Day: September 18, 2018

RRB Recruitment 2018: रेलवे ने 2 हजार 600 पदों पर निकाली वैकेंसी, जानिए क्या है योग्यता

नई दिल्ली: उत्तरी रेलवे (Railway) ने ट्रैक मैन के 2600 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है. रेलवे ने ये वैकेंसी रिटायर या सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों के लिए निकाली हैं. इन पदों पर आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 साल है. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवार 15 अक्टूबर तक ही आवेदन कर सकते हैं.

आपको बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड ग्रुप डी (RRB group D) के पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित कर रहा है. 18 सितंबर को दूसरे दिन की भर्ती परीक्षा (Railway Group D Exam) होगी. भर्ती परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड होगी.

वैकेंसी से संबंधित जानकारी


पद का नाम

ट्रैक मैन

पदों की संख्या
2600

योग्यता
इन पदों पर सिर्फ रिटायर या सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं.

आयु सीमा
आवदेन करने के लिए उम्मीदवार की अधिकतम आयु 65 साल निर्धारित की गई है.

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ऐसे करें आवेदन 
इच्छुक उम्मीदवार पीपीओ की मूल प्रति, सेवा प्रमाण पत्र, सेवानिवृत्त पर जारी पहचान पत्र और IFSC कोड सहित मण्डल कर्मचारी अधिकारी/मुरादाबाद को भेज आवेदन सकते हैं. उम्मीदवार 15 अक्टूबर तक ही आवेदन कर सकते हैं.

आशु महाराज पर लगा मां-बेटी से रेप का आरोप, जानिए ऐसे ही 10 फर्जी बाबाओं की कहानी

नई दिल्‍ली: हमारे देश में लोग अध्‍यात्‍म पर करते रखते हैं और उसके अनुसार अपने जीवन को ढालने की कोशिश करते हैं. अध्‍यात्‍म और परम पिता परमेश्‍वर तक पहुंचने वाले गुरुओं पर लोगों की गहरी आस्‍था और विश्‍वास है. हमारी संस्‍कृति में गुरु को ईश्‍वर से ऊपर दर्जा दिया गया है क्‍योंकि आत्‍मा से परमात्‍मा का मिलन कराने में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका है. भारत की धरती एक से बढ़कर एक महान गुरुओं की जननी रही है जिन्‍होंने समस्‍त मानव जाति का कल्‍याण किया. लेकिन पिछले कई समय से पाखंडी, फर्जी और षड्यंत्रकारी गुरुओं के कई मामले सामने आए हैं. आसराम बापू और राम रहीम समेत कई ऐसे बाबा हैं जिनका नाम रेप, हत्‍या और यौन शोषण के मामले में शामिल होने की वजह से सुर्खियों में छाया रहा. ताजा मामला खुद को ज्‍योतिषि बताने वाले आशु महाराज उर्फ आसिफ मोहम्‍मद खान का है. यहां पर हम आपको ऐसे ही 10 बाबाओं या धार्मिक गुरुओं के बारे में बता रहे हैं जिन पर कई संगीन आरोप लगे हैं.

1. आशु महाराज
आशु महाराज को पुलिस ने एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ दिल्‍ली स्थित अपने आश्रम में बलात्‍कार करने के आरोप में हाल ही में गिरफ्तार किया है. आशु महाराज का असली नाम आसिफ मोहम्‍मद है और शुरुआत में वह पंचर बनाने का काम करता था. बहुत कम लोग यह जानते हैं कि बलात्‍कार का आरोपी आशु महाराज हिन्‍दू नहीं बल्‍कि मुस्लिम है. पुलिस पूछताछ में उसने यह बताया कि मुस्लिम धर्मगुरु बनने पर उसे उतने पैसे नहीं मिल सकते थे जितने हिन्‍दू धर्मगुरु बनने पर मिलते. आशु नाम रखते ही उसका ज्‍योतिष का धंधा चल निकला. आपको बता दें कि उसका दिल्‍ली के पॉश इलाके हॉजखास में एक आश्रम है. कहा जाता है कि वह हाथ देखने के एवज में 25 हजार रुपये फीस लेता था.
2. आसाराम

आसाराम ने अपने धर्म की दुकान गुजरात के अहमदाबाद से शुरू की. धर्म का सहारा लेकर उसने अरबों का साम्राज्य खड़ा किया है. एक नाबालिग शिष्‍या से रेप के आरोप में जोधपुर कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा दी है. वह आशीर्वाद देने के नाम पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और बलात्कार करता था.

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3. राधे मां 
खुद को देवी बताने वाली सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां का विवादों से पुराना नाता है. ये भक्तों की गोद में बैठने तक के पैसे लेती हैं. चार अप्रैल 1965 में पंजाब के जिले गुरुदासपुर के दोरंगला गांव में जन्मीं सुखविंदर कौर पति की खराब आर्थिक हालत के चलते मुंबई में दूसरे के घरों में काम करती थीं. महज 10वीं तक पढ़ी राधे मां की 17 साल उम्र में शादी हुई थी. कुछ साल पहले इन्होंने खुद को महंत घोषित कर दिया था. इनपर खुदकुशी के लिए उकसाने जैसे गंभीर मामले चल रहे हैं.

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4. सचिदानंद गिरी
नोएडा और गाजियाबाद में रियल एस्टेट के साथ बीयर बार-पब जैसे कारोबार से जुड़े रहने वाले सचिन दत्ता उर्फ सचिदानंद अचानक से बाबा बन गए. आरोप है कि इन्होंने धोखे से निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर बन गए. इनके दीक्षा दिलाने के अवसर पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए थे, तत्कालीन सपा सरकार के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी उसमें शरीक हुए थे.

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5. गुरमीत राम रहीम
सिरसा के डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पिछले साल रेप के मामले में दोषी पाया गया. 15 अगस्त 1967 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में जन्‍मा राम रहीम 1990 में डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख बना. ये खुद को रॉकस्टार बाबा के रूप में प्रस्तुत करता रहा. इसने फिल्मों में भी अभिनय किया है. रेप के अलावा वह पत्रकार और सेवादार की हत्या मामले में भी आरोपी है.

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6. ओम बाबा
एक न्यूज चैनल पर बहस के दौरान मारपीट करने और टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में अपनी बेहूदा हरकतों के चलते ओम बाबा सुर्खियों में आया. टाडा आर्म्स एक्ट केस के चलते ओमजी स्वामी पांच साल जेल में सजा काट चुका है. साल 1972 में उसने साधु का रूप धारण किया. उसके मुताबिक दिल्ली के मोतीबाग में कांग्रेस की सेक्रेटरी रहीं रानी प्रेमलता के यहां ही वह बाबा से साधु बना. उस पर चोरी और ठगी जैसे आरोप हैं.

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7. निर्मल बाबा
टीवी चैनलों पर निर्मल बाबा काफी लोकप्रिय है. ये ऊटपटांग उपाय बताकर लोगों की समस्याएं सुलझाता है. झारखंड के वरिष्ठ राजनेता इंदर सिंह नामधारी के मुताबिक निर्मल बाबा उनके रिश्तेदार हैं. निर्मल बाबा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है और इस पर आय से अधिक संपत्ति समेत कई मामले दर्ज हैं.

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8. भीमानंद महाराज
1988 में दिल्ली के नेहरू प्लेस स्थित एक फाइव स्टार होटल में गार्ड की नौकरी करने वाले भीमानंद अचानक से बाबा बन गया. 12 साल में भीमानंद ने करोड़ों की संपत्ति बना ली थी. ये कथित बाबा सेक्स रैकेट चलाने और चीटिंग करने के आरोप में जेल जा चुका है. भीमानंद उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के चमरौहा गांव का रहना वाला है. स्वामी भीमानंद खुद को साईं बाबा का अवतार बताता रहा. इसका असली नाम शिव मूरत द्विवेदी है.

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9. बृहस्पति गिरि
उत्तर प्रदेश में अलखनाथ ट्रस्ट के कई मंदिर हैं. बृहस्पति गिरि पर आरोप है कि उसने जालसाजी से अलखनाथ ट्रस्ट के मंदिरों पर अधिकार हासिल करने की कोशिश की. उस पर अलखनाथ ट्रस्ट के पूर्व महंत धर्म गिरि की हत्या के आरोप लगते रहे हैं.
10.नारायण साईं
आसाराम का बेटा नारायण साईं भी खुद को महंत घोषित कर चुका है. नारायण साईं पर यौन शोषण और हत्या के आरोप हैं. ये भी लंबे समय से जेल में है.

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बहरहाल, हम तो यही कहेंगे कि किसी को गुरु मानने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन अंधविश्‍वास करना गलत है. हमारी अंधभक्ति और बेवकूफियों की वजह से ही ऐसे असमाजिक तत्‍व समाज के कर्णधार बन जाते हैं और अपने फायदे के लिए लोगों की जिंदग‍ियों से खेलने लगते हैं.

सरकार का बड़ा ऐलान : देना, विजया और बैंक ऑफ बड़ौदा का होगा विलय, बनेगा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक

नई दिल्ली: सरकार ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों-बैंक आफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का आपस में विलय किया जाएगा. इसके साथ देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा. यह निर्णय बैंकों की कर्ज देने की ताकत उबारने और आर्थिक वृद्धियों को गति देने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है. उल्लेखनीय है कि पिछले साल भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी पांच अनुषंगी इकाइयों का स्वयं में विलय किया था. साथ ही महिलाओं के लिये गठित भारतीय महिला बैंक को भी मिलाया था. योजना की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि इससे बैंक मजबूत और मजबूत होंगे तथा उनकी कर्ज देने की क्षमता बढ़ेगी. विलय के कारणों को बताते हुए उन्होंने कहा बैंकों की कर्ज देने की स्थिति कमजोर होने से कंपनियों का निवेश प्रभावित हो रहा है. वित्त मंत्री ने कहा कि कई बैंक नाजुक स्थिति में है और इसका कारण अत्यधिक कर्ज तथा फंसे कर्ज (एनपीए) में वृद्धि है. उन्होंने कहा, ‘‘विलय के बाद अस्तित्व में आनी वाली इकाई बैंक गतिविधियां बढ़ाएंगी.’’ एसबीआई की तरह विलय से तीनों बैंकों के कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा.

सरकार की 21 बैंकों में बहुलांश हिस्सेदारी है. इन बैंकों की एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की बैंक परिसपंत्ति में दो तिहाई से अधिक हिस्सेदारी है. हालांकि इसके साथ इन सार्वजनिक बैंकों का फंसे कर्ज में भी बड़ी हिस्सेदारी है. इस डूबे कर्ज के कारण क्षेत्र प्रभावित है और वैश्विक बासेल-तीन पूंजी नियमों के अनुपालन के लिये अगले दो साल में करोड़ों रुपये चाहिए. वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने राजधानी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तीनों बैंकों के निदेशक मंडल विलय प्रस्ताव पर विचार करेंगे. ‘इस विलय से परिचालन दक्षता और ग्राहकों की मिलने वाली सेवा बेहतर होगी.

उन्होंने कहा कि विलय के बाद अस्तितव में आने वाला बैंक तीसरा सबसे बड़ा बैंक होगा पैमाने की मितव्ययिता के साथ मजबूत प्रतिस्पर्धी होगा. कुमार ने कहा कि नेटवर्क, कम-लागत जमा और अनुषंगी इकाइयों के मामले में बेहतर तालमेल होगा. उन्होंने कहा कि कर्मचारियो के हितों तथा ब्रांड इक्विटी का संरक्षण किया जाएगा. कुमार ने कहा कि देना बैंक, विजया बैंक और बैंक आफ बड़ौदा के पूंजी समर्थन सुनिश्चित किया जाएगा.

इंसानियत शर्मसार : नोएडा में 13 साल की बेटी से रेप के आरोप में शख्स गिरफ्तार

नोएडा: दिल्ली से सटे नोएडा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक शख़्स पर अपनी ही बेटी से रेप का आरोप लगा है. दादरी थाने के प्रभारी निरीक्षक राम सेन सिंह ने बताया कि एक महिला ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रविवार रात को उसका पति उसकी 13 वर्षीय बेटी को घर के पास सुनसान जगह ले गया जहां लड़की के साथ मारपीट की और उसके साथ कथित रूप से बलात्कार किया. थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा है.
आपको बता दें कि पिछले दिनों नोएडा से सटे दनकौर क्षेत्र में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी. यहां छठवीं क्लास की छात्रा के साथ गांव के ही एक व्यक्ति ने बलात्कार किया. घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस उपाधीक्षक ग्रेटर नोएडा पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि छठीं कक्षा की छात्रा रात करीब आठ बजे अपने गाय को पानी पिलाने के लिए गई थी. उसे अकेला पाकर गांव के ही रहने वाले संजीव नामक युवक ने उसके साथ बलात्कार किया.

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