफ्तार

नोएडा। मोबाइल वॉलेट की नामी कंपनी पेटीएम का गोपनीय डाटा चोरी कर मालिक से 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। मामले में नोएडा की थाना सेक्टर-20 पुलिस ने कंपनी की महिला वाइस प्रेसिडेंट, उसके पति और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला वाइस प्रेसिडेंट का नाम सोनिया धवन है। वह कंपनी के मालिक विजय शेखर शर्मा का निजी काम भी देखती थी। उसने एक अन्य कर्मचारी देवेंद्र की मदद से कंपनी का गोपनीय डाटा चोरी कर लिया। इसके बाद वह कंपनी मालिक को ब्लैकमेल कर 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने लगी। इस पूरे प्रकरण में सोनिया का पति रूपक जैन भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार आरोपी सितंबर महीने से कंपनी मालिक से 20 करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। रंगदारी न देने पर आरोपी कंपनी का गोपनीय डाटा सार्वजनिक करने की धमकी दे रहे थे। बताया जा रहा है कि कंपनी मालिक आरोपियों को दो लाख रुपये दे भी चुके थे। इसके बाद भी आरोपी अब भी कंपनी मालिक से 10 करोड़ रुपये की और मांग कर रहे थे।

आरोपियों की धमकी से परेशान होकर कंपनी मालिक विजय शेखर ने मामले में नोएडा पुलिस से शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आरोपियों के पास से काफी मात्रा में कंपनी का गोपनीय डाटा भी बरामद हुआ है।

कंपनी ने कहा आरोप सिद्ध न होने तक कर्मचारियों के साथ हैं
मामले में पेटीएम कंपनी का कहना है कि नोएडा पुलिस ने फिरौती मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमे पेटीएम की एक महिला कर्मचारी भी शामिल है। कर्मचारी ने अपने सहयोगियों के साथ पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा का व्यक्तिगत डेटा लीक करने के बहाने उनसे पैसे निकालने का प्रयास किया था। पुलिस के किसी निष्कर्ष पर पहुँचने तक पेटीएम अपने कर्मचारियों  के साथ है।

पहली बार सामने आई हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी की चयन प्रक्रिया, हर 20 में से एक छात्र को ही मिलता है एडमिशन

न्यूयॉर्क. हर साल हजारों छात्र यही सोचते हैं कि ए ग्रेड अौर परफेक्ट 10 का स्कोर होने के बावजूद वे हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन क्यों नहीं ले पाते? उन्हें एडमिशन नहीं मिल पाने की वजह यह है कि हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी हर 20 में से एक ही छात्र को चुनती है। पढ़ाई के पिछले रिकॉर्ड से ज्यादा एथलीटिक्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर जोर दिया जाता है।

अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स और वेबसाइट ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी को हर साल 43 हजार एप्लीकेशंस मिलती हैं, लेकिन सिर्फ 2024 ही एडमिशन ले पाते हैं। बॉस्टन की एक फेडरल कोर्ट में सुनवाई के दौरान हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों को प्रवेश देने की प्रक्रिया से जुड़ा आंकड़ा पहली बार दुनिया के सामने आया। हॉर्वर्ड पर एशिया और अमेरिकी एप्लीकेंट्स के साथ भेदभाव करने का आरोप है।

हॉर्वर्ड के मुकाबले बाकी यूनिवर्सिटी में अर्जियां ज्यादा
अमेरिका में सिर्फ हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी ऐसी नहीं है, जिसके पास सबसे ज्यादा एप्लीकेशंस आती हैं। दो साल पहले कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के पास एक लाख एप्लीकेशंस पहुंची थीं। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए इस साल 75 हजार एप्लीकेशंस आईं।

हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के डीन विलियम आर फित्जसिमंस ने कोर्ट में दी गवाही में सिलेक्शन प्रॉसेस बताई

पहले एप्लीकेशंस को 20 ग्रुप्स में बांटा जाता है। इन्हें कैलिफोर्निया, टैक्सास, वर्जीनिया, मैरीलैंड, डेलावेयर और कोलंबिया जैसे शहरों के मुताबिक रखा जाता है। इन्हें डॉकेट्स कहते हैं।

  • इसके बाद चार से पांच एडमिशन ऑफिसर्स की एक सबकमेटी छात्रों के लिखे निबंध, ट्रांस्क्रिप्ट्स, टेस्ट स्कोर्स और रिकमेंडेशन लेटर्स खंगालती है। सबकमेटी यह भी देखती है कि छात्र किस नस्ल या किस क्षेत्र का रहने वाला है।
  • इसके बाद हर एप्लीकेशन की एक समरी शीट बनती है। इसमें कमेंट्स होते हैं और उम्मीदवार को 1 से 6 के बीच रेटिंग दी जाती है। 1 यानी सबसे बेहतर और 6 यानी सबसे कम और एडमिशन की संभावना ही नहीं।
  • यह रेटिंग एकेडमिक, एक्स्ट्रा करिकुलर, एथलीटिक और पर्सनल रिकॉर्ड पर दी जाती है। पर्सनल कैटेगरी में छात्र के लीडरशिप स्किल्स और कैरेक्टर को देखा जाता है।
  • कुछ एप्लीकेशंस को सबकमेटी के ही अन्य सदस्यों को भी दिया जाता है ताकि वे भी अपनी रेटिंग लिख सकें। असमंजस की स्थिति में एक प्रोफेसर भी रेटिंग्स को पढ़ता है।
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