Day: September 27, 2018

10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के टाइम टेबल में बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2019 में होने वाली दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं के टाइम टेबल में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड अगले साल बोर्ड परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित करेगा। फरवरी में वोकेशनल विषयों की परीक्षा आयोजित होगी। जबकि एकेडमिक विषयों की परीक्षा पहले की भांति मार्च में बाहरी सेंटरों पर आयोजित की जाएगी। इन विषयों में भाषा, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉयोलॉजी, भूगोल, इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज, एकाउंटेंसी, समेत अन्य अन्य विषय शामिल हैं। सीबीएसई ने यह निर्णय अदालत के आदेश के अनुसरण में लिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में दिल्ली विश्वविद्यालय व सीबीएसई को निर्देशित किया था कि वह अगले शैक्षिक सत्र के लिए दाखिले के लिए सीबीएसई रिजल्ट, पुनर्मूल्यांकन के परिणामों, व कटऑफ की तिथियों का ध्यान रखें। ताकि छात्रों को परेशानी उठानी ना पड़े। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई व डीयू को आपस में बात कर इस दिशा में कदम उठाने को कहा था। काफी विचार-विमर्श के बाद सीबीएसई ने फरवरी के उत्तरार्द्ध में सभी वोकेशनल विषयों की परीक्षा कराने का फैसला किया। बोर्ड की ओर से बारहवीं में 40 वोकेशनल विषय व दसवीं में 15 वोकेशनल विषय का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है।
बोर्ड दसवीं व बारहवीं में 55 एकेडमिक विषयों का देता है विकल्प 
ऐसे विषयों जिनमें थ्योरी कम व प्रैक्टिकल का भाग ज्यादा होता है, उन विषयों की परीक्षा भी फरवरी में ही आयोजित की जाएगी। इनमें टाइपोग्रॉफी, कंप्यूटर ऐप्लिकेशन (अंग्रेजी), वेब ऐप्लिकेशन, ग्राफिक्स, ऑफिस कम्यूनिकेशन जैसे विषय शामिल हैं। इससे बोर्ड को मुख्य परीक्षा व पुनर्मूल्यांकन परीक्षा के रिजल्ट जल्दी देने में सुविधा होगी। सीबीएसई दसवीं व बारहवीं में 240 एकेडमिक विषयों का विकल्प देता है। बारहवीं में भाषा अनिवार्य विषय के रुप में होती है। जबकि दसवीं में भाषा, गणित, साइंस व सोश्ल साइंस अनिवार्य विषय होते हैं। सीबीएसई के जिन विषयों की परीक्षा फरवरी व मार्च में होगी, उनके संबंध में अगले सप्ताह जानकारी जारी कर दी जाएगी।

भारत और बांग्लादेश में होगा फाइनल मुकाबला

मुशफिकुर रहीम (99) भले ही एक रन से शतक से चूक गए लेकिन विषम परिस्थितियों में खेली गई उनकी शानदार पारी और मुस्तफिजुर रहमान (4/43) की उम्दा गेंदबाजी के दम पर बांग्लादेश ने बुधवार को एशिया कप के करो या मरो के सुपर फोर मुकाबले में पाकिस्तान को 37 रन से शिकस्त देकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। पाक की हार के साथ ही क्रिकेट प्रेमियों की दो चिर प्रतिद्वंद्वियों भारत-पाक के बीच एक और महामुकाबला देखने की हसरत अधूरी रह गई।

अब खिताबी मुकाबले में शुक्रवार को बांग्लादेश का सामना टीम इंडिया से होगा। बांग्लादेश से मिले 240 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सरफराज अहमद की टीम 50 ओवर में नौ विकेट पर 202 रन ही बना पाई।

आज से फ्रिज-एसी-वाशिंग मशीन समेत 19 विदेशी वस्तुएं महंगी

आयातित एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन अब महंगे हो जाएंगे। सरकार ने इन वस्तुओं के साथ-साथ 19 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है, ताकि बढ़ते चालू खाता घाटा (सीएडी) पर लगाम लगाया जा सके। ये शुल्क बुधवार मध्य रात से ही लागू होगा। सरकार ने कहा कि ये सब सामान गैर जरूरी हैं, इसलिए इनके आयात को हतोत्साहित करने के लिए शुल्क बढ़ाया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने आयात किए जाने वाले कुछ सामानों का आयात घटाने के लिए आधारभूत सीमा शुल्क में बढ़ोतरी के जरिए शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। इन बदलावों का मकसद चालू खाता घाटा को कम करना है। कुल मिलाकर 19 सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है।

अब आयात किए जाने वाले एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर तथा 10 किलो तक के वाशिंग मशीन पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ा कर 20 फीसदी कर दिया गया है। यही नहीं, एयर कंडीशनर तथा रेफ्रिजरेटर के कंप्रेशर पर भी आयात शुल्क 7.5 फीसदी से बढ़ा कर 10 फीसदी कर दिया गया है।

इन वस्तुओं के अलावा स्पीकर, जूते, रेडियल कार टायर, आभूषण सामग्रियां, कई तरह के हीरे, बाथरूम, रसोई और घरों में काम आने वाले कुछ साजो-सामान, प्लास्टिक के कुछ खास सामान तथा ऑफिस स्टेशनरी, ट्रंक तथा हवाई जहाज के इंधनों पर भी शुल्क बढ़ा है। इस दायरे में शामिल अन्य वस्तुओं में वाशिंग मशीन, स्पीकर्स, रेडियल कार टायर, आभूषण, रसोई के सामान, कुछ प्लास्टिक के सामान और सूटकेस शामिल हैं। बता दें कि एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन (जिनका भार 10 किलोग्राम से कम है) पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।

Translate »